वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से *(कॉलम 21 सालों से लगातार ) : आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा.... वक़्त का क्या हैं गुजरता है, गुजर जाएगा....
Praveen Nishee Fri, Jun 12, 2026
लोकसभा चुनाव जीतने के बाद सबसे लम्बे समय तक लगातार पीएम बनने का रिकार्ड नरेंद्र मोदी के नाम हो गया परन्तु पीएम पद पर लम्बे समय तक पदस्थ रहने का रिकार्ड पंडित जवाहर लाल नेहरू, उनके बाद इंदिरा गाँधी का अभी भी बना हुआ हैं।
मोदी का रिकार्ड पर
वादों का क्या.....?
नरेंद्र मोदी अब भारत के सबसे लंबे समय तक लगा तार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं। पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि पंडित नेहरू कुल 16 वर्ष 286 दिनों तक पीएम रहे, दरअसल आजादी के बाद 1947 में नेहरू पीएम बनके 1952 तक यानि पहले लोस चुनाव तक पीएम रहे , निर्वाचित पीएम का रिकार्ड तो मोदी ने तोड़ दिया है, नेहरू के पीएम रहने का रिकार्ड तोड़ने मोदी को 2030 तक पीएम रहना होगा। इंदिरा गाँधी 15 वर्ष 350 दिनों तक 2 अलग कार्यकाल में पीएम रही, 10 जून को मोदी के पी एम पद पर लगातार रहने का 4,399 वां दिन था। मोदी 26 मई 2014 से भारत के पीएम है। 2019 -2024 के चुनाव में भी उन्होंने भारी बहुमत से सत्ता में वापसी की। बीते 12 वर्षों में भाजपा सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई।देश के 21 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में भाजपा औऱ उसके सहयोगियों की सरकार है।आबादी में भाजपा इस वक्त भारत की 76% आबादी पर शासन कर रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगी मात्र 6 राज्यों में सिमट गए हैं तो 4 राज्यों में अन्य दलों की सर कार है। बारह साल पूरे होने पर सरकारें उपलब्धियों का बखान करती हैं, लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है। लेकिन लोकतंत्र में केवल आभार ही नहीं,आकलन होना चाहिए! विज्ञापनों में तो विकास का पहिया चमकदार दिखता है, ज़मीन पर रफ्तार उतनी ही विविध दिखाई देती है। सरकारी विज्ञापन बताते हैं कि करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन मिला, करोड़ों घरों में नल का जल पहुंचा, लाखों परिवारों को आवास मिले,बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड निवेश हुआ। यह तथ्य हैं, इनसे इनकार भी नहीं किया जा सकता। देश में सड़क, रेल,डिजिटल सेवाओं, कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ है।यदि सब कुछ इतना ही शानदार है तो बेरोजगार युवा आज प्रतियोगी परीक्षाओं के कैलेंडर ,भर्ती परिणामों का इंतजार क्यों कर रहे हैँ...!यदि विकास हर नागरिक के रथ का सारथी बन चुका है तो महंगाई से मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग की जेबें क्यों कराह रही हैं! यदि जनकल्याण चरम पर है तो किसान आज भी फसल के उचित दाम और मौसम की मार से राहत के लिए संघर्ष क्यों कर रहे हैं!आज राजनीति में नया सिद्धांत चल पड़ा है...'काम कम दिखाओ प्रचार ज्यादा दिखाओ'। पहले उपलब्धियों के बाद विज्ञापन आते थे,अब विज्ञापनों के बाद उपलब्धियां ही खोजी जाती हैं। सरकारी खर्च से प्रकाशित रंगीन पन्ने जनता को बताते हैं सब कुछ बदल गया है,जनता रोज़मर्रा की समस्याओं से पूछती है। अगर सब बदल गया है, तो हमारी बारी कब आएगी..?लोकतंत्र में सरकार का काम केवल उपलब्धियों की सूची छापना नहीं, बल्कि कमियों का सामना करना भी है। 12 वर्षों का उत्सव मनाइये , लेकिन साथ 12 वर्षों के अधूरे वादों का लेखा-जोखा भी दीजिये । क्योंकि जनता केवल तालियां बजाने वाली भीड़ नहीं, बल्कि अंतिम निर्णायक है। विश्वास विज्ञापन से नहीं, जवाबदेही से बनता है, विकास पोस्टरों से नहीं, लोगों के जीवन में बदलाव से ही दिखता है जनकल्याण भाषणों से नहीं, जनता के चेहरे की संतुष्टि से मापा जाता है।लोक तंत्र में हर उत्सव के साथ एक सवाल भी होना चाहिये..क्या यह केवल उपलब्धियों का जश्न है, या जनता के धैर्य और उम्मीदों की परीक्षा..❓
10 जिलों में महिला
कलेक्टर, 4 में एसपी 
छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 10 में महिला कलेक्टर हैं तो केवल 4 जिलों में ही महिला पुलिस अधीक्षक हैं, वैसे चर्चा हैं कि एक -दो महिलाओं को अगली तबादला सूची में एस पी बनाया जा सकता हैं। छत्तीसगढ़ में हालांकि वरिष्ठ आईए एस रेणुजी पिल्ले को मुख्य सचिव नहीं बनाया गया है, 1994 बैच की ऋचा शर्मा एसीएस, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और बाद में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का प्रमुख प्रभार सौंपा गया।1997 बैच की आईएएस निहारिका बारिक को गृह, जेल का प्रमुख सचिव बनाया गया हैं, 2001 बैच की आईएएस शहला निगार प्रमुख सचिव महिला बाल विकास, 2003 की रीनाबाबा कंगाले सचिव खाद्य,2005 की आर.संगीता सचिव नगरीय प्रशासन है, दिव्या मिश्रा 2012 बैच कलेक्टर बालोद, नूपुर राशिपन्ना 2015 बैच कलेक्टर कोंडागांव हैँ , तो 2016 बैच की 5 कलेक्टर हैं जिनमे तूलिका प्रजापति मानपुर मोहला, चंदन संजय त्रिपाठी कलेक्टर बलरामपुर, संतनदेवी जांगड़े कलेक्टर मनेन्द्रगढ़, पद्मिनी भोई साहू कलेक्टर सारंगढ़, रोक्तिमा यादव कलेक्टर कोरिया, 2018 बैच की पी ममगई कलेक्टर बेमेतरा, 20 19 बैच की रैना जमील कलेक्टर सूरजपुर, इसी बैच की नम्रता जैन कलेक्टर नारायणपुर पदस्थ हैं।
33 जिलों में केवल
4 महिला एसपी.....

छग में केवल 4 महिलाओं को एसपी बनाया गया हैं।भावना गुप्ता,अंकिता शर्मा, श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा,रत्ना सिँह शामिल हैं।भावना गुप्ता छग कैडर की 2014 बैच कीआई पीएस हैं। वे बलौदा बाजार में एसपी हैं। मूलतः पंजाब की रहने वाली है,मैरिज ग्राउंड पर कैडर चेंज करवा छग कैडर में आईं है।भावना गुप्ता का जन्म 22 दिसंबर 1990 को पंजाब भटिंडा में हुआ है।भावना,बैडमिंटन की नेशनल प्लेयर हैं। बास्केटबॉल में आईआईटी मुंबई टीम का नेतृत्व किया था। 2018 बैच की आईपी एस अंकिता शर्मा राजनांदगांव ने एसपी हैं।अंकिता शर्मा 6 महीनों से भी अधिक समय से बस्तर में नक्सल ऑपरेशन एडिशनल एसपी पदस्थ रही, बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन ने भी तब आईपीएस अंकिता शर्मा की तारीफ करते उन्हें असली हीरोइन बताया था। 2 सालों तक विभिन्न जिलों में सेवा देने के बाद अंकिता को नक्सली क्षेत्र बस्तर का एएस पी बनायागया था।यह पहला मौका था, ज़ब बस्तर में कोई महिला आईपीएस भी एंटी नक्सल ऑपरेशन में जवानों के साथ नक्सलियों के मांद में सर्चिंग पर निकली हो,अंकिता के नक्सल ऑपरेशन में एके 47 ले गश्त करने की फोटो सोशल मीडिया में वायरल हुई थी।अंकिता का जन्म 25 जून 1990 को छग के दुर्ग जिले में हुआ। वहीं श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, रायपुर ग्रामीण की पहली एसपी बनाई गई हैं , रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू होने के बाद रायपुर ग्रामीण एसपी नया पद बना हैं,इसके अधीन नया रायपुर, मंत्रालय, विधानसभा, राजभवन,सीएम, मंत्रियोँ का निवास,माना एयरपोर्ट सहित रायपुर ग्रामीण के क्षेत्र आते हैं। इस अतिसंवेदनशील क्षेत्र में इनकी पदस्थपना के पीछे इनकी कड़क छवि, कार्य प्रणाली ही माना जा रहा हैं, श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने एसपी (रेल) रायपुर सहित रायपुर में एडीशनल एसपी यातायात,ईओडब्लू, संचालक खेल आदि के पद पर कार्य कर चुकी हैं मूलत: छत्तीसगढ़ निवासी श्वेता के पति आईएएस हैं तो भाई-भाभी भी उप्र काडर के आईएएस हैं।छग में 'रत्न सिंह' नाम से चर्चित एक महिला आईपीएस अधिकारी रत्ना सिंह हैं, 2019 बैच आईपीएस हैं। भरतपुर- मनेंद्रगढ़- चिरमिरी जिले में पुलिस अधीक्षक तैनात हैं, सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से सीधी भर्ती के रूप में प्रवेश लिया है। रत्ना सिंह मूल रूप से उत्तरप्रदेश की रहने वाली हैं, उनका जन्म 1993 में हुआ था। 2015 में मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद से इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनिय रिंग में बी.टेक की डिग्री हासिल की है।
औऱ अब बस.....
0 छ्ग के राज्यपाल द्वारा सीएम सचिवालय में पदस्थ अफसरों की लोक भवन में क्लास लेना चर्चा में है....।
0महिला आरक्षण की वकालत करने वाली भाजपा ने मप्र से राज्यसभा जाने से मीनाक्षी नटराजन को रोक दिया.. कांग्रस का आरोप।
0छ्ग मंत्रिमंडल में फेरबदल होगा भी या नहीं....?
0एसपी की तबादला सूची आखिर कहाँ अटक गई है!
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