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कैशलेस चिकित्सा का स्वागत, पर पेंशन मुद्दे पर शिक्षकों की नाराजगी : शिक्षक कल्याण संघ बोला—कैशलेस इलाज ठीक, पर पेंशन पर फैसला जरूरी

Praveen Nishee Wed, Feb 25, 2026

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के उपप्रांत अध्यक्ष दिनेश सिंह एवं सरगुजा संभागीय अध्यक्ष हजरत अली ने राज्य बजट में कर्मचारियों के लिए घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा का स्वागत किया है, लेकिन शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी पर निराशा भी व्यक्त की है।

उपप्रांत अध्यक्ष दिनेश सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा सर्वहिताय संकल्प की बात कही गई है, परंतु एलबी संवर्ग के शिक्षकों के लिए ठोस प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1998 में नियुक्त शिक्षक, जो शिक्षा विभाग के पद पर पंचायत के माध्यम से वेतन प्राप्त करते हुए लगभग 30 वर्षों से निष्ठापूर्वक अध्ययन-अध्यापन एवं अन्य शासकीय कार्यों में सेवाएं दे रहे हैं, सेवानिवृत्ति के बाद भी दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में 1998 से सेवा गणना की घोषणा नहीं होना तथा शून्य पेंशन पर सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों के लिए कोई प्रावधान न होना शासन की कर्मचारियों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि जिन कर्मचारियों के माध्यम से शासन अपने कार्यों को क्रियान्वित करता है, उनके हितों की अनदेखी उचित नहीं है।

प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ ने शासन से मांग की है कि न्यायालय के फैसले और पेंशन सेवा अधिनियम 1976 के प्रावधानों के अनुरूप सकारात्मक निर्णय लेते हुए वर्ष 1998 से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए, ताकि शून्य पेंशन पर सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षक साथियों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन का आधार मिल सके।

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