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बाल मधुमेह पर जागरूकता की मजबूत पहल : 130 स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण बना उम्मीद की नई किरण

Praveen Nishee Tue, Mar 17, 2026

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। जिले में बच्चों के स्वास्थ्य भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में एक सराहनीय और सकारात्मक पहल के तहत जिला स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 16-17 मार्च को बाल मधुमेह पर उन्मुखीकरण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह पहल विशेष रूप से टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) की समय पर पहचान और बेहतर प्रबंधन के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है।

कार्यशाला में जिले भर से आए 130 स्वास्थ्य कर्मियों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, मितानिन, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं समन्वयकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रतिभागियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति इस महत्वपूर्ण विषय के प्रति उनकी जागरूकता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को टाइप-1 डायबिटीज के लक्षणों की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार, काउंसलिंग, रोगी सहायता समूहों की भूमिका, मानसिक स्वास्थ्य एवं पारिवारिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। समूह गतिविधियों और अनुभव साझा करने के माध्यम से प्रतिभागियों ने विषय की गहराई से समझ विकसित की, जिससे भविष्य में बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने इस पहल को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।

प्रशिक्षण का संचालन यूनिसेफ की टीम द्वारा स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. राजेंद्र रॉय, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विनीत, जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती सहित अन्य अधिकारियों का सक्रिय सहयोग रहा। कार्यक्रम की निरंतरता में 18 एवं 19 मार्च को जनकपुर एवं मनेन्द्रगढ़ में भी ऐसे ही उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक स्वास्थ्यकर्मी प्रशिक्षित हो सकें।

जिला स्वास्थ्य विभाग ने विश्वास जताया है कि इस तरह की पहल से बाल मधुमेह की समय पर पहचान और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित होगा तथा आने वाले समय में जिले के बच्चों का स्वास्थ्य अधिक सुरक्षित और सशक्त बन सकेगा।

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