Advertisment

17th August 2026

BREAKING NEWS

सौम्या ने शास्त्रीय गायन में हासिल किया प्रथम स्थान,अब देंगी राष्ट्रीय स्तर में प्रस्तुति

272 ओवरमैन पदों पर सीधी भर्ती से विभागीय कर्मचारियों की पदोन्नति प्रभावित होने का लगाया आरोप

We क्लब मनेंद्रगढ़ समर्पण ने ध्वजारोहण कर मनाया स्वतंत्रता दिवस

We क्लब मनेंद्रगढ़ समर्पण ने सेवा भारती छात्रावास में किया वृक्षारोपण

मदर्स पंपकिन प्रीस्कूल की ड्रॉइंग प्रतियोगिता में 63 बच्चों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा

: मनेद्रगढ़ के संस्मरणों को मिला विशिष्ट स्थान

Admin Mon, Jun 24, 2024

मनेन्द्रगढ़।एमसीबी । राष्ट्रीय, एवं अन्तर्राष्ट्रीय सामाजिक साहित्यिक गतिविधियों एवं प्रकाशन में सक्रिय मनेद्रगढ़ निवासी सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ मृदुला सिंह एवं डी लिट डॉ तनुजा चौधरी के संपादन में जबलपुर से प्रकाशित साहित्यिक कृति -स्मृति के पल-" में मनेन्द्रगढ एमसीबी जिले के लेखकों के संस्मरणों को राष्ट्रीय स्तर पर स्थान दिया गया है। शासकीय विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर में पदस्थ डॉ मृदुला सिंह एवं राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोध पत्रो का वाचन करने एवं मॉरीशस साहित्य अकादमी द्वारा वाग्देवी देवी कहानी अलंकरण से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ तनुजा चौधरी ने अपने संकलन में उत्कृष्टता के आधार पर वरिष्ठ साहित्यकार सतीश उपाध्याय, विजय नर्सरी स्कूल की संचालिका श्रीमती इंदिरा सेंगर , ब्लॉसम अकैडमी स्कूल के निर्देशक जसपाल सिंह कालरा, विजय इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल के सचिव संजय सेंगर, विद्यालय के शिक्षक उपकार शर्मा के प्रेरक प्रसंगों एवं जीवन की घटनाओं से जुड़े संस्मरणों को प्रमुखता से स्थान दिया है। डॉ मृदुला सिंह की प्रारंभिक शिक्षा एवं साहित्यिक गतिविधियां मनेद्रगढ़ से प्रारंभ हुई है। -"स्मृति के पल "प्रकाशित साहित्यिक कृति के बारे में डा मृदुला सिंह ने बताया कि संस्मरण में जीवन के अनेक पहलू शामिल होते हैं जो व्यक्तित्व एवं स्वयं के विविध पहलुओं की आईना होते है। जीवन के कुछ संस्मरण जीवन को दिशा बदलने एवं व्यक्तित्व को संवारने वाले होते हैं। साहित्य के क्षेत्र में एमसीबी जिले में यह पहला अवसर है जब राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित किसी पुस्तक में मनेन्द्रगढ़ जैसे स्थान से चार लेखकों को स्थान दिया गया है। इस कृति के संबंध में डॉ तनुजा चौधरी शासकीय स्वाशासी विज्ञान महाविद्यालय हिंदी विज्ञान की प्रमुख का कहना है कि संस्मरण जीवन का फ्लैशबैक होता है जिसमें भौतिक रूप से कई स्मृतियां गुथी होती हैं। उन्होंने कहा कि संकलन में शामिल संस्मरण व्यक्तित्व निर्माण में योगदान देने एवं जीवन को उचित दिशा देने वाले हैं। डा तनूजा चौधरी एवं डॉ मृदुला सिंह ने मनेद्रगढ़ के लेखकों श्रीमती इंदिरा सेंगर ,सतीश उपाध्याय, संजय सेंगर ,जसपाल सिंह कालरा ,उपकार शर्मा के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। हिंदी साहित्य भारती के जिला संयोजक ने जबलपुर से प्रकाशित स्मृति के पल साहित्यिक कृति के संबंध में कहा कि शीघ्र ही साहित्यिक मंच में इस प्रकाशन की वरिष्ठ साहित्यकारों के बीच चर्चा एवं समीक्षा की जाएगी।

विज्ञापन

जरूरी खबरें