वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से...*(कॉलम 20 सालों से लगातार) : रात में ओस में भीगकर, चाँद को ऐसी सर्दी लगी.... सारा दिन धूप में बैठकर,अपने कपड़े सूखाता रहा....
Praveen Nishee Fri, Mar 13, 2026
आदिवासी राष्ट्रपति के करकमलों से जब नए संसद भवन का उदघाटन नहीं कराया जाता और राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रित नहीं किया जाता तब उनका अपमान नहीं होता है...? जब पीएम नरेंद्र मोदी,भाजपा के बुजुर्ग नेता आडवाणी कुर्सी पर बैठे रहें..राष्ट्रपति महोदया हाथ बांधे खड़ी हों तब भी उनका अपमान नहीं होता है, लेकिन जब राष्ट्रपति विशेष रूप से किसी विपक्षी राज्य में जायें और वहां सीएम उनका स्वागत न करें तब उनका और समस्त आदिवासी समाज का अपमान कैसे होता है ? जब राष्ट्रपति महोदया भाजपा शासित राज्यों में जाती हैं उन राज्यों (हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र,उत्तरप्रदेश) के सीएम उनकी अगवानी, स्वागत नहीं करते हैं तब उनका अपमान नहीं होता है पऱ जब एक विपक्षी राज्य की सीएम जो भाजपाई चुनाव आयोग की मनमानियों के विरुद्ध धरने पर बैठी हों और राष्ट्रपति महोदया की अगवानी और स्वागत न करें तो उनका अपमान कैसे हो गया.....? एक राष्ट्रपति को जो एक लोकतांत्रिक देश का सर्वोच्च संवैधानिक प्रमुख है, किसी राज्य के सीएम के स्वागत में नहीं पहुंचने से क्या गरिमा को ठेस पहुंच सकती है.....?
अमित कुमार केंद्र में
एडीजी इम्पेनल....
छत्तीसगढ़ के ख़ुफ़िया प्रमुख अमित कुमार केंद्र में एडीजी इम्पेनल हो गये हैं, इसका मतलब है कि अब यदि वे प्रति नियुक्ति पऱ केंद्र में जाते हैं तो एडीजी के पद पऱ ही जाएँगे।1998 बैच के आईपीएस अमित, बीजापुर, राजनांदगांव,जांजगीर, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर में एसपी रह चुके हैं तो करीब 12 साल प्रतिनियुक्ति पऱ सीबीआई में रहे, संयुक्त संचालक पालिसी के महत्वपूर्ण पद पऱ रह चुके हैंँ, 2028 में अपनी आईपी एस की नौकरी के 30 साल पूरे होने पऱ वे डीजीपी के स्वाभाविक दावेदार भी हो जाएंगे। वैसे 30 साल की सर्विस के पहले ही छग में ए. एन. उपाध्याय डीजीपी बन चुके हैं। छ्ग में वर्तमान में प्रभारी डीजीपी अरुणदेव गौतम के स्थायी होने के बाद 2 साल की पदस्थापना रहेगी और उनके बाद अमित कुमार की दमदार दावेदारी रहेगी।
लगभग 13 करोड़ ₹ मूल्य
के अफीम के पौधे जब्त...
छ्ग में अफीम की खेती की खबरों के चलते सीएम विष्णुदेव साय ने कड़ा रुख अपनाते हुये सभी कलेक्टरों से 15 दिन के भीतर सर्वे रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। साथ ही कड़ी कार्यवाही करने कहा है।दुर्ग के बाद बलरामपुर जिले में अवैध अफीम की खेती के लगातार खुलासे हो रहे हैं।कुसमी क्षेत्र में अफीम का खेत मिलने के बाद खजूरी पंचायत के तुर्रीपानी गांव में करीब 2.5 से 3 एकड़ जमीन पर 5 करोड़ की अफीम की खेती पकड़ी गई है। दुर्ग जिले में 8 करोड़ की अफीम की फसल खेत से उखाड़ने 400 मजदूर लगे तो जब्त पौधोँ को सीमेंट फैक्टरी में नष्ट किया जाएगा।दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम समोदा, झेंझरी,सिरसा के मध्य में अवैध रूप से अफीम की खेती का मामला सामने आया,पुलिस आबकारी , नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, फॉरेंसिक साइंस लेबो रेटरी, राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई कार्र वाई में लगभग 05 एकड़ 62 डिस मिल क्षेत्र में लगे अफीम के पौधों को जब्त किया गया है, कीमत लगभग 08 करोड़ रुपए आंकी गई है। थाना पुल गांव क्षेत्रांतर्गत जेवरा सिरसा चौकी के ग्राम समोदा,झेंझरी, सिरसा के मध्य स्थित भूमि पर अवैध अफीम की खेती किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची, अफीम की फसल पाए जाने पर संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, जिसके पश्चात संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई की गई।राजस्व विभाग के संज्ञान में आते ही कलेक्टर दुर्ग के निर्देश पर अनुविभागीय अधि कारी (राजस्व) दुर्ग, तहसील दार,अतिरिक्त तहसीलदार द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई। जांच में पाया गया ग्राम झेंझरी, तह सील एवं जिला दुर्ग के खसरा नंबर 309 रकबा 80 डिस मिल, खसरा नंबर 310 रकबा 09 एकड़ 92 डिस मिल, कुल 10 एकड़ 72 डिसमिल भूमि मधुमती ताम्रकार,प्रीतिबाला ताम्रकार पिता स्व. सीताराम ताम्रकार के संयुक्त नाम से दर्ज है। उक्त भूमि के लगभग 05 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में अफीम की फसल पाई गई, जिसमें मक्का के पौधों के बीच में अफीम के पौधे लगाए गए थे। टीम द्वारा खेत का निरीक्षण कर अफीम के पौधों को जब्त किया गया। मौके पर यह भी पाया गया ग्राम समोदा एवं झेंझरी की लग भग 110 एकड़ भूमि को तार फेंसिंग से घेरकर मक्का, गेहूं, धान, चना, ज्वार की फसल भी लगाई गई है। उक्त भूमि का सीमांकन, राजस्व अभि लेखों से परीक्षण किया गया, जिसमें समस्त भूमि निजी स्वामित्व की पाई गई। प्रारं भिक जांच में कुछ लोगों की संलिप्तता सामने आई है। पूछताछ में यह जानकारी भी प्राप्त हुई है कि अफीम की खेती के लिए बाहरी लोगों को बुलाकर कार्य कराया जा रहा था।भूमि स्वामी मधुमती ताम्र कार एवं प्रीतिबाला ताम्रकार का संबंध संदेही विनायक ताम्रकार से बताया गया है।मामले में विनायक ताम्रकार पिता गिरजाशंकर (उम्र 58 वर्ष), निवासी तमेरपारा दुर्ग, विकास बिश्नोई पिता नारा यणराम बिश्नोई (उम्र 27 वर्ष), निवासी ग्राम मटोड़ा थाना मटोड़ा जिला जोधपुर (राजस्थान), हाल मुकाम ग्राम समोदा जिला दुर्ग, मनीष ठाकुर,अचलाराम जाट (उम्र 28 वर्ष)के विरुद्ध कार्रवाई की गई, अचला राम जाट फरार है, तलाश जारी है। उक्त प्रकरण में एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत वैधा निक कार्रवाई की जा रही है।
अफीम के लिये 2 युद्ध
भी हो चुके हैं.......!
अफीम युद्ध दो महत्वपूर्ण युद्ध थे जो 19वीं सदी में ब्रिटेन और चीन के बीच लड़े गए।युद्धों का मुख्य कारण था अफीम का व्यापार, ब्रिटेन चीन में फैलाना चाहता था, जबकि चीन इसे रोकने का प्रयास कर रहा था। पहला अफीम युद्ध (1839 -18 42):इस युद्ध की शुरुआत तब हुई जब चीन ने अफीम के व्यापार को बैन कर दिया, ब्रिटेन के व्यापारियों द्वारा चीन में तस्करी से लाई गई अफीम को जब्त कर लिया। इसके जवाब में ब्रिटेन ने चीन पर हमला किया। युद्ध के बाद नानकिंग संधि पर हस्ताक्षर हुए, जिसमें चीन को हांगकांग द्वीप ब्रिटेन को देना पड़ा,5 प्रमुख बंदरगाहों को ब्रिटेन के व्यापार के लिए खोलना पड़ा।दूसरा अफीम युद्ध (1856- 1860):पहले युद्ध के बाद भी दोनों देशों के बीच तनाव बना रहा। दूसरे युद्ध की शुरुआत हुई, चीन ने ब्रिटेन के एक जहाज को रोका,इसके बाद ब्रिटेन- फ्रांस ने मिलकर चीन पर हमला किया। इस युद्ध के बाद चीन को और भी व्यापारिक, क्षेत्रीय रियायतें देनी पड़ीं। युद्धों के परिणाम स्वरूप चीन पर पश्चिमी शक्तियों का दबदबा बढ़ गया, चीन को कई अपमानजनक संधियों पर हस्ताक्षर करने पड़े,जिन्हे"अन्यायपूर्ण संधियां" कहा जाता है। अफीम युद्धों ने चीन के सामाजिक,आर्थिक और राजनीतिक ढांचे को गहरा प्रभावित किया।
फूलोदेवी, लक्ष्मी वर्मा
रास सदस्य बनीँ....
छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए फूलोदेवी नेताम और लक्ष्मी वर्मा निर्विरोध निर्वा चित हो गई हैं। दोनों के खिलाफ कोई अन्य प्रत्याशी मैदान में नहीं होने के कारण उन्हें निर्विरोध विजयी घोषित किया गया। चुनाव प्रक्रिया के तहत 9 मार्च तक नामांकन वापसी की समय सीमा समा प्त होने के बाद यह स्पष्ट हो गया, दोनों उम्मीदवारों के सामने कोई मुकाबला नहीं है।निर्वाचन अधिकारी ने औप चारिक रूप से l निर्विरोध निर्वा चन की घोषणा कर दी।कांग्रेस की उम्मीदवार राज्य सभा सांसद फूलो देवी नेताम, भाजपा समर्थित लक्ष्मी वर्मा के निर्विरोध राज्यसभा पहुं चने से पार्टी खेमे में खुशी का माहौल है।बताया जा रहा है कि विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से दोनों की जीत पहले से ही लगभग तय मानी जा रही थी। भाजपा के 54 विधायक हैं, कांग्रेस के 35 विधायक हैं। राज्यसभा के लिए एकउम्मीद वार को 31 विधायकों के वोट की जरूरत होती, जिसकी वजह से दोनों निर्विरोध चुन ली गई हैं।अब दोनों के निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही दोनों नेता संसद के उच्च सदन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी।
और अब बस.......
0अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सीएम विष्णु देव साय ने बस्तर में महतारी वंदन सम्मेलन–2026 में योजना की 25 वीं किश्त जारी की। इसके तहत प्रदेश की 69 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई।
0पिछले दो वर्षों में 532 माओवादी मारे गए,इसके अलावा 2,704 उग्रवादियों ने आत्म समर्पण किया और 2,004 को गिरफ्तार किया गया है।
0आत्म समर्पण के बाद सीपीआई (माओवादी) के सीनियर नेता देवजी ने राज नीति में आने की इच्छा जताई है।ज्यादा उम्र के कारण देवजी के पास सीमित विकल्प हैं?
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