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7th March 2026

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लपटों से बचने गांवों की ओर भाग रहे वन्यजीव, वन विभाग की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल!

तूफाँ ने जब एक दिये को आगे बढा दिया.... बाकी बचे दियों ने ही तूफाँ उठा दिया....

नारी शक्ति का नेतृत्व: जिले में 22 महिलाएं निभा रहीं प्रशासन और जनप्रतिनिधित्व की अहम जिम्मेदारी

वरिष्ठ कार्टूनिस्ट जगदीश पाठक के जन्मदिन पर चाय संगोष्ठी में हुआ साहित्य संगम

वरिष्ठ कार्टूनिस्ट जगदीश पाठक 2026 -" कार्टूनिस्ट शिरोमणि"सम्मान से सम्मानित"

वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से...*(कॉलम पिछले 20 सालों से लगातार) : तूफाँ ने जब एक दिये को आगे बढा दिया.... बाकी बचे दियों ने ही तूफाँ उठा दिया....

Praveen Nishee Fri, Mar 6, 2026

दंतेवाड़ा में नक्सल उन्मूलन को लेकर हाई लेवल बैठक में डीजीपी अरुण देव गौतम ने साफ किया-नक्सलियों के लिए सरेंडर अंतिम विकल्प बचा है।देश में लाल आतंक के खात्‍मे की डेडलाइन 31 मार्च में अब महीने से भी कम दिन ही बचा है,ऐसे में छत्तीस गढ़ पुलिस ने अब अपनी रणनीति को और तेज करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इसी कड़ी में दंतेवाड़ा के पुलिस लाइन कारली में बस्तर संभाग स्तर की एक अहम हाईलेवल बैठक आयोजित की गई।बैठक में डीजी पी अरुणदेव गौतम पहु्ंचे थे, जिसमें नक्सल ऑपरेशन से जुड़े वरिष्ठ पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारी शामिल हुए.बैठक में एडीजी नक्सल आपरेशन विवेकानंद सिन्हा,बस्तर आईजी सुंदर राज पी, बस्तर संभाग के सभी जिलों के पुलिस अधी क्षक, सीआरपीएफ तथा पैरामिलिट्री फोर्स के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।करीब चार घंटे तक चली बैठक में नक्सल विरोधीअभियान की स्थिति,खुफिया जानकारी, ऑपरेशन की रणनीति, कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।सूत्रों के अनुसार, नक्सल उन्मूलन की तय समय सीमा 31 मार्च नज दीक आने के कारण सुरक्षा बलों को अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।बैठक में विशेष रूप से फील्ड स्तर पर किए गए कार्यों की समीक्षा की गई, यह आकलन किया गया अब तक कितनी सफलता मिली है, किन क्षेत्रों में अभी कार्रवाई की जरूरत है।बैठक के बाद मीडिया से डीजीपी अरुणदेव गौतम ने कहा कि पहले इस तरह की समीक्षा बैठक रायपुर में आयोजित होती थी, लेकिन अब फील्ड की वास्तविक स्थिति समझने के लिए बस्तर में आयोजित किया गया।उन्होंने बताया नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई है और आगामी दिनों के लिए नई रणनीति तैयार की गई है।डीजीपी ने नक्सलियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि आत्म समर्पण का रास्ता ही खुला हुआ है।उन्होंने कहा कि नक्सलियों के पास ज्यादा समय नहीं बचा है,सरेंडर के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है,जो नक्सली समय रहते आत्मसमर्पण करेंगे, सरकार की पुनर्वास नीति के तहत बेहतर, सुरक्षित जीवन का अवसर मिलेगा, उन्होंने नक्सलियों से अपील कर कहा कि वे अपने परिवार, समाज, अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें,आत्मसमर्पण ही उनके लिए बेहतर, सुरक्षित रास्ता है।बैठक के बाद माना जा रहा है कि बस्तर क्षेत्र में आने वाले दिनों में नक्सल विरोधी अभि यान और अधिक तेज और प्रभावी रूप में देखने को मिल सकता है।

कलेक्टर को सबक

सिखाने ही अपहरण....

वर्ष 2012 में देश को झक झोर देने सुकमा कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन के अपहरण कांड का 14 साल बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इसे अंजाम देने नक्सली नेता,केरला पाल एरिया कमेटी के तब के सचिव हेमला भीमा उर्फ आकाश ने दावा किया है, कलेक्टर से प्रताड़ित सरकारी कर्मियों की शिकायत पर सबक सिखाने के लिए अपहरण किया था।इस वारदात को नक्सलियों की स्थानीय एरिया के 25 लड़ाकों ने ही अंजाम दिया दिया था। बाद में हिड़मा, सोनू, बसवा राजू की इस मामले हुई इंट्री ने इसे हाई प्रोफाइल बना दिया था.... आकाश का दावा है कि उक्त दिवस पर कलेक्टर के यदि एसपी भी होते तो शायद उनकी साजिश सफल नहीं हो पाती। 21अप्रैल 2012 को सुकमा जिले के केरलपाल के मांझीपारा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर से नक्सलियों ने दिन दहाड़े कलेक्टर का अपहरण कर लिया।इस दौरान कलेक्टर के साथ 2 पीएसओ थे, कलेक्टर को बचाने के दौरान वे शहीद हो गए थे। इस घटना ने छग ही नहीं, पूरे देश में नक्सल प्रभावित इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। आकाश ने कहा कि कलेक्टर का अपहरण उनकी हत्या के लिए नहीं, उन्हें सिर्फ सबक सिखाने के लिए किया गया था।आकाश के मुताबिक कलेक्टर के कार्यक्रम की पूरी जानकारी नक्सलियों के पास थी।सरकारी कर्मचारियों की शिकायतों स्थानीय असंतोष को आधार बनाकर संगठन ने रणनीति तैयार की। उसने दावा किया कि कार्यक्रम स्थल से कुछ किमी पूर्व तक एसपी भी कलेक्टर के साथ थे लेकिन कुछ आवश्यक कार्य से वे नीलावाया से सीधे सुकमा की ओर निकल गए। उनकी सुरक्षा में शामिल 15 जवान भी वापस सुकमा लौट गए थे।

संसद विशेषाधिकार

समिति में बृजमोहन...लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की विशेषाधिकार समिति में 15 सदस्य मनोनीत किए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता,सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी समिति में शामिल हैं। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, समिति में प्रसाद के अलावा भाजपा के बृजमोहन अग्रवाल, रामवीर सिंह बिधूड़ी, संगीता कुमारी सिंह देव, जगदंबिका पाल, त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं जगदीश शेट्टर, कांग्रेस के तारिक अनवर, मनीष तिवारी और मणिकम टैगोर, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, द्रमुक के टी. आर. बालू, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी, शिवसेना के श्रीरंग अप्पा बार्ने और शिव सेना (उबाठा) के अरविंद सावंत को सदस्य बनाया गया है। विशेषाधिकार समिति संसद की एक स्थाई समिति होती है, जो सदस्यों या सदन के विशेषाधिकार हनन और अवमानना के मामलों की जांच करती है। यह समिति अध्यक्ष द्वारा संदर्भित मामलों की जांच कर कार्यवाही की सिफारिश करती है। समिति में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा मनोनीत 15 सदस्य, राज्य सभा के सभापति द्वारा मनोनीत 10 सदस्य होते हैं।

कॉंग्रेस:फूलोदेवी

को पुन :मौका.....छत्तीसगढ़ की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर कांग्रेस हाईकमान ने विराम लगा दिया है,पार्टी ने वर्तमान राज्यसभा सांसद, महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम को दोबारा उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने एक बार फिर आदिवासी, महिला कार्ड खेलते हुए फूलोदेवी पर ही भरोसा जताया है। राज्य सभा टिकट के लिए कांग्रेस के भीतर भारी खींचतान और मंथन का दौर चला।चर्चाओं में कॉंग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व अध्यक्ष मोहन मर काम,पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस सिंह देव के नाम शामिल थे।आला कमान ने जातिगत समी करणों, आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सांसद फूलोदेवी नेताम के अनुभव को प्राथमिकता दी है। छग से राज्यसभा में कुल 5 सदस्य प्रतिनिधित्व करते है वर्तमान में फूलोदेवी नेताम, केटीएस तुलसी का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को खत्म हो रहा है।राजीव शुक्ला, रंजीत रंजन का कार्यकाल 29 जून 2028 तक है।फूलोदेवी के कार्यकाल खत्म होने के साथ ही पार्टी ने उन्हें दोबारा मौका देकर यह साफ कर दिया है संगठन में सक्रिय महिलाओं, जमीनी आदिवासी नेताओं को प्रोत्साहित करना चाहती है।

भाजपा:लक्ष्मी वर्मा

राज्यसभा प्रत्याशी

भाजपा ने छत्तीसगढ़ से राज्यसभा चुनाव के लिए श्रीमती लक्ष्मी वर्मा को अपना प्रत्याशी घोषित कर अनुभवी जमीनी कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती वर्मा का राजनीतिक सफर बेहद प्रभावशाली रहा है।भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता जैसे महत्व पूर्ण पदों का निर्वहन कर चुकी हैं। लक्ष्मी वर्मा रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। संगठन के प्रति समर्पित वर्मा ने बूथ, मंडल और जिला स्तर पर एक निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। इस उपलब्धि पर सीएम विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है।

और अब बस......

0 गरियाबंद जिले के खजुरपदर गांव में पिछले करीब 100 सालों से होली नहीं मनाई जाती,ग्रामीणों का मानना है कि देवी के आदेश के कारण यहां होलिका दहन और रंग-गुलाल परंपरागत रूप से बंद है।

0 जगदलपुर स्थित लामनी पार्क में अब विदेशी नस्ल के पक्षियों को देखा जा सकेगा। पर्यटकों के आकर्षण बढ़ाने वन विभाग ने बर्ड पार्क में दो विदेशी प्रजातियों के पक्षी शामिल किये हैं।

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