Advertisment

15th August 2026

BREAKING NEWS

पूर्व कोरिया रियासत में स्वतंत्रता आंदोलन (पूर्व कोरिया रियासत जिसमें वर्तमान एमसीबी व कोरिया जिले का ऐतिहासिक विवरण)

मुझको चलने दो अकेला, है अभी मेरा सफऱ..... रास्ता रोका गया तो काफिला हो जाऊंगा.....

ज्योति मजूमदार ने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को कराया भोजन, जरूरत की सामग्री भेंट कर मनाए खुशियों के पल

भव्य तिरंगा मोटरसाइकिल रैली, 25 किलोमीटर की यात्रा के बाद शिव मंदिर में हुआ समापन

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया अंतिम रिहर्सल का निरीक्षण

: जशपुर में साहित्यिक कविता उत्सव 2024 की गूंज मे मनेन्द्रगढ़ की प्रतिभाओं ने रोशनी बिखेरी

Admin Fri, Dec 20, 2024

मनेन्द्रगढ़, शासकीय महाविद्यालय जशपुर के सभागार   मे  सैकड़ो साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति में आयोजित कविता उत्सव 2024   में छत्तीसगढ़ के साहित्यिक परिवेश में एक नया अध्याय और जोड़ दिया. सामाजिक सांस्कृतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्लाउड जशपुर एवं महिला काव्य मंच के सौजन्य से आयोजित  "कविता उत्सव 2024 " में जशपुर के साहित्यिक धुंध में छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों की प्रस्तुति ने नई किरण का उजाला फैलाया. जिसमें मनेन्द्रगढ़ के साहित्यकारों  ने अंचल की रचना धर्मिता को प्रतिबिंबित किया कलाकारों साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक जगत से जुड़े रचना कर्मियों के मध्य मनेन्द्रगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार बीरेंद्र श्रीवास्तव की कविता "शहर में तब्दील होता गांव"  ने श्रोताओं को सांस बांधे सुनने के लिए बाध्य कर दिया. पुलिस अधीक्षक एवं सशक्त साहित्यकार शशि मोहन सिंह की कविता "लाहौर कराची जाएगे ने श्रोताओं में  इतना जोश भर दिया कि लोग भारत माता की जय के नारे  से सभागार को भाव बिफोर कर दिया मनेन्द्रगढ़ के मंच साहित्य के धुरंधर कवि गौरव अग्रवाल ने मंच पर राम राज्य की ऐसी छवि पेश की जिसने साहित्यिक धरातल पर एक नई सोच को अंजाम दिया. अपनी विशिष्ट पहचान की  झगड़ाखांड की साहित्यकार अनामिका चक्रवर्ती की कविताओं ने मंच पर ऐसा समां बांधा कि साहित्य का यह कविता उत्सव जशपुर के स्थानीय आयोजन की सार्थकता का संदेश दे गई. अंबिकापुर के साहित्यकार जितेंद्र गुप्ता के संचालन में मंच पर उपस्थित रचनाकारों में आईपीएस शशि मोहन के साथ उनकी अर्धांगिनी श्रीमती रेखा सिंह जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान के अध्यक्ष जुल्फिकार सिद्दीकी एवं महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अभय राम  वैरागी की उपस्थिति ने जहां मंच को गरिमा प्रदान की, वहीं   साहित्यिक प्रस्तुति में इस मंच पर राजेंद्र प्रेमी, मिलन मलेरिया,  सहित महिला रचनाकारों में अनीता गुप्ता, डॉ. कुसुम माधुरी, सरिता नायक, सरस्वती चौहान, मधु बाजपेई एवं वाशी सिद्दीकी के गीतों और कविताओं की प्रस्तुति ने मंच को ऊंचाइयां पर ला खड़ा किया. छत्तीसगढ़ की  साहित्यिक  धुंध में नया उजाला फैलाने की कोशिश करने वाले  छत्तीसगढ़िया क्लाउड के डॉ. आनंद कुमार पांडे एवं महिला काव्य मंच की अध्यक्ष अनीता गुप्ता को इस सफल आयोजन के लिए मंच अध्यक्ष द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया.

विज्ञापन

जरूरी खबरें