कांदाडोंगर और ऋषिझरन को पर्यटन मानचित्र में शामिल करने की जोरदार मांग : जन-जन के नेता देवेन्द्र सिंह राजपूत ने पर्यटन मंत्री से की निर्णायक पहल, क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई उड़ान
Praveen Nishee Fri, Feb 27, 2026
रायपुर. गरियाबंद। रोशनलाल (अवस्थी की कलम से ) बिन्द्रानवागढ़ अंचल के बहुचर्चित आस्था केंद्र कांदाडोंगर और देवभोग स्थित ऋषिझरन को प्रदेश के आधिकारिक पर्यटन मानचित्र में शामिल कराने की मांग ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर जोर पकड़ लिया है। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री एवं जनपद सभापति देवेन्द्र सिंह राजपूत (देवेंद्र ठाकुर) ने प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल से औपचारिक मुलाकात कर विस्तृत आवेदन प्रस्तुत किया तथा दोनों स्थलों के समग्र विकास हेतु ठोस अधोसंरचनात्मक कार्यों की मांग रखी।
यह महत्वपूर्ण मुलाकात प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित जनसहयोग केंद्र में संपन्न हुई, जहां क्षेत्रीय आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
आस्था, प्रकृति और संस्कृति का संगम है कांदाडोंगर
देवेन्द्र सिंह राजपूत ने मंत्री के समक्ष तथ्यात्मक प्रस्तुति देते हुए बताया कि कांदाडोंगर लगभग 40 से अधिक गांवों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण भी है।
उन्होंने कहा कि यहां सदियों पुरानी लोक-आस्थाएं, पर्व-त्योहार और जनश्रुतियां आज भी जीवित हैं, जो इसे पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक अध्ययन का भी केंद्र बना सकती हैं।
”ऋषिझरन: छत्तीसगढ़-उड़ीसा की साझा आस्था का प्रतीक”
देवभोग क्षेत्र में घने वनों और मनोहारी प्राकृतिक परिवेश के बीच स्थित ऋषिझरन को तपोभूमि के रूप में जाना जाता है। यह स्थल न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं बल्कि पड़ोसी राज्य ओडिशा के लोगों के लिए भी गहरी आस्था का केंद्र है।
देवेन्द्र सिंह राजपूत ने तर्क दिया कि यदि इस स्थल को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाए तो यह सीमावर्ती पर्यटन सर्किट का प्रमुख आकर्षण बन सकता है, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
*क्या-क्या मांगा गया?* विकास की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत आवेदन में दोनों स्थलों के लिए निम्नलिखित अधोसंरचनात्मक सुविधाओं की मांग की गई—
सीढ़ी निर्माण,सी.सी. रोड,सामुदायिक भवन, रंगमंच,सोलर स्ट्रीट लाइट,सार्वजनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल इन सुविधाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।
मंत्री का आश्वासन, जल्द होगी कार्रवाई
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने आवेदन स्वीकार करते हुए सकारात्मक रुख अपनाया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को परीक्षण कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
“जमीनी नेतृत्व की मिसाल: देवेन्द्र सिंह राजपूत”
बिन्द्रानवागढ़ क्षेत्र में त्वरित और प्रभावशील जनहित कार्यों के लिए पहचाने जाने वाले देवेन्द्र सिंह राजपूत को क्षेत्र का लोकप्रिय और संघर्षशील चेहरा माना जाता है। स्थानीय जनमानस ने उनकी इस पहल को ऐतिहासिक कदम बताते हुए सराहना की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांदाडोंगर और ऋषिझरन को पर्यटन मानचित्र में औपचारिक स्थान मिलता है, तो यह न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि सीमावर्ती अंचल के समग्र विकास, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
क्षेत्रवासियों की अपेक्षा अब मंत्री के आश्वासन पर टिकी है—कि वर्षों से उपेक्षित इन आस्था स्थलों को शीघ्र ही विकास की मुख्यधारा में स्थान मिलेगा।

विज्ञापन