वक्फ संशोधन कानून पर जनजातीय समाज ने जताया आभार : रामलखन पैकरा बोले – "आदिवासी हितों की रक्षा का ऐतिहासिक कदम"
Praveen Nishee Sun, Apr 13, 2025
मनेन्द्रगढ़। एमसीबी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वक्फ संशोधन कानून लाने पर जनजातीय गौरव समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री रामलखन सिंह पैकरा ने गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इसे आदिवासी समाज के हित में लिया गया एक ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय बताया है।
श्री पैकरा ने कहा कि इस संशोधन के माध्यम से अब संविधान की पांचवीं और छठवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकेगा। इससे जनजातीय समुदायों की भूमि पर अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगेगी और उनकी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि यह कानून प्रशासनिक और न्यायिक पारदर्शिता को भी बढ़ावा देगा तथा लंबे समय से चल रहे भूमि स्वामित्व और अतिक्रमण संबंधी विवादों का समाधान करेगा। यह निर्णय जनजातीय बहुल क्षेत्रों में संतोष और सशक्तिकरण की भावना लेकर आया है।
श्री पैकरा ने महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू तथा जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव के प्रति भी आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इन सभी नेताओं की प्रतिबद्धता, नेतृत्व क्षमता और संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण यह विधेयक संभव हो सका।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए कहा, “आपके प्रयासों से देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और जनजातीय समाज को न्याय और अधिकार मिल रहा है। हम आपके प्रति आभार व्यक्त करते हैं और आशा करते हैं कि भविष्य में भी आपका स्नेह और समर्थन इसी प्रकार बना रहेगा।”
जनजातीय गौरव समाज ने इस निर्णय को "एक वरदान" बताते हुए उम्मीद जताई कि यह कानून देशभर के जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित होगा.
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