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23rd June 2026

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: आज की चर्चित नेत्री डा.रश्मि सोनकर

Admin Fri, Jan 10, 2025

कुछ लोगों में जन्मजात नेतृत्व क्षमता होती है ऐसी ही हैं नगर की महिलाओं के हितार्थ बनाई गई संस्था प्रबल स्त्री फाउंडेशन की अध्यक्ष डा.रश्मि सोनकर । जिनकी नेतृत्व क्षमता और संगठन क्षमता का प्रत्यक्ष उदाहरण है हनुमान मंदिर में विगत तीन वर्षों से निरंतर जारी हनुमान चालीसा जिसमें हर क्षेत्र की महिलाएं भाग लेती हैं इस पर यह संयोग भी अद्भुत है कि इनका जन्म 20 अप्रैल 1979 को हनुमान जयंती पर प्रदेश की राजधानी रायपुर में हुआ तब इनके पिता श्री सेवाराम पुष्पाकर सोसायटी में कार्यरत थे लेकिन लक्ष्मी स्वरूपा बेटी ने पिता का भाग्य बदला और उनकी बैंक में नौकरी लग गई । इनका बचपन वन संपदा से भरपूर लेकिन कठिन और डरावने बस्तर के केशकाल में बीता जहां भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षा ग्रहण की, इनका साहित्य के प्रति रुझान शुरू से ही था तभी कक्षा पांचवीं में पढ़ते हुए पहली कविता लिखी और पढ़ने में आगे रहने, सतत् सक्रिय रहने के कारण मिडिल स्कूल, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी और कॉलेज मे तक कक्षा नायक रहीं और अपनी नेतृत्व क्षमता के कारण हायर सेकंडरी स्कूल में छात्र संघ अध्यक्ष चुनी गई । डॉ .तेजकांत सोनकर से विवाह हो गया लेकिन शिक्षा के महत्व को समझतीं थीं इसलिए ससुर जी स्व. दयाराम सोनकर  के सामने अपनी बात इतने प्रभावशाली ढंग से रखी कि वे आगे पढ़ाने के लिए बल्कि डाक्टर बनाने के लिए तैयार हो गए मेडिकल कॉलेज में पढ़ते हुए होम्योपैथिक डाक्टरों की नियुक्ति को लेकर वर्ष 2007 में जेल भरो आंदोलन में पहली बार जेल गईं । होम्योपैथी की पढ़ाई पूरी की और गोल्ड मेडलिस्ट डाक्टर बनकर निकलीं,पहली नियुक्ति छुरा (गरियाबंद) में हुई और अपनी सक्रियता से प्रोजेरिया (समय में पहले बूढ़ा होना) का पहला मरीज़ ढूंढ़ा यही नहीं आरबीएसके यानी "राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम" के तहत प्रदेश में पहला हार्ट सर्जरी आपरेशन भी कराया अपने सेवाकाल में देखा कि आमजन विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं जिनके लिए कुछ भी करना तभी संभव है जब या तो "पर्याप्त पैसा हो या सत्ता की ताकत हो" यह बात इतनी घर कर गई कि अन्ततः नौकरी से इस्तीफा दे दिया डाक्टर रश्मि सोनकर ने देखा कि महिलाओं पर निरंतर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं इसलिए मनेन्द्रगढ़ में "प्रबल स्त्री फाउंडेशन" की स्थापना की जिसकी टैग लाइन है "एक कदम सकारात्मक दिशा की ओर" मनेन्द्रगढ़ में आने के बाद जैसा कि सबके साथ होता है कि जो मनेन्द्रगढ़ आया वह यहीं का हो गया,को अपनी कर्मभूमि बनाया और अछूत सी, परिवार से ठुकराई, दुत्कारी गई मरघट में जीवन संघर्ष में लगी "बेबी सारथी" को मरघट से निकाला,हिन्दी पखवाड़े पर वर्ष 2022 में अन्तर्राष्ट्रीय काव्य पाठ में, जिसमें विश्व के 500 कवियों ने सहभागिता की थी उन 500 कवियों में से एक डाक्टर रश्मि सोनकर भी थीं और "वर्ल्ड बुक आफ रिकार्ड,लंदन" में अपना नाम दर्ज कराया और प्रमाण पत्र हासिल किया । साहित्यिक रुझान के कारण नगर की विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों में निरंतर सक्रिय रहती हैं। डाक्टर रश्मि सोनकर नगर की विभिन्न समस्याओं को लेकर आंदोलन करती हैं और प्रयास करती हैं कि समस्या का समाधान हो जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण है नगर में बना महिला शौचालय जिसके लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया था और तीव्र आंदोलन भी चलाया गया था महिलाओं के हितार्थ समर्पित रहने वाली डाक्टर रश्मि सोनकर "लवजिहाद","तलाक","प्रताड़ना"" अनाचार" आदि के प्रति हर समय पर जूझने के तत्पर रहती हैं और कई बार थाने में देर रात तक पुलिस प्रशासन से जूझते रहती हैं । यही नहीं वर्ष 2021 में धर्मांतरण के विरुद्ध धर्मांतरित हिन्दू भाईयों की घर वापसी भी कराई जो आजतक इस क्षेत्र के किसी भी राजनीतिक, सामाजिक नेतृत्व ने नहीं कराई थी। इस बीच संभाग के एक मात्र "एकलव्य वनवासी कल्याण आश्रम" की महिला की अध्यक्ष का कार्यभार संभाला तो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का सघन दौरा कर ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, सेनेटरी नैपकिन आदि के प्रति जागरूक किया और साथ ही शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जिससे उनका जीवन बेहतर हो सके,धर्म को जीवन का महत्वपूर्ण अंग मानने वाली डाक्टर सोनकर नगर के प्रायः सभी धार्मिक आयोजन में अपनी "प्रबल स्त्री फाउंडेशन" की टीम के साथ सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराती हैं और समय-समय पर विभिन्न अवसरों पर रैली आदि का आयोजन किया जाता है धर्म और मानवीय मूल्यों की पक्षधर डॉ रश्मि का ही प्रभाव है कि जब राम मंदिर आंदोलन चल रहा था तब उनके टीम की मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने पूरे मनोयोग से कार्यक्रम में सहभागिता निभाई और प्रसाद से लेकर भगवा ध्वज वितरण में सक्रिय भूमिका अदा की ऐसी ही विश्वसनीयता है प्रबल स्त्री फाउंडेशन की अध्यक्ष की नगर की विभिन्न समस्याओं पर पैनी नजर रखने वाली और हर संभव सहयोग देने वाली डाक्टर रश्मि को जब पता चला कि नगर के "नेत्रहीन विद्यालय" का बोरवेल खराब है तो तत्काल जनसहयोग व शेष राशि स्वयं वहन कर विद्यालय के बोरवेल में नया मोटर पंप लगवाया और पानी की सुविधा सुनिश्चित की बचपन से ही संघ परिवार से जुड़ाव रखने वाली और वर्तमान में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, सोशल मीडिया (भाजपा) डाक्टर रश्मि सोनकर का मनेन्द्रगढ़ के विकास के लिए मानना है कि यहां पट्टे का स्थायी निराकरण होना चाहिए और वन संपदा आधारित उद्योग लगाए जाने चाहिए जिससे लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके

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