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प्रदेश में एनालॉग पनीर के प्रतिबंध का स्वागत किया वरिष्ठ योग प्रशिक्षक उपाध्याय ने

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स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्णय का स्वागत : प्रदेश में एनालॉग पनीर के प्रतिबंध का स्वागत किया वरिष्ठ योग प्रशिक्षक उपाध्याय ने

Praveen Nishee Sat, Aug 1, 2026

मनेद्रगढ़। एमसीएन । छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध का पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक, एवं शिक्षा प्रकोष्ठ भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य सतीश उपाध्याय ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के इस निर्णय का स्वागत किया है।

योग एवं प्राणायाम से आरोग्यता तथा आहार के प्रति जागरूक करने वाले योग प्रशिक्षक उपाध्याय ने कहा कि - प्रदेश में बड़े पैमाने पर सिंथेटिक एनालॉग (नकली) पनीर का उपयोग हो रहा था, जिसके कारण स्वस्थ व्यक्ति भी किडनी लीवर एवं हृदय रोग से पीड़ित हो रहे थे।

उन्होंने बताया कि एनालॉग पनीर एक सिंथेटिक घातक पनीर है जिसे धीमा जहर भी कहा जा सकता है, क्योंकि एनालॉग पनीर बनाने में पाम आयल, स्टार्च ईमल्सिफायर ,स्टेबलाइजर आदि मिलायें जाते हैं। श्री उपाध्याय ने ऐसे मिलावटी पनीर लगातार खाने से सेहत के गंभीर खतरे से आगाह करते हुए कहा- यह बहुत विडंबना की बात है कि राजधानी समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में बिना किसी डर के एनालॉग यानी मिलावटी पनीर की बिक्री की जा रही थी। यही कारण है कि राजधानी में पिछले दो सालों में लगभग 15 से 20 हजार क्विंटल मिलावटी पनीर जप्त किया गया था। उन्होंने फूड एंड ड्रग विभाग की निष्क्रियता एवं मिलीभगत की चर्चा करते हुए कहा कि - मिलावट खोरों पर कोई कार्यवाही न होने से एनालॉग पनीर की बिक्री निरंतर बढ़ती जा रही थी जिससे प्रदेश की जनता का स्वास्थ्य बुरी तरीके से और तेजी से चौपट होता जा रहा था।

उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि मुझे योग शिविर में आने वाला हर पांचवा व्यक्ति किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की जानकारी मिल रही थी और इस बात पर वे हैरान भी थे।

लोगों के आहार एवं संतुलित भोजन के लिए जागरूक करने वाले योग प्रशिक्षक उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि एनालॉग पनीर एक सिंथेटिक प्रोडक्ट है जो दिखने और स्वाद में बिल्कुल असली पनीर जैसा लगता है इसमें दूध का प्रयोग नहीं होता बल्कि वनस्पति तेल स्टार्च एवं घातक केमिकल के माध्यम से बनाया जाता है यह असली पनीर की तुलना में सस्ता होता है इसीलिए होटल रेस्टोरेंट एवं डेयरी उद्योग में इसकी तेजी से खपत होती है । इसमें प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा नहीं होती।

उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से यह मांग की है कि वह एनालॉग पनीर के पूर्ण प्रतिबंध के बाद चोरी छुपे कोई व्यावसायिक प्रतिष्ठान ऐसे घातक पनीर को तैयार करता है तो उनके लाइसेंस रद्द किये जाए, एवं उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। उन्होंने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा होटल डेयरी में नियमित रूप से जांच की जानी चाहिए एवं एनालॉग पनीर के संबंध में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।

उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के इस निर्णय के संबंध में कहा कि नकली पनीर निर्माण और इससे जुड़ी स्वास्थ्यगत समस्याओं को देखते हुए यह एक अच्छा निर्णय है। जरूरत इस बात की है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग नियमित रूप से तय मापदंडों के अनुसार एनालॉग पनीर बनाने वालों पर शिकंजा कसे और बड़े पैमाने पर नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री को तत्काल इस सीज किया जाए।

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