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21st February 2026

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वो शख्स एक ही लम्हें में टूट-फुट गया...... जिसे तराश रहा था मै एक ज़माने से....

नवीन शासकीय कन्या महाविद्यालय, मनेंद्रगढ़ में रंगारंग कार्यक्रमों की धूम

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वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से...20 सालों से लगातार : वो शख्स एक ही लम्हें में टूट-फुट गया...... जिसे तराश रहा था मै एक ज़माने से....

Praveen Nishee Fri, Feb 20, 2026

2009 में भाजपा को मिले थे केवल 24% वोट....2014 में जब देश में ज़बरदस्त एंटी- कांग्रेस वेव थी,जब भाजपा द्वारा प्रचार पर हज़ारों-करोड़ झोंके गए,जब मीडिया पूरी तरह प्रोपेगेंडा मशीन बना दिया गया,तब भी भाजपा का वोट शेयर केवल 31% तक पहुँचा,यानी सत्ता परिवर्तन के शिखर क्षण में भी सिर्फ 7% की बढ़त...फिर भी नरेंद्र मोदी पीएम बने..और इस “ऐतिहासिक बहुमत” की सच्चाई यह भी है,288 सांसदों में लगभग 140 सांसद ऐसे थे जो पहले कांग्रेस या कांग्रेस + के हिस्से रह चुके थे। यही वह बिंदु है जहाँ भाजपा-कांग्रेस के बीच खींची गई मोटी रेखा धुंधली हो जाती है। कोई 40 साल कांग्रेस में रहा, फिर भाजपा में जाकर सत्ता और मलाई खाई, हालात बदलते ही वापस कांग्रेस में लौट आया... तो वह विचारधारा से किसका हुआ कांग्रेस का...? भाजपा का...? या सिर्फ सत्ता का...? लोकतंत्र में असली सवाल पार्टी का नाम नहीं होता, असल सवाल होता है...क्या जनता की इच्छा का अनुपात सत्ता के अनुपात में बदला गया?जब 31% वोट 100% सत्ता बन जाए तो “जनादेश” नहीं, सिस्टम की इंजीनियरिंग कहलाती है.. और यही वह सच हैजिसे शोर, भावुकता और नारेबाज़ी से ढक दिया है।लोकतंत्र की लड़ाई पार्टियों के बीच नहीं,वह प्रतिनिधित्व और सत्ता के बीच होती है...?

गिल,विजयरमन, विश्वरंजन,

कल्लूरी से बड़ा काम,अरुण देव,अमित,सुन्दरराज ने किया...! आदिवासी अंचल, नक्सली प्रभावित बस्तर में नक्सली मुक्त कराने के लिये किये जा रहे प्रयास के लिये डीजीपी अरुणदेव गौतम अमित कुमार ,आईजीपी. सुंदरराज का रिकार्ड बन चुका है, आईपीएस सुंदरराज 11 नवम्बर 19 से बस्तर में यानि 5 साल 3 माह से पदस्थ हैं।लम्बे समय से बस्तर में ही पदस्थ इस आईपीएस के नेतृत्व में कुछ बड़े नक्सली मारे गये,कइयों ने तो आत्म समर्पण किया और क्रम जारी है। इस समस्या के निपटारे हेतु छग सरकार ने प्रयास तो पहले भी किया,कसौटी में कोई खरा नहीं उतरा..पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को निपटाने वाले सुपरकॉप केपीएस गिल हो, मप्र के डकैतों के उन्मूलन में महत्व पूर्ण भूमिका निभाने वाले विजय रमन हो या सालों तक आईबी में पदस्थ रहे विश्व रंजन की बात करें या फिर बस्तर में "फ्रीहेण्ड काम " करने वाले एसआरपी कल्लूरी होँ ‘सभी बे आबरू हो तेरे कूचे से हम निकले’ की तर्ज पर बस्तर से विदा हो गए...!लोकसभा-विधानसभा चुनावों में पहली बार निष्पक्ष मतदान कराने, चुनाव आयोग द्वारा पुरस्कृत,नक्सलवाद को भी अच्छी तरह समझनेवाले संत कमार पासवान को तो डीजी पी के योग्य भी नहीं समझा गया....? पंजाब में आतंक वाद की समाप्ति में प्रमुख भूमिका निभानेवाले केपीएस. गिल नक्सल मामलों के लिए सरकार ने विशेष सलाहकार बनाया पर उन्हें ‘पावर’ नहीं दिया गया वे वापस लौट गये! रायपुर में कभी एसपी रहे विजय रमन को नक्सलवाद समाप्ती हेतु सलाहकार भी बनाया गया पर वे छग सर कार द्वारा ‘सलाह’ नहीं मानने के नाम पर वापस चले गये। विश्वरंजन ‘फ्रीडम’ के बाद कुछ विशेष नहीं करने, एक मंत्री से मतभेद के नाम पर हटाये गये,आईपीएस कल्लूरी भी ‘फ्रीडम के दुरूपयोग’ पर सरकार के निशाने पर आ गये थे। छग में नक्सल विरोधी अभियान की पतवार संभा लने वाले बस्तर के तब के आईजी कल्लूरी की अचानक छुट्टी कर दी गई है।यह पहला अवसर नहीं था।सभी शर्तों को मानकर आईबी से विश्व रंजन को डीजीपी बनाकर बुलाया गया था। 4 साल बाद उन्हें अचानक हटा कर सेवा निवृत्ति के पूर्व डीजी होमगार्ड नियुक्त कर दिया गया था। वहीं सेवानिवृत्त भी हुए।छग कॉडर के वरिष्ठ आईपीएस विश्वरंजन तो छग में आना नहीं चाहते थे पर उन्हें उनकी शर्तों,एक साल पहले प्रोफार्मा पदोन्नति, वेतन एरियर्स आदि शर्तों पर किसी तरह अनुनय -विनय करके छग लाया गया था। लगभग 4 वर्षों तक डी जीपी के पद पर रहे। हालांकि बीच में उन्हें चुनाव आयोग के निर्देश पर लंबी छुट्टी में भेजा गया था।नक्सल विरोधी अभि यान की पतवार 4 साल तक थामनेवाले विश्वरंजन के कार्य काल में 76 सीआरपीएफ जवानों की हत्या, दंतेवाड़ा का जेल ब्रेक हुआ था। बारूद से भरा ट्रक बस्तर से गायब हो गया था।बयानबाजी के लिए मशहूर विश्वरंजन, तब के गृहमंत्री ननकीराम कंवर से विवाद चर्चा में रहा। जुलाई 13 में जब विश्वरंजन अव काश पर ही थे तभी उन्हें डीजीपी के पद से हटाकर होमगार्ड का डीजी बनाया गया था। अनिल नवानी को डीजीपी बनाया गया था। कल्लूरी के बाद आईपीएस पी. सुन्दरराज ने बस्तर की कमान दी गई और लम्बे समय तक बस्तर में उनकी पदस्थापना का रिकार्ड बना, नक्सली उन्मूलन में भी छ्ग में भाजपा की सरकार बनने पर उल्लेखनीय काम उन्होंने किया है उन्हें अशोक जुनेजा अब नये डीजीपी अरुणदेव गौतम के साथ गुप्तवार्ता के प्रमुख अमित कुमार, उनकी टीम के अनुभवों का भी लाभ मिला है ।

छत्तीसगढ़ में 7 को

आईएएस अवार्ड

छग राज्य प्रशासनिक सेवा के 07 को आईएएस अवॉर्ड दिया गया है।भारत सरकार के कार्मिक,लोकशिकायत, पेंशन मंत्रालय ने गजट अधि सूचना जारी की।सभी अधि कारी 2024 बैच के हैं,1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच रिक्तियों के विरुद्ध चयन हुआ,चयनित अधिकारियों में तीरथ राज अग्रवाल, लीना कोसम, सौमिल रंजन चौबे,बीरेंद्र बहादुर पंचभाई,सुमित अग्रवाल संदीप कुमार अग्रवाल, आशीष टिकारिहा शामिल हैं।

बिरनपुर हिंसा मामले

में सभी बरी....

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से जुड़े बहुचर्चित बिरनपुर हिंसा प्रकरण में जिला न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में 17 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित की अदालत में हुई। साजा थाने में इस प्रकरण को लेकर 173 लोगों के खिलाफ हत्या,दंगा, सांप्रदायिक वैमनस्य और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। सुनवाई में 64 अभि योजन साक्षियों के बयान दर्ज किए गए, जिसके बाद फैसले में 17 आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया।

और अब बस.....

0छत्तीसगढ़ में इस साल होली के दिन शौकीनों को शराब मिलेगी। सरकार की नई आबकारी नीति के तहत अब होली के दिन शराब की दुकानें बंद नहीं रहेंगी। यानी अब होली पर जो चाहे दुकान से शराब खरीद सकेगा।

0नान स्टेट सिविल सर्विस कोटे में 2 लोगों को आईएएस अवार्ड मिला है, दोनों ऋषभ कुमार और तरुण कुमार एक ही वित्त विभाग से हैं...!

0छग के बलरामपुर जिले में एक बुजुर्ग व्यक्ति की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या करने के आरोप में एसडीएम करुण डहरिया समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

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