: राष्ट्रीय बालिका दिवस पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रंगोली एवं कविता पाठ की प्रतियोगिता रखी गई
Admin Fri, Jan 24, 2025
मनेंद्रगढ़ । एमसीबी । राष्ट्रीय बालिका दिवस पर कलेक्टर डी राहुल वेंकट के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनेंद्रगढ़ में रंगोली एवं कविता पाठ की प्रतियोगिता रखी गई जिसमें छात्राओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया ।
इस अवसर पर डॉ. अविनाश खरे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से छात्राओं ने एमबीबीएस करने के लिए क्या-क्या करना चाहिए का प्रश्न किया जिसमें डॉक्टर खरे ने बताया बायोलॉजी विषय को लेकर पूर्ण तैयारी करने की सलाह दी बायोलॉजी विषय पर विशेषज्ञता हासिल करें और बहुत अच्छे से मेहनत करके पढ़ाई करने की समझाइश दिए,राष्ट्रीय बालिका दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के महत्व को भी सभी को बताया ।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. पुष्पेंद्र सोनी ने इस अवसर पर बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बालिका देश की भविष्य है आज बालिकाओं का जन्म लेने पर जो कुरीतियां थी अब बदल गई है बालिका भी अपने माता-पिता का मान सम्मान बढ़ा रही है।
इस अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर गोमती केवट व गायत्री यादव रही, द्वितीय स्थान पर रश्मि व खुशबू रही, तृतीय स्थान पर सुलेखा सिंह व प्रियंका सोनवानी रही, कविता पाठ में प्रथम स्थान वंदना, द्वितीय स्थान स्वतंत्रिका नायक, वह तृतीय स्थान पर उमा प्रजापति रही, इन्हें शिल्ड व स्मृतिचिन्ह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे, डीपीएम डॉ. पुष्पेंद्र सोनी के द्वारा प्रदान किया गया वहीं मंच का संचालन डॉक्टर वासिक अहमद ने किया सभी आए अतिथियों का आभार प्रदर्शन कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की उप प्राचार्य श्रीमती अर्चना वैष्णव ने किया इस अवसर पर डॉ. अतिक सोनी, डॉक्टर अविनाश पांडे सहायक नोडल अधिकारी, कुं. लक्ष्मी रजक डी.पी.एच.एन. का विशेष योगदान रहा ।
दिल के बदलाने का सामान ना समझा जाए मुझको। अब इतना भी आसान न समझा जाए ।। मैं भी दुनिया की तरह जीने का हक रखती हूं । इसको गद्दारी का ऐलान न समझा जाए ।। अब तो बेटी भी चले जाते हैं होकर रुखसत । सिर्फ बेटी ही मेहमान ना समझा जाए।। घर की जान होती है बेटियां ।। ईश्वर का आशीर्वाद होती है बेटियां । । यू समझ लो की बेमिसाल होती है बेटियां ।। बेटी है तो कल है। ना हो तो सुना हर पल है ।।
बेटियों को बचाओ बेटियों को पढ़ाओ ।।
वंदना सिंह
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