: आज के चर्चित चेहरे,रक्तदान में अपनी अलग पहचान बनाने वाले सुमित अग्रवाल
Admin Mon, Dec 16, 2024
बचपन से ही आध्यात्मिक परिवार में पले बढ़े नगर के रक्तदान में अपनी पहचान बनाने वाले सुमित अग्रवाल का जन्म 31 जुलाई 1984 में मनेन्द्रगढ़ में हुआ था जिन्होंने अपने दादाजी स्व.श्रीनारायण अग्रवाल से सीखा है कि "खुश रहना है तो यथा संभव दूसरों की मदद करो" हाथ हमेशा ऊपर(देने वाला) रखो। बचपन से ही आध्यात्मिक रुचि रही फिर 16 सितंबर 2009 से "आर्ट ऑफ लिविंग" से जुड़े, पहली बार 4 सितंबर 2012 को प्रसव के दौरान अपनी पत्नी को ही रक्तदान किया था और तब से अब तक 29 बार रक्तदान कर चुके हैं ।
अपने पहले रक्तदान के तुरंत बाद ही रायपुर में एक महिला को रक्त की आवश्यकता पड़ी थी जो बहुत ही दुखी थी क्योंकि रक्त कहीं नहीं मिल रहा था तब अपने आर्ट ऑफ लिविंग ग्रुप के सदस्यों से संपर्क किया और रक्त मिल गया तब उस महिला के चेहरे की खुशी ने मन में हलचल मचा दी और समझ आया कि रक्तदान कितना महत्वपूर्ण है बस तब से रक्तदान का संकल्प लिया और तब से आज तक निरंतर जारी है उनका एक बहुत बड़ा व्हाट्सएप ग्रुप है जिसमें छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश के लगभग 700 सदस्य हैं जो छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश से लेकर गोवा तक रक्तदान के लिए जाते हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रक्तदान के लिए जाने वाले अपना आने जाने, रहने खाने आदि सभी खर्च स्वयं वहन करते हैं और मरीज से मिलकर,बता कर आते हैं कि आपको रक्तदान का कोई भी पैसा नहीं देना है क्योंकि कई बार अस्पताल के लोग रक्तदान का अलग से पैसा वसूल लेते हैं।
सुमित अग्रवाल ने बताया कि एक बार रायपुर में किसी मरीज के किडनी ट्रांसप्लांट में वर्ष 2023 में एक ही दिन में उनके रक्तदान ग्रुप ने 73 यूनिट रक्तदान किया था
नगर में जन्मदिन और वैवाहिक वर्षगांठ पर रक्तदान की शुरुआत चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज जैन ने अपने जन्मदिन 20 सितंबर 2022 को की थी और तब से अनवरत जारी है, सुमित ने बताया कि हमारी 90 प्रतिशत बीमारी खून से ही होती हैं इसलिए हमें समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए ताकि खून शुद्ध होता रहे और खून की निःशुल्क जांच भी होती रहे,
सुमित अग्रवाल ने बताया कि उनके "रक्तदान महादान" ग्रुप के सदस्य मयंक अग्रवाल (आईडीएफसी बैंक)ने अब तक 44 बार और जसपाल सिंह कालरा(ब्लास्ट एकेडमी)ने 36 बार रक्तदान किया है और इनके ही ग्रुप की चेताली मुखर्जी कोरबा से हर साल मनेन्द्रगढ़ रक्तदान करने आती हैं और अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद अखिल भारतीय स्तर पर हर साल 17 सितंबर को रक्तदान शिविर आयोजित करती है जिसने रक्तदान का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया जिसके शिविर मनेन्द्रगढ़ में भी लगते हैं
रक्तदान की जागरूकता के लिए 12 वीं कक्षा के छात्रों से लेकर महाविद्यालय के छात्र छात्राओं के लिए जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, दुकानदारों को अपनी दुकान के झोलों पर रक्तदान के स्लोगन लिखवाने चाहिए साथ ही अपने जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ आदि पर रक्तदान करना चाहिए
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