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पहाड़ों की गुफा में है बना अनोखा मंदिर : दक्षिण कौशल साम्राज्य का एक महत्वपूर्ण है ये क्षेत्र , यहां की अनूठी है परम्परा

Praveen Nishee Wed, Sep 17, 2025

मनेंद्रगढ़ । एमसीबी। जिले का इतिहास बहुत पुराना है और यह क्षेत्र दक्षिण कौशल साम्राज्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इस क्षेत्र में कई प्राचीन दैविक स्थल हैं जो अपनी अलग ही महत्व रखते हैं। भगवान विश्वकर्मा का दैविक स्थल जनकपुर में पतले नदी के किनारे स्थित है। यह स्थल बहुत ही सुंदर और शांतिपूर्ण है और यहां पर लोग अपनी मान्यताएं लेकर आते हैं।

इस स्थल की विशेषता यह है कि यहां पर लोग अपनी इच्छाएं लेकर आते हैं और उन्हें लगता है कि उनकी इच्छाएं पूरी होती हैं। यहां के लोगों का यह भी मानना है कि यहां पर जो भी भक्त आते हैं शंकर भगवान वह कभी भी किसी रूप में अपने दर्शन दे सकते हैं।

इस स्थल के संरक्षण की आवश्यकता है ताकि इसकी प्राचीनता और महत्व को बनाए रखा जा सके। जनप्रतिनिधियों को इस स्थल के संरक्षण के लिए उचित कदम उठाने चाहिए और इसके जिर्णोद्धार के लिए भी आगे आना चाहिए। भगवान विश्वकर्मा का दैविक स्थल एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है जो अपनी अलग ही महत्व रखता है। इस स्थल के संरक्षण की आवश्यकता है ताकि इसकी प्राचीनता और महत्व को बनाए रखा जा सके।

आशीष कुमार बैगा श्रद्धालु ने बताया कि जनकपुर पतले नदी किनारे में विश्वकर्मा जी की स्थापना की गई है। यह स्थापना हमारे पूर्वजों द्वारा की गई थी और आज भी हम लोग इसे बहुत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाते हैं।

विश्वकर्मा पूजा के दौरान सभी लोग बहुत उत्साह के साथ शामिल होते हैं। मिस्त्री भैया और अन्य लोग सहयोग करते हैं और पूजा के लिए आवश्यक सामग्री इकट्ठा करते हैं। विश्वकर्मा पूजा के दौरान सहयोग और एकता का बहुत महत्व है। सभी लोग मिलकर पूजा करते हैं और एक दूसरे के साथ सहयोग करते हैं। आशीष कुमार बैगा ने बताया कि पूजा स्थल बहुत ही सुंदर है। यहां पर शंकर जी की स्थापना भी की गई है और नदी के किनारे होने से यह स्थान और भी अधिक आकर्षक हो जाता है।

विश्वकर्मा जी की स्थापना और पूजा एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है जो लोगों को आध्यात्मिक शांति और सुकून प्रदान करता है। आशीष कुमार बैगा का अनुभव इस बात का प्रमाण है कि यह पूजा स्थल वास्तव में बहुत ही विशेष है।

लल्लू श्रद्धालु ने बताया कि विश्वकर्मा पूजा का महत्व उनके लिए बहुत अधिक है। वह हर साल इस पूजा में शामिल होते हैं और इसे बहुत अच्छे से मनाते हैं। स्थल बहुत ही सुंदर और शांतिपूर्ण है। यहां पर नदी और जंगल होने से यह स्थान और भी अधिक आकर्षक हो जाता है। जब वह इस पूजा स्थल पर आते हैं, तो उन्हें बहुत ही शांति और सुकून मिलता है। वह अपनी इच्छाएं लेकर आते हैं और उन्हें लगता है कि उनकी इच्छाएं पूरी होती हैं।

विश्वकर्मा पूजा एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है जो लोगों को आध्यात्मिक शांति और सुकून प्रदान करता है। लल्लू श्रद्धालु का अनुभव इस बात का प्रमाण है कि यह पूजा स्थल वास्तव में बहुत ही विशेष है।

डब्बू श्रद्धालु ने बताया कि विश्वकर्मा भगवान और शंकर भगवान की पूजा एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है जो हिंदू धर्म में बहुत महत्व रखता है। यह पूजा हमारे पूर्वजों द्वारा भी की जाती थी और आज भी हम लोग इसे बहुत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाते हैं।

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