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23rd June 2026

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जागृति महिला समिति द्वारा आयोजित चार दिवसीय योग कार्यशाला का गरिमामय समापन

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग प्रतियोगिता आयोजित, प्रतिभागियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

स्व.श्री लल्ला सिंह को श्रद्धांजलि, निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग

योग प्रतियोगिता में यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल ने फिर मारी बाजी; नए सत्र की शुरुआत 'विजयी' आगाज़ के साथ!

: पुरानी कश्ती को पार लेकर फक़त हमारा हुनर गया है.. नये खेवइये कहीं न समझें नदी का पानी उतर गया है..

Admin Sat, Feb 15, 2025

पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा सिंह पाटिल रही हैं, लेकिन यह सौभाग्य उन्हें भी नहीं मिल पाया था।अब तक देश के 3 राष्ट्रपति ही कुंभ में आस्था की डुबकी लगा पाए हैं।देश के पहले राष्ट्रपति डा़ॅ राजेंद्र प्रसाद 1953 में प्रयागराज पहुंचे थे।उसके बाद पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महा कुंभ में स्नान हेतु पहुंची। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू,देश की तीसरी प्रथम नागरिक हैं जिन्हें महाकुंभ में आने, त्रिवेणी में डुुबकी लगाने सौभाग्य प्राप्त हुआ है।श्रीमती मुर्मू ने 10 फरवरी को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाकुंभ के सकुशल संपन्न होने और राष्ट्र कल्याण की कामना के साथ त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगायी। तीर्थ पुरोहितोँ ने उन्हें पावन जल धारा के ऊपर बनाई गई जेटी पर तैयार किये गये पूजास्थल पर बैठकर पवित्र त्रिवेणी का पूजन करवाया। राष्ट्रपति ने पूजन के बाद मां गंगा को दुग्ध, पुष्प अर्पित किया। उन्होंने मां गंगा की आरती उतारी। महामहिम ने किले में स्थित अक्षयवट,सरस्वती कूप और बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया, पहले राष्ट्रपति डा़ॅ राजेंद्र प्रसाद 1953 में प्रयागराज के कुंभ में पहुंचे थे। उन्होंने एक माह का कल्पवास भी किया था।सुरक्षा को देखते हुए किसी तीर्थ पुरोहित के शिविर में न रहकर संगम तट पर स्थित अकबर के किले के ऊपर शिविर में अपना कल्पवास पूरा किया था।गंगा, यमुना,अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई थी।सेना के अधीन संगम तट पर स्थित अकबर के किले की छत पर कैंप लगा जहां डॉ प्रसाद ने अपना कल्पवास पूरा किया था उसे अब प्रेसिडेंसियल व्यू के नाम से जाना जाता है। कुंभ में डा़ॅ राजेंद्र प्रसाद के आगमन के लंबे अंतराल 66 वर्षों के बाद 14 वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 2019 के कुंभ में परिवार सहित पहुंच कर आस्था की डुबकी लगायी थी । शुभ्र गंगा,यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम के साथ कुंभ की भव्यता-दिव्यता को देखकर अभिभूत थे, प्रतिभादेवी पाटिल भारत की पहली महिला राष्ट्रपति रही हैं,जबकि वर्तमान में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। यह सौभाग्य देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा सिंह को प्राप्त नहीं हो सका था। छ्ग मंत्रिमंडल का विस्तार 25 के बाद.. छ्ग में विष्णुदेव सरकार में मंत्रिमंडल का विस्तार निकाय चुनाव के बाद कभी भी हो सकता है। निकाय चुनाव में मंत्रियों का प्रदर्शन भी आधार बनेगा। विष्णुदेव सरकार में 13 महिनों में 2 मंत्रियोँ के पद रिक्त हैं वहीँ बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद एक मंत्री पद और रिक्त हो गया है। हरियाणा की तर्ज पर यदि मंत्रिमंडल का गठन होता है तो एक और मंत्री बनाया जा सकता है।वैसे विधानसभा बजटसत्र के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की उम्मीद है। गिल,रमन,विश्वरंजन, कल्लूरी से बड़ा काम तो सुन्दरराज ने किया...! आदिवासी अंचल तथा नक्सली प्रभावित बस्तर में नक्सली उन्मूलन के लिये किये जा रहे प्रयास के लिये आईजी पी.सुंदर राज का रिकार्ड बन चुका है,11नवम्बर 19 से बस्तर में यानि 4 साल 3 माह से पदस्थ हैं।लम्बे समय से बस्तर में पदस्थ इस आईपीएस के नेतृत्व में 13 महीनों में 305 नक्सली मारे गये तो 1177 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, 985 ने आत्मसमर्पण भी किया है।नक्सली समस्या के निपटारे हेतु छग सरकार ने प्रयास तो पहले भी किया, कसौटी में कोई भी खरा नहीं उतरा। पंजाब में आतंकवादी गति विधियों को निपटाने वाले सुपरकॉप केपीएस गिल हो या मप्र के डकैतों के उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विजय रमन हो या सालों तक आईबी में पदस्थ रहे डीजीपी विश्व रंजन की बात करें या फिर बस्तर में "फ्रीहेण्ड काम " करनेवाले एसआरपी कल्लूरी हो ‘सभी बे आबरू हो तेरे कूचे से हम निकले’ की तर्ज पर बस्तर से विदा हो गए। वहीं लोकसभा- विधानसभा चुनावों में पहली बार निष्पक्ष मतदान कराने, चुनाव आयोग द्वारा पुरस्कृत तथा नक्सलवाद को अच्छी तरह समझने वाले संत कुमार पासवान को तो डी जीपी पद के योग्य भी नहीं समझा गया.....?पंजाब में आतंकवाद की समाप्ति में प्रमुख भूमिका निभाने वाले केपीएस. गिल नक्सल मामलों के लिए सरकार ने विशेष सलाहकार बनाया पर उन्हें ‘पावर’ नहीं दिया गया वे वापस लौट गये...! रायपुर में कभी एसपी रहे विजय रमन को भी नक्सल वाद समाप्ती हेतु सलाह कार बनाया गया पर वे छग सरकार द्वारा ‘सलाह’ नहीं मानने के नाम पर वापस चले गये। विश्वरंजन अधिक ‘फ्रीडम’ के बाद कुछ विशेष नहीं करने तथा एक मंत्री से मतभेद के नाम पर हटाये गये तो एसआरपी कल्लूरी पर ‘फ्रीडम के दुरूपयोग’ पर सरकार के निशाने पर आ गये थे।छग में नक्सल विरोधी अभियान पतवार संभालने वाले बस्तर के तब के आईजी कल्लूरी की अचानक छुट्टी कर दी गई है।यह पहला अवसर नहीं है सभी शर्तों को मानकर आईबी से विश्वरंजन को डीजीपी बना बुलवाया गया था। 4 साल बाद उन्हें अचानक हटाकर सेवानिवृत्ति के पूर्व डीजी होमगार्ड नियुक्त कर दिया गया था। वहीं सेवानिवृत्त भी हुए।छग कॉडर के वरिष्ठ आईपीएस विश्वरंजन तो छग में आना नहीं चाहते थे पर उन्हें उनकी शर्तों, एक साल पहले प्रोफार्मा पदोन्नति, वेतन एरियर्स आदि शर्तों पर किसी तरह अनुनय विनय करके छग लाया गया था। लगभग 4 वर्षों तक डीजीपी के पद पर रहे। हालांकि बीच में उन्हें चुनाव आयोग के निर्देश पर लंबी छुट्टी में भेज दिया गया था। नक्सल विरोधी अभि यान की पतवार 4 साल तक थामने वाले विश्वरंजन के कार्यकाल में 76 सीआर पीएफ जवानों की हत्या, दंतेवाड़ा का जेल ब्रेक हुआ था। बारूद से भरा ट्रक भी बस्तर से गायब हो गया था। बयानबाजी के लिए मशहूर विश्वरंजन, तब के गृहमंत्री ननकी राम कंवर से भी विवाद चर्चा में रहा। जुलाई 13 में जब विश्वरंजन अव काश पर ही थे तभी उन्हें डीजीपी के पद से हटाकर होमगार्ड का डीजी बनाया गया था। अनिल नवानी को डीजीपी बनाया गया था। कल्लूरी के बाद आईपी एस पी. सुन्दर राज ने बस्तर की कमान दी गई और लम्बे समय तक उनका बस्तर में पदस्थापना का रिकार्ड बना,नक्सली उन्मूलन में भी छ्ग में भाजपा की सर कार बनने पर उल्लेखनीय काम उन्होंने किया है।अब उन्हें नये डीजीपी अरुणदेव गौतम के अनुभवों का भी लाभ लेना है। विधायक के विरुद्ध 6970 पेज का चालान.. बलौदाबाजार पुलिस नें वहाँ हिंसा के मामले में ही गिरफ्तार विधायक देवेंद्र यादव के खिलाफ कोर्ट में 6 हजार 970 पेजी चालान पेश किया है। चालान के अनुसार कांग्रेस विधायक देवेंद्र को जानकारी थी कि बलौदाबाजार में हिंसा होने वाली है। हिंसा के पहले ही प्रदर्शनकारियों कई बार बातचीत की थी,उग्र आंदोलन हेतु फंडिंग का आश्वासन भी दिया था।यहां यह बताना भी जरुरी है कि देवेंद्र यादव काफ़ी दिनों से जेल में हैं। और अब बस..... 0 छ्ग में नगरीय चुनाव में महापौर,नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष पदों में भाजपा की एक तरफ़ा बढ़त दिखाई दे रही है। 0 भूपेश बघेल बने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव तथा पंजाब के प्रभारी.. 0 35 साल तक लगातार विधायक,कई साल तक मंत्री रहे बृजमोहन अग्रवाल को सांसद बनने के बाद विधानसभा से विदाई क्यों नहीं दी गई....? 0 डीजीपी अरुण देव गौतम के डीजीपी बनने के बाद पवनदेव की पीएचक्यू वापसी नहीं हो सकेगी! 0क्या पूर्व डीजीपी अशोक जुनेजा को छ्ग में कहीं एडजेस्ट किया जाएगा!

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