Advertisment

22nd September 2026

BREAKING NEWS

निवर्सल पब्लिक स्कूल ने वाद-विवाद प्रतियोगिता में मारी बाज़ी

23 सितंबर को निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविर, संगोष्ठी एवं योग-ध्यान सत्र का होगा आयोजन

प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ का रायपुर के तूता मैदान में आंदोलन, प्रदेशभर से करीब 3 हजार शिक्षक एलबी संवर्ग के जुटने का दावा

सात दिवसीय गणेशोत्सव का श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन, नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

पतझड़ के पत्तों ने कहा ना रौदों हमें पांव में.... पिछली रूत में तुम बैठे थे हमारी छांव में....

पुरानी पेंशन की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से सत्याग्रह : प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ का रायपुर के तूता मैदान में आंदोलन, प्रदेशभर से करीब 3 हजार शिक्षक एलबी संवर्ग के जुटने का दावा

Praveen Nishee Tue, Sep 22, 2026

मनेन्द्रगढ़। एमसीबी। प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ ने वर्ष 1998 से नियुक्त शिक्षक एलबी संवर्ग के शिक्षकों को उनकी देय तिथि से सेवा की गणना करते हुए पुरानी पेंशन सहित सकल लाभ प्रदान किए जाने की एक सूत्रीय मांग को लेकर 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन सत्याग्रह आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। संघ के अनुसार प्रदेशभर से वर्ष 1998-99 से 2004 के पूर्व नियुक्त शिक्षक एलबी संवर्ग के करीब 3 हजार शिक्षक रायपुर के तूता मैदान में एकत्र होकर अपनी मांग को लेकर आवाज बुलंद करेंगे।

प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी ने बताया कि संगठन द्वारा लंबे समय से प्रदेश के मंत्री, विधायक, सांसद तथा शासन-प्रशासन के समक्ष ज्ञापन और मांग रखी जाती रही है, लेकिन अब तक इस मामले में अपेक्षित निर्णय नहीं हुआ है।

संघ का कहना है कि वर्ष 1998-99 में शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग द्वारा आवंटित पेंशन योग्य पदों पर की गई थी। वर्ष 2001 में उनका नियमितीकरण हुआ तथा वर्ष 2018 में स्कूल शिक्षा विभाग में शासकीयकरण किया गया। संघ का दावा है कि 2004 से पहले नियुक्ति वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत लाभ दिया गया, जबकि 1998-99 से नियुक्त शिक्षक एलबी संवर्ग के कर्मचारियों को उनकी पूर्व सेवा अवधि की गणना का लाभ नहीं मिल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी दिया हवाला

संघ ने अपने पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के 8 सितंबर 2026 के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा है कि 2004 से पहले नियुक्त कर्मचारियों की पूर्व सेवा की गणना से संबंधित न्यायिक स्थिति उनके पक्ष को मजबूत करती है। संघ के अनुसार, नियुक्ति के स्वरूप तथा बाद में नियमितीकरण की स्थिति के बावजूद पात्र कर्मचारियों को देय तिथि से सेवा लाभ दिए जाने का प्रावधान लागू होना चाहिए। इस संबंध में संघ ने संबंधित निर्णय को शासन के समक्ष भी रखा है।

संघ ने केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियमावली 1972 तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 का हवाला देते हुए कहा कि 1998 से सेवा की गणना कर पुरानी पेंशन सहित अन्य सकल लाभ प्रदान किए जाने चाहिए।

पूर्व सेवा को शून्य मानने पर जताई चिंता

प्रदेश अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी ने कहा कि वर्ष 1998-99 में नियुक्त होकर सेवानिवृत्त हुए कई शिक्षकों की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है। संघ का कहना है कि यदि पूर्व सेवा अवधि की गणना नहीं की गई तो वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को भी भविष्य में इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि शासन द्वारा शिक्षक एलबी संवर्ग की सेवा अवधि की गणना वर्ष 2018 से किए जाने के कारण शिक्षक अपने पूर्व सेवाकाल के लाभ से वंचित हैं। संघ ने इसे समानता और पेंशन अधिकार से जुड़ा विषय बताते हुए शासन से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि इस एक सूत्रीय मांग को लेकर अब आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह एवं सरगुजा संभाग अध्यक्ष हजरत अली ने संयुक्त बयान जारी कर 1998 से 2004 के पूर्व नियुक्त सभी शिक्षक एलबी संवर्ग के साथियों से 2 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में रायपुर पहुंचकर सत्याग्रह आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें