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: अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.एस. सी.) मनेंद्रगढ़ आनंद प्रकाश दीक्षित की अदालत का आया फैसला, न्यायायलय ने झाड़ फूक कर पति की तबियत ठीक करने बहाने पीड़िता के साथ दैहिक शोषण करने मामले में आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत 14 वर्ष का सश्रम कारावास की सुनाई सजा

Admin Fri, Dec 1, 2023

मनेन्द्रगढ़।एमसीबी। मनेंद्रगढ़ कोतवाली क्षेत्र में 17 अगस्त 2021 की थी घटनाम में पीड़िता के घर के अंदर घुसकर उसे भयभीत कर जबरन बलात्कार करने की जुर्म में दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश एफटीएसटी मनेन्द्रगढ़ आनंद प्रकाश दीक्षित की अदालत ने अभियुक्त को आईपीसी की अलग-अलग धाराओं में 14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक जी एस राय ने जानकारी देते बताया कि अभियुक्त पीड़िता के ही मोहल्ले में रहता था, घटना दिवस पीड़िता अपने बीमार पति के साथ घर  थी, उसी समय अभियुक्त वहां आया और बोला की पूजा पाठ कर वह उसके पति को ठीक कर देगा इसके बाद पीड़िता के पति को कमरे में बाहर भेजकर दरवाजा बंद कर जोर-ज़बरदस्ती करने लगा पीड़िता के मना करने पर उसने कहा कि गलत काम नहीं करने से दोनों पति-पत्नी में से कोई एक खत्म हो जाएगा, पीड़िता पर दबाव डालकर उसे भयभीत करते हुए उसके साथ बलात्कार किया, मामले में पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर मनेन्द्रगढ़ पुलिस द्वारा विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया, न्यायालय ने अभियुक्त बदन सिंह मोहल्ला मनेन्द्रगढ़ निवासी 37 वर्षीय कमलेश उर्फ लोली पिता मंगल प्रसाद को दोषसिद्धि पाए जाने पर आईपीसी की धारा 450 के अपराध में 5 वर्ष सश्रम कारावास तथा  धारा 376 (1) के अपराध में 14 वर्ष के सश्रम कारावास दोनों धाराओं में पांच -पांच सौ रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया ।अर्थदंड की राशि अदा नहीं किए जाने पर अभियुक्त को पृथक से एक वर्ष का सश्रम कारावास भुगतना होगा ।

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