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: जार्ज सप्तम, पंचम की मूर्तियाँ और 'केसर ए हिन्द' दरवाजा.

Admin Thu, Mar 6, 2025

ब्रिटेन की महारानी विक्टोरियो को साल 1877 में भारत की साम्राज्ञी घोषित किया गया। तब उन्हें केसर ए हिन्द की उपाधि से भी नवाजा गया था। इसकी खुशियां भारत में भी मनाई गई। उनके सम्मान में कई प्रतीक चिन्ह देश के अलग अलग हिस्सों बनाया गया। रायपुर में क्षेत्र के राजाओं, जमींदारों तथा धन्ना सेठों ने मिल कंक्रीट निर्मित विशाल काय दरवाजा बनवाया था ।नाम रखा गया केसर ए हिन्द दरवाजा। रवि भवन बनाने की योजना बनी तो इस दरवाजे को भी तोड़ने की चर्चा उठी मगर आम नागरिकों ने विरोध किया और यह ऐतिहासिक धरोहर सही सलामत बच गई। राय पुर के म्यूजियम गुरु घासी दास संग्रहालय की आज कल गढ़कलेवा के नाम से अधिक पहचान है।यहां एक कोने में खड़ी दो मूर्तियां आज के आम नागरिकों को तो क्या "असहिष्णु" लोगों और नेताओं को अचरज में डाल देंगी। एक मूर्ति है ब्रिटेन के राजा जार्ज पंचम, दूसरी सम्भवतः उनके पिता विलियम सप्तम की 6 फुट अधिक लम्बी मूर्तियां सफेद संगमरमर से निर्मित हैं जार्ज पंचम का जन्म 3 जून 18 65 में हुआ था और मृत्यु 20 जनवरी1936 को हुई थी।उन्हें 1911 में भारत का सम्राट घोषित किया गया। उसी साल भारत भी आए थे। उनके स्वागत में तब भारत में भी पलक पावड़े बिछाए गए। मुंबई का इंडिया गेट उन्हीं के स्वागत के लिए बनाया गया।कहा तो यह भी जाता है कि राष्ट्रगान जन गण मन में 'भारत भाग्य विधाता' शब्द उन्हीं के लिए लिखा गया..! खैर ये तो हुई अलग बात। भारत में शासन करने वाले दोनों की मूर्ति आजादी से पहले किन्हीं चौराहों पर खड़ी रही होंगी। आज उन्हें एक कोने में छिपा कर रखा गया है। दोनों मूर्तियां सही सलामत हालत में है। धूल हटा दी जाए तो भव्यता दिखने लगेगी। इन्हें सेल्फी के शौकीनों के लिए खोला जाना चाहिए। ताकि लोग कह सकें कि हम जार्ज पंचम के साथ खड़े थे।जॉर्ज पंचम(जॉर्ज फ़्रेड रिक अर्नेस्ट अल्बर्ट 3 जून 1865– 20 जनवरी 1936) प्रथम ब्रिटिश शासक थे जो विंड सर राज घराने से संबंधित थे। यूनाइटेड किंगडम, अन्य राष्ट्रमंडल समूह के महाराजा होने के साथ जॉर्ज भारत के सम्राट स्वतंत्र आयरिश राज्य के राजा भी थे।जॉर्ज ने 1910 से प्रथम विश्वयुद्ध (1914–1918) के दौरान, बाद में 1936 में मृत्युपर्यन्त राज किया। जॉर्ज के पिता महाराज एडवर्ड सप्तम की 1910 में मृत्यु होने पर महाराजा बने। वे एकमात्र ऐसे सम्राट थे,जो स्वयं के दिल्ली दर बार में, भारतीय प्रजा के सामने प्रस्तुत हुए, उनका भारत के राजमुकुट से राज तिलक हुआ। प्रथम विश्व युद्ध में उन्होंने सारी जर्मन उपाधियां, वापस कर दीं। इनके शासन ने फासीवाद, नाजीवाद,समाजवाद आदि देखे, प्रथम मजदूर मंत्रालय भी, जिन सभी घटनाओं ने राजनैतिक क्रम को बदल दिया। जॉर्ज, अंतिम दिनों में प्लेग अन्य बीमारियों ने घेर लिया था,उनकी मृत्यु पर उनके ज्येष्ठ पुत्र एडवर्ड अष्टम ने राजगद्दी संभाली थी ।

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