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: बीरीघाट ग्राम पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, डिप्टी कलेक्टर की स्थल निरीक्षण जांच में खुलासा

Admin Thu, Nov 21, 2024

नैनपुर।गरियाबंद। बहुचर्चित बीरीघाट ग्राम पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने पहुंचे डिप्टी कलेक्टर श्री पाठक और उनकी टीम ने 19 बिंदुओं पर शिकायतों की जांच की। निरीक्षण के दौरान भ्रष्टाचार के कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। जांच में पता चला कि पंचायत द्वारा लगाए गए 11 कूड़ादानों में से केवल 7 मौके पर मौजूद थे, जिनमें से 3 कूड़ादान पूरी तरह जर्जर स्थिति में थे। पंचायत द्वारा 5,10,000 रुपये की लागत से सीसी रोड का निर्माण केवल कागजों में दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में सड़क बनी ही नहीं। मनरेगा में मशीनों का इस्तेमाल मनरेगा के तहत मजदूरों से कराए जाने वाले कार्यों को जेसीबी मशीनों के माध्यम से पूरा किया गया, जो कि नियमों का खुला उल्लंघन है। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान वितरण में भी अनियमितताएं सामने आईं। आरोप है कि योजना का लाभ अधिकारियों और पंचायत के परिचितों को दिया गया। वित्तीय गड़बड़ियां जांच में यह भी पाया गया कि रोजगार सहायक भूमि सुधार कार्य के लिए रिश्वत मांगता था। पंचायत सचिव पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी और ड्राइवर के नाम से सरकारी धन का गबन किया। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थियों से मकान की "होल्ड हटाने" के लिए 1000 रुपये की मांग की गई। जवाब देने में असमर्थ डिप्टी कलेक्टर जांच के दौरान जब पत्रकारों ने डिप्टी कलेक्टर से सवाल पूछे, तो उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया। उनकी चुप्पी ने पूरे मामले को और संदेहास्पद बना दिया है। ग्रामीणों में आक्रोश इससे पहले भी जनपद पंचायत द्वारा दो बार मामले की जांच की जा चुकी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस बार सामने आई गड़बड़ियों के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सरकार की ओर से कार्रवाई की उम्मीद ग्राम पंचायत में हुए इस व्यापक भ्रष्टाचार के बाद अब सभी की नजरें प्रशासन पर हैं। देखना यह है कि दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या ग्रामीणों को न्याय मिल पाता है।

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