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1st August 2026

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2 अगस्त को जिले में होगा ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ संकल्प अभियान का शुभारंभ

है हजार जख्म दिल में, मगर अब भी हंस रहा हूँ... मेरे दोस्तों को मेरी, यही बात खल रही है...

मारवाड़ी युवा मंच तेजस्वीनी शाखा द्वारा जागरूकता शिविर पोक्सो एक्ट पर विशेष चर्चा

एक वर्ष में 29 घातक हादसों में 36 श्रमिकों की मौत पर जताई गहरी चिंता, दोषियों पर कार्रवाई करे -अख्तर जावेद उस्मानी

गुरु पूर्णिमा पर गुरु सम्मान समारोह का आयोजन, तेजस्विनी शाखा मारवाड़ी युवा मंच ने किया गुरुओं का अभिनंदन

वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से..*(कॉलम 21 सालों से लगातार) : है हजार जख्म दिल में, मगर अब भी हंस रहा हूँ... मेरे दोस्तों को मेरी, यही बात खल रही है...

Praveen Nishee Fri, Jul 31, 2026

दुनिया में कोई ऐसी हुकूमत नहीं हुई है जो समय के साथ मिट नहीं गई।कोई जल्दी गया तो कोई देर से मिटा....!क्या मंगोल, क्या हूण, क्या मुगल, क्या अंग्रेज,क्या हिटलर, क्या रूस,क्या इंदिरा... और क्या मोदी.? फर्क इतना है, कांग्रेस की जो दुर्गति 70 सालों में हुई,भाजपा उस गति को 12 सालों में प्राप्त हो जाएगी..!' इंदिरा गांधी ने जोअपयश 24 सालों में कमाया था,मोदी उस अपयश को सिर्फ 12 सालों में कमा चुके हैं।भूमि अधिग्रहण बिल, नोटबंदी से शुरू नाकामियों का सिलसिला... ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अचानक युद्ध विराम, यूजीसी पर यूटर्न, अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी है..? गोदी मीडिया भी कितना कवर करे, न्यायपालिका कब तक सपोर्ट करे,नौकरशाही भी कहां तक गुलामी करे? सरकार के भी भीतर खुसपुस,संगठन में बढ़ती बेचैनी,भक्तों की बढ़ती नाराजगी, मोदीजी तक भले ही न पहुंच रही, लेकिन अब मौसम बदलने लगा है,अब तो सभी लोग महसूस कर रहे हैं, समय की चक्की धीमी जरूर चलती है लेकिन बहुत महीन पिसती है,अंग्रेजीराज में सूरज नहीं डूबता था?बाद में 'इंडिया इज इंदिरा' का नारा लगता था,राजीव गांधी ने 400 सीट हासिल की थी, विश्वनाथ सिंह देश की तकदीर थे,आडवाणी को लौहपुरुष कहते थे, मोदी जी का साथ उनके कट्टर समर्थक भी छोड़ रहे हैं? बढ़ती आयु, घटते औरा से संघ और समर्थकों में चिंता बढ़ती जा रही है। किसी को तो योगी में भविष्य दिख रहा है तो किसी को हिमंता में..,गुजरातियों से दुखी महाराष्ट्र की लॉबी वाले देवेंद्र और गडकरी जैसे नेता भी मौके का इंतजार कर रहे हैं। संघ -शाह के बीच खटास बढ़ रही है। सरकार पहले से बैसाखियों पर है। राहुल की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मोदी सरकार के सामने चुनौतियों का पहाड़ है, एक पत्ता भी इधर से उधर हुआ, ताश का महल ढहते देर नहीं लगेगी! जहाज जब तक तैरता है, सब कप्तान का ही हुक्म मानते हैं, जहाज में छेद होते ही सभी जान बचाने की फिक्र में लग जाते हैं। धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा, वो भी मामूली बात पर और सिर्फ 10 हजार लोगों की भीड़ जमा होने पर, किसी को पच नहीं रही है। विरोधी इसे अपनी जीत मान रहे हैं,समर्थक लोकतंत्र का हवाला देकर बचाव कर रहे हैं। किसान आंदोलन में 500 की मौत के बाद भी सरकार एक साल तक नहीं झुकी थी, जबकि कृषि कानून बकायदा संसद से पारित हुए थे। इस बार पेपर लीक के मुद्दे पर एक महीना चले आंदोलन से सरकार घबरा गई? यह दिखाता है कि मोदीजी अब कमजोर पड़ रहे हैं।शारीरिक-मानसिक दृढ़ता अब धीरे धीरे कम हो रही है। उनको भविष्य की चिंता सताने लगी है।वो खुद को इतिहास में हिटलर नहीं बल्कि नेहरू की जगह देखने लगे हैं।वही नेहरू जिनका वो दिन रात मजाक उड़ाते हैं.... आज उसी नेहरू की परछाई बनना चाहने लगे हैं।वो चाहते हैं कि उनका कार्यकाल एक "स्टेट्समैन" की तरह याद किया जाए लेकिन उनकी अबतक की बनाई गई छवि के विपरीत होगा। समर्थक उनको 2002 के गुजरात के सीएम की तरह पसंद करते हैं,पार्टी उनको भगवान की तरह पूजती है, संगठन उनसे और कठोर निर्णय लेने की अपेक्षा रखता है,लेकिन नरेंद्र मोदी को शायद बदलते समय का अहसास हो चुका है। अब वह किसी तरह सत्ता में बने रहना चाहते हैं,उन्हें अब हर समझौता मंजूर होगा और यही पराभव,अपयश का कारण बनेगा। आडवाणी की आह अब असर ला रही है...?

राष्ट्रपति भवन में विशेष

अतिथि बने बस्तरिहा.....'राष्ट्रपति भवन' में एक नया इतिहास रचा गया,पहली बार बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति,लोक-परंपराओं और वेशभूषा का अप्रतिम वैभव नजर आया,सीएम विष्णुदेव साय के साथ बस्तर के 209 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल का स्वागत करते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने न केवल आत्मीयता से सभी को खुद भोजन परोसा, बल्कि बस्तर दशहरा, बस्तर पंडुम में शामिल होने की भी इच्छा जताई,इस दौरान सी एम ने बस्तर की 300 साल पुरानी 'झिटकू-मिटकी' कला कृति भेंट की, जिसे देखकर राष्ट्रपति अभिभूत नजर आईं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रति भागियों, परगना मांझी,मांझी, चालकी, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने स्वयं अतिथियों को भोजन परोस आत्मीयता का परिचय दिया, राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से अनौपचारिक चर्चा कर बस्तर की जनजातीय संस्कृति,लोक कलाओं, परं परागत सामा जिक व्यवस्था एवं बस्तर पंडुम के आयोजन से जुड़े अनुभवों कीजानकारी भी ली।

"हसदेव की हवा"

बदल रही है....?इलेक्ट्रोनिक मिडिया में एक विज्ञापन चल रहा है जिसमें बताने का प्रयास है, अडानी के इस क्षेत्र में सक्रिय होने से यहां की हवा बदल रही है..., वैसे जिस बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई हो रही है निश्चित ही हसदेव,सरगुजा ही नहीं छ्ग की "हवा" बदल जाएगी? छग के हसदेव अरण्य के जंगलों में स्थित केते एक्सटेंशन इंटीग्रेटेड कोयला ब्लॉक में खनन के लिए केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पर्यावरणीय मंजूरी दे दी है,परियोजना में प्रतिवर्ष 90 लाख टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।मंत्रालय की कोयला खनन संबंधी विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने जनवरी 25 में परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी की सिफारिश कर दी थी, लेकिन अंतिम मंजूरी को वन मंजूरी से जोड़ा गया था, जो 9 जून को जारी हुई। हसदेव जंगलों में मंजूरी पाने वाला यह तीसरा बड़ा कोयला क्षेत्र है, पहले परसा और परसा ईस्ट केते बासन (पीईकेबी) ओपन- कास्ट खदानें पहले से संचालित हैं। इन जंगलों को वन और वन्य जीव संरक्षण के लिए खनन निषिद्ध (नो-गो) क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया था,सरगुजा जिले में 1,7 60 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला कोयला ब्लॉक 2015 में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को आवंटित किया गया था।अडानी समूह इस खदान का डेवलपर-ऑपरेटर है,निकाला कोयला राजस्थान के छबड़ा,सूरतगढ़ तापविद्युत संयंत्रों को भेजा जाएगा, मंजूरी ऐसे समय दी गई है जब 2021 में भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) द्वारा हसदेव-अरण्य कोल फील्ड पर किए जैव विविधता आकलन में कहा गया था, पहले से संचालित पीईकेबी खदान को छोड़कर जंगलों में कोई नया खनन नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे जैव विविधता पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।1,502 वर्ग किलोमीटर में फैला हसदेव-अरण्य कोयला क्षेत्र मध्य भारत के सबसे बड़े घने जंगलों में से एक है,यहां घने साल- सागौन के वन हैं,जो वनस्पति विविधता से समृद्ध हैं,क्षेत्र हाथियों, तेंदुओं, बाघों सहित अनेक वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण आवास,आवागमन गलियारा भी है,स्थानीय आदि वासी समुदायों और कांग्रेस ने इस परियोजना तथा केंद्र सर कार की मंजूरियों का विरोध किया है, कहना है, कोयला खनन के कारण बड़े पैमाने पर वनों की कटाई होगी, दस्तावेजों के अनुसार परि योजना के लिए 1,742.6 हेक्टेयर वन भूमि का डायवर्जन किया जाएगा, 4.48 लाख पेड़ों की कटाई का प्रस्ताव है,हालांकि कोयले की जरूरत के अनुसार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, पहले 5 वर्षों में लगभग 98 हजार पेड़ काटे जाएंगे, छठे से दसवें वर्ष के बीच लगभग 60हजार पेड़ों की कटाई होगी, छ्ग सरकार को 60 सेंटीमीटर से कम घेराई वाले 67,414 पेड़ों का प्रत्यारोपण (ट्रांसलोकेशन) करने,बाकी पेड़ों की कटाई भी चरणबद्ध तरीके से करने का निर्देश दिया गया है, परियोजना से सरगुजा जिले की उदयपुर तहसील के केंते, बासन, चकेरी और परोगिया गांवों के 56 परिवार प्रभावित होंगे,परिवारों का पुनर्वास,छ्ग सरकार द्वारा स्वीकृत राहत एवं पुनर्वास योजना के तहत किया जाएगा।

देश के 5 टॉप आईपीएस

में पंकज चंद्रा......कोंडागांव जिले के एसपी पंकज चंद्रा (आईपीएस) ने अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर कोंडागांव, छग पुलिस का गौरव बढ़ाया है। सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में आयोजित 48 वें आई पीएस इंडक्शन ट्रेनिंग कोर्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें “हाई अचीवमेंट सर्टिफिकेट” से सम्मानित किया गया है। विगत 6 अप्रैल से 15 मई 2026 तक आयो जित इस प्रशिक्षण में देश के आईपीएस का मूल्यांकन, सहभागिता, केस स्टडी,अनुशासन, व्यव हार, एमसीक्यू परीक्षा के आधार पर किया गया। सभी मानकों पर शानदार प्रदर्शन कर पंकज चंद्रा ने देश के शीर्ष 5 में स्थान प्राप्त किया। उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं,बल्कि छग पुलिस,विशेष रूप से कोंडागांव जिले के लिए गर्व का विषय है,चंद्रा ने प्रेजेंटेशन में कोंडागांव जिले की पहचान मानी जाने वाली 'केशकाल घाटी के ट्रैफिक प्रबंधन' विषय को बनाया, बढ़ते यातायात दबाव , दुर्घटनाओं की रोकथाम, आपातकालीन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक, ट्रैफिक मैनेजमेंट की कार्ययोजना प्रस्तुत की, जिसकी विशेषज्ञों ने सराहना की।उल्लेखनीय है,कोंडागांव जिले में पदस्था पना के दौरान एसपी चंद्रा ने अपराध नियंत्रण कानून- व्यव स्था को मजबूत बनाने, साइ बर अपराधों पर प्रभावी कार्र वाई, सामु दायिक पुलिसिंग, जनविश्वास बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में उल्लेख नीय कार्य किये, योजनाबद्ध कार्यप्रणाली, त्व रित निर्णय क्षमता, टीम को साथ लेकर चलने की शैली ने पुलिसिंग को नई दिशा दी है।

और अब बस....

0सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो इंडियन आर्मी में 'बस्तर रेजिमेंट' बनेगा,ये छत्तीसगढ़ के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी.इसे लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चिट्ठी भेज कर भरोसा दिया है।

0 आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीज से ₹90 हजार की अतिरिक्त वसूली मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कांपा स्थित मित्तल कैंसर अस्पताल को 3 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है।

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