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: कोयबा सहकारी समिति में रात के अंधेरे में धान का तोलाई,नियमों की अनदेखी, धान खरीदने और बेचने वाले पर उठे सवाल,बोगस खरीदी का हो रहे शक, क्या है पूरा मामला ?

Admin Sun, Jan 12, 2025

अमलीपदर। गरियाबंद। मैनपुर ब्लॉक के कोयबा सहकारी समिति में रात के अंधेरे में धान की तोलाई और बोरी अदला-बदली के मामले ने संदेह के बादल खड़े कर दिए हैं। खाद्य निरीक्षक श्रीमती कुसुम लता के अनुसार , रात के अंधेरों में धान बेचने के लिए आया हुआ किसान का हर धान बोरी का वजन 40 किलो 250 ग्राम होना इस बात का संकेत देता है कि , यह धान स्थानीय किसानों का न होकर किसी व्यापारी से लाया गया हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि उड़ीसा के व्यापारियों से धान खरीदकर उसे छत्तीसगढ़ के मंडियों में खपाने की कोशिश की जा रही है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, शाम 6 बजे के बाद किसी भी प्रकार की धान तोलाई अवैध मानी जाती है। बावजूद इसके, समिति द्वारा रात के अंधेरे में तोलाई की जा रही थी। जब खाद्य अधिकारी ने इस पर समिति के प्रबंधक से सवाल किया, तो उन्होंने समय की कमी का हवाला देते हुए इस धान बोरी का अदला बदली को सही ठहराने का प्रयास किया। अधिकारी की प्रतिक्रिया खाद्य अधिकारी ने प्रबंधक की बात पर असहमति जताते हुए अगले दिन फिर से जांच करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां नियमों का उल्लंघन हैं और समिति की भूमिका संदिग्ध है। समिति प्रबंधक का पक्ष शाखा प्रबंधक लेखनाथ साहू का कहना है कि बोरी की अदला-बदली सिर्फ इसलिए की जा रही है क्योंकि समय और जगह की कमी है। हालांकि, यह स्पष्टीकरण कई सवालों के जवाब देने में असमर्थ है। रात में धान तोलने की यह घटना समिति के कामकाज पर सवालिया निशान खड़ा करती है। अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह स्थानीय किसानों के साथ धोखाधड़ी और सरकारी नियमों की खुली अवहेलना का मामला बन सकता है।

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