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10th July 2026

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टेलू राम कश्यप को मिली बड़ी जिम्मेदारी: भारतीय जनता पार्टी एनजीओ प्रकोष्ठ, छत्तीसगढ़ की प्रदेश कार्यकारिणी में सदस्य

उपस्थिति में मनेंद्रगढ़, झगराखांड और खोंगापानी के मनोनीत पार्षदों ने ली शपथ

इसी वर्ष मेडिकल कॉलेज संचालन का लक्ष्य, पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का किया आह्वान

जरा पाने की चाहत में, बहुत कुछ छूट जाता है.... नदी का साथ देता हूँ, समंदर रूठ जाता है....

एकेडेमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल के प्राचार्य “बेस्ट प्रिंसिपल अवार्ड” से सम्मानित

वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से *(कॉलम पिछले 21 सालों से लगातार ) : जरा पाने की चाहत में, बहुत कुछ छूट जाता है.... नदी का साथ देता हूँ, समंदर रूठ जाता है....

Praveen Nishee Fri, Jul 10, 2026

आखिर भारत का नागरिक अपनी नागरिकता किस कागज़ से साबित करे? सरकार कहती है कि आधारकार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं, पासपोर्ट अंतिम नागरिकता प्रमाणपत्र नहीं, वोटर आईडी सिर्फ़ पहचान, मतदान का दस्तावेज़ है। फिर देश के लोग नागरिकता किस आधार पर साबित करें? मंत्रियों, सांसदों, विधायकों को शपथ दिलाई जाती है, यूपीएससी पास उम्मीदवार भी सरकारी सेवा में नियुक्त होते हैं, तब उनकी नागरिकता किस दस्तावेज़ के आधार पर सत्यापित होती है?यह बात आम नागरिक को साफ़-साफ़ क्यों नहीं बताई जाती..? आधार कार्ड-केवल पहचान और पते का प्रमाण है, नागरिकता का नहीं।पैन कार्ड- यह आयकर उद्देश्यों के लिए एक पहचान संख्या मात्र है।वोटर आईडी, राशन कार्ड- ये क्रमशः मतदान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए हैं, नागरिकता के अंतिम कानूनी प्रमाण नहीं हैं।

रायपुर एयरपोर्ट बना है

उनकी पुस्तैनी जमीन पर.....रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट की जमीन को लेकर एक अनोखा और बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। रायपुर के किसान अश्विनी बांधे ने एयरपोर्ट की 34.35 हेक्टेयर (लगभग 816 एकड़ के बड़े हिस्से)जमीन पर अपना पुश्तैनी दावा ठोकते हुए देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया है। किसान अपनी पुश्तैनी जमीन के लिए ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।दावा है कि एयरपोर्ट की वर्तमान टर्मिनल बिल्डिंग,@ गार्डन उनके पूर्वजों की जमीन पर बने हैं, जून 2026 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर 3500 करोड़ रुपए का मुआवजा मांगा गया है।पिछले 35सालों से रेकॉर्ड रूम,दफ्तरों, अदालतों के चक्कर काट रहे हैं, जिसमें अब तक करीब 20 करोड़ ₹ खर्च हो चुके हैं,मिले जमीन के सरकारी दस्तावेज से इस लड़ाई को तब बड़ी मजबूती मिली जब संस्कृति विभाग रायपुर की ऐतिहासिक प्रदर्शनी में उन्हें जमीन के सरकारी दस्तावेज मिले। संस्कृति विभाग के एक उप संचालक ने भी पुष्टि की है कि द्वितीय विश्व युद्ध के समय माना एयरफील्ड के लिए बरौदा, रामचंडी, आसपास के गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, राजस्व रेकॉर्ड आज भी सुरक्षित हैं। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रमाणित प्रतियों को निकाल कर सुप्रीम कोर्ट में अपना दावा मजबूत किया है, मामले के दस्तावेजों के अनुसार ब्रिटिश सरकार ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1939 में डिफेंस ऑफ इंडिया एक्ट लागू किया था। इसी के तहत 1942 में हवाई जहाजों को उतारने और सैन्य ठिकाने (माना एयर फील्ड) बनाने के लिए देश भर में जमीनें अधिग्रहित की गई, अश्विनी बांधे के अनुसार उनके पूर्वजों से यह जमीन महज 1300 ₹ सालाना लीज पर ली गई थी। शर्त के मुताबिक युद्ध खत्म होने के बाद जमीन लौटाई जानी थी,लेकिन 84 साल बीत जाने के बाद भी न तो जमीन वापस मिली और न ही किराया.....!

बोड़ा:शाकाहारी सब्जी

मांसाहारी स्वाद.....आदिवासी बाहुल्य बस्तर आदिवासी संस्कृति, बस्तर दश हरा, जलप्रपातों सहित अंधी मछलियों लिये प्राकृतिक गुफा कुटुमसर के लिये प्रसिद्ध है तो एक सब्जी के लिए भी जाना जाता है।साल में बरसात में एक सप्ताह मिलने वाली यह सब्जी 1 से 2 हजार किलो में भी बिकती है यह सब्जी भारत के किसी भी पांच सितारा होटल से भी महंगी है। मानसून की दस्तक के साथ ही बस्तर के लोगों की जुबान पर एक ही लफ्ज सुनाई देता है 'बोड़ा निकला क्या?' बस्तर में शाकाहारी सब्जी होने के बाद भी मांसाहारी का स्वाद मिलता है। बस्तर के सरगीपाल,नानपुर, तितिरगांव में साल के घने जंगल है। जंगली जानवरों, जहरीले सांपों से भरपूर इस जंगल में आदिवासी महिलाएं टोली बनाकर जाती हैं और बोडा का संग्रहण करती है। बस्तर बाजार में यह सब्जी 1हजार ₹ किलो में भी हाथों हांथ बिक जाती है।असल में एक तरह का फंगस है,साल पेड़ों के पास की नमीयुक्त जमीन को खुरचकर उसमें छिपे बोड़ा निकाला जाता है। शुरुवाती दौर पर जो काले रंग का बोड़ा निकलता है उसे 'जात बोड़ा' कहते हैं, बेहद नरम होता है। इसके बाद सफेद परत के साथ कड़क होते जाने पर इसे लाखड़ी कहते हैं। लाखड़ी की कीमत जात बोड़ा से लगभग आधी होती है, राजधानी रायपुर में भी बोड़ा की मांग बढ़ रही है यहां राजिम, धमतरी तथा नगरी आदि से निकला बोड़ा पहुंच रहा है। कृषि वैज्ञानिकों की मानें , साल वनों की जड़ों से निकले विविध रसायन यह माइक्रोला जीकल फंगस है। सैल्यूलोज, कार्बोहाईड्रेट से भरपूर होने की वजह से यह शुगर, हाईब्लड प्रेशर वालों के लिए भी लाभप्रद है। फंगस (बोड़ा) पत्तियों पर अपना जीवन चक्र चलाता है।

लौह स्क्रैप चोरी, बीएसपी

के 2अफसर गिरफ्तार....

भिलाई इस्पात संयंत्र से संगठित रूप से लौह स्क्रैप चोरी प्रकरण में प्लांट के हिमांशु भूषण मलिक,जीऍम एसऍमएस 3,उम्र 54 वर्ष, मनोज कुमार देवांगन इंजीनियरिंग एसोसिएट एसऍम एस 3,उम्र 58 वर्ष को गिरफ्तार किया है।अब तक कुल 15 आरोपी पुलिस गिरफ्त मेंआ चुके हैं,तहकीकात अभी भी चल रही हैं पिछले 4-5 माह से योजनाबद्ध तरीके से बीएसपी के लौह स्क्रैप को फ्लू डस्ट के साथ चोरी कर अवैध रूप से संग्रहित कर लाभ अर्जित किया जा रहा था। लगभग 90 लाख मूल्य का लौह स्क्रैप, वाहनों सहित कुल लगभग 3 करोड़ 22 लाख ₹ की संपत्ति पूर्व में जप्त की जा चुकी है।अक लोरडीह खदान पारा स्थित एके ट्रेडर्स,प्लॉट क्रमांक 18 एचआईए हथ खोज में पुलिस टीम द्वारा जांच की गई। मौके पर ही विभिन्न हाईवा, ट्रक एवं अन्य वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम एवं कटिंग सामग्री भरी हुई पाई गई। साथ ही बड़ी मात्रा में लौह स्क्रैप अलग-अलग ढेरों में संग्रहित मिला था ।

और अब बस....

0 छग में मानसून की मेहर बानी से गंगरेल आधा भरा, पहले दौर की झमाझम से बांधों के जलस्तर में 3% की बढ़ोतरी....

0 नकटी, बिजली, पानी, सड़क,खाद, कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर 1033 सवालों के साथ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से....

0 खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में महतारी वंदन योजना में एक पुरुष द्वारा आवेदन कर 10 माह तक सहायता राशि लेता रहा है।

0 बहुचर्चित शराब, कोल लेवी, कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी रामगोपाल अग्रवाल से ईओडब्ल्यू पूछताछ कर रही है, ये कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रहे चुके हैं।

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