Advertisment

21st June 2026

BREAKING NEWS

कुछ देर की ख़ामोशी है,फिर शोर आएगा.... तुम्हारा सिर्फ वक़्त आया है, हमारा दौर आएगा....

कलेक्टर हुईं सख्त निर्देश, सुपरवाइजरों को दिया अल्टीमेटम - घर-घर जाकर करें ई-केवाईसी और हितग्राहियों का सत्यापन

जिला शिक्षा अधिकारी से प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ की सौजन्य भेंट, शिक्षा की गुणवत्ता पर हुई चर्चा

मनेन्द्रगढ़ के मधुर अग्रवाल ने सीए परीक्षा उत्तीर्ण कर बढ़ाया नगर का गौरव

98 से गणना कर पुरानी पेंशन लागू करने की मांग, प्रदेशभर में शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन

वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से : कटी हुई टहनियां कहाँ छांव देती हैँ..... हद से ज्यादा उम्मीदें ही घाव देती हैँ …..

Praveen Nishee Fri, Jun 27, 2025

भाजपा ने छ्ग सहित पूरे देश में आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाया। 25 जून 1975 यानि 50 साल पहले तब की पीएम इंदिरा गांधी ने 'इमरजेंसी या आपातकाल' देश पर थोपा था। कांग्रेस के तब के अध्यक्ष देवकांत बरूआ ने इंदिरा का यशो गान करते हुए एक नारे का इजाद किया था... 'इंडिया इज इंदिरा... इंदिरा इज इंडिया... पूरे आपातकाल में यह नारा गूंजता रहा और लगभग हर कांग्रेसियों की जबान पर यह नारा था, विपक्ष के नेता तथा बाद में पीएम बने अटल बिहारी वाजपेयी ने एक कविता लिखकर कांग्रेस अध्यक्ष बरूआ को चमचों का सरताज कहा था।आपातकाल की सालगिरह आती है तब बरूआ का नारा.. अटलजी की कविता की भी चर्चा होती है।असल में 12 जून 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी के रायबरेली 1971 के चुनाव में अनियमितता का दोषी ठहराकर संसद सदस्यता रद्द करआगामी 6 साल के लिए चुनाव लडऩे पर रोक लगा दी थी,बाद में इंदिरा ने आपातकाल की भी देश में घोषणा कर दी थी। उसी समय देवकांत बरूआ के 'इंदिरा इज इंडिया' के नारे के बाद अटलजी ने कविता लिखी थी...

"इंदिरा इंडिया एक है इति

बरूआ महराज...

अक्ल घास चरने गई,

चमचों के सरताज...!

चमचों के सरताज,

किया भारत अपमानित..

एक मृत्यु के लिए कलंकित

भूत भविष्यत...!

कह कैदी कविराय,

स्वर्ग से जो महान है,

कौन भला उस भारत

माता के समान है..?"

खैर आपातकाल के बाद कांग्रेस की देश में हालत हुई वह किसी से छिपी नहीं रही..पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार केंद्र में बनी,उपरोक्त संदर्भ का उल्लेख इसलिये करना पड़ा क्योंकि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा तो देवकांत बरूआ से सैकड़ों कदम आगे बढ़कर एक बार पीएम नरेन्द्र मोदी को 'देवता' ही ठहरा दिया था, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की भाषा से खिलवाड़ करते हुए घोषित कर दिया कि मोदी 'सुरेन्द्र' है। राहुल ने 'समपर्ण' मोदी को कभी मजाक से 'सरेन्द्रर (सरेंडर) लिख दिया था, नड्डा ने इसे सुरेन्दर बना दिया सुरेन्द्र का दूसरा नाम इंद्र है, जो देवताओं के राजा होते हैं। नड्डा की मंशानुसार नरेन्द्र मोदी इंसानों के ही नहीं देवताओं या भगवानों के भी नेता है। वहीं तब के मप्र के सीएम शिवराजसिंह ने तो मोदी को भगवान का वरदान ही ठहरा दिया था। स्वामीभक्ति,चाटुकारिता, व्यक्ति पूजा की यह तो परा काष्ठा ही मानी जा सकती है...? खैर अब अटलजी जैसे कवि-नेता नहीं रहे... नहीं तो एक नई कविता का जन्म हो जाता..? वैसे नड्डा की ही बात नहीं, पहले भी कुछ नेता मोदी को'अवतार' भी घोषित कर चुके हैं..? मोदी भी स्वयं को 'नान बायोलाजिक़ल' भी बता चुके हैं.. ?

शाह-साय और अकेले

में बातचीत.....

केंद्र की भाजपा सरकार में पीएम नरेंद्र मोदी के बाद प्रोटोकाल सहित भी नंबर 2 की हैसियत रखनेवाले नेता अमित शाह और छ्ग के सीएम विष्णुदेव साय के बीच रायपुर से वाराणसी (45 मिनट) वाराणसी से दिल्ली लगभग (60 मिनट) विमान यात्रा में एकांत में चर्चा छ्ग की राजनीति,मंत्रि मंडल विस्तार,कुछ की छुट्टी कुछ नये लोगों को मंत्री बनाने, नये मुख्य सचिव की नियुक्ति, स्थायी पुलिस मुखिया बनाने सहित कुछ बड़े भाजपा नेताओं पर चर्चा हुई होगी यह तय है....! पहली बार हुआ है कि साय को अपने 'मन की बात' अमित शाह से करने का अवसर मिला....वैसे कुछ नेता जरूर अमित शाह का खास होने का दावा यदा-कदा करते रहते हैं.... खैर एक घंटा 45 मिनट शाह-साय की चर्चा का असर कुछ दिन बाद देखने को मिले तो आश्चर्य नहीं होगा..?

छ्ग कॉंग्रेस में आखिर

चल क्या रहा है...!

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में आखिर चल क्या रहा है..! प्रदेश प्रभारी बनने के करीब 15 महीने बाद सचिन पाय लेट कॉंग्रेस संगठन से जुड़ी कई इकाईयों की बैठक लेते हैं... युवा शाखा प्रमुख से सबके सामने कहते हैं- सबसे ज्यादा चंदा लेने की शिकायत है.. मिडिया ग्रुप की एक महिला की क्लास लेते हैं,कुछ अन्य छोटे बड़े नेताओं पर उखड़ भी जाते हैं। एक बैठक में पूर्व सीएम भूपेश बघेल,छग कॉंग्रेस अध्यक्ष पर आरोप लगाते हैं कि अनुशासनहीनता करने वालों पर कार्यवाही नहीं हो रही है, मेरे खिलाफ बयान बाजी करने वालों के खिलाफ कार्यवाही तो दूर, अध्यक्ष उनके साथ चाय पीते देखे जाते हैँ।छ्ग में सबसे अनुभवी,वरिष्ठ और नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत पर भी इशारे में आरोप लगा देते हैं कि सीएम के खिलाफ आक्रमक हमला नहीं हो रहा है...? खैर डॉ महंत वहाँ तो चुप रहे, बाद में आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस कि तैयारी के सवाल पर मजाकिया लहजे में कहते हैं- हम लाठी लेकर जाएंगे.. 😃महंत के भूपेश के आरोप के जवाब में दिये गये बयान पर अति उत्साही डिप्टी सीएम,गृहमंत्री विजय शर्मा कूद पड़े..उन्होंने कहा कि ऐसा होगा तो हम कार्य वाही के लिये तैयार हैँ....!कांग्रेसी नेताओं की आपसी बयानबाजी में भाजपा का कूदना समझ के परे है...?

रानू-दिल्ली,समीर-कानपुर,

सौम्या का बैंगलरु में डेरा...

छ्ग के चर्चित 570 करोड़ के कोयला घोटाला मामले में सुको से जमानत और छग से बाहर रहने के निर्देश के बाद एसीबी- ईओडब्लू की विशेष अदालत में पेश होकर निलंबित आईएएस रानू साहू ने दिल्ली में अपने भाई के घर,निलंबित आईए एस समीर विश्नोई रिश्तेदार के घर कानपुर में और सौम्या चौरसिया ने भाई के साथ बैंगलरु में रहने की जानकारी दी। यहां बताना जरुरी है कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई तक छत्तीसगढ़ से बाहर रहने की शर्त पर ही जमानत दी है।

सफाईकर्मी नहीं

एएसपी थीं मैडम.....

गांवों में अवैध शराब बनाने और बेचने की शिकायतें तो मिलती थी पर छापा मारने के पहले ही माफिया फरार हो जाते थे, मौके पर माल सहित पकड़ना जरूरी था, बिलासपुर ग्रामीण की एडीशनल एसपी अर्चना झा ने सफाई कर्मी का लिबास पहना, कुछ विश्वासी पुलिस कर्मियों को भी सफाई कर्मी बनाकर गांव पहुंची और उन्हें वहाँ एक हजार लीटर महुआ शराब, बनाने के बर्तन, 7 शराब माफियाओँ को पकड़ने में सफलता भी मिली... पहले तो लोगों ने सफाई कर्मी कहकर विरोध भी किया,ज़ब पता चला कि पुलिस अफसर हैं तो लोगों के पैरों से जमीन खिसक गई...।

और अब बस.....

0 नया मुख्य सचिव कौन होगा यह अभी तक तय नहीं हुआ है.. 30 जून को वर्तमान सीएस जैन रिटायर हो रहे हैं।

0 लोगों को समझ में नहीं आ रहा है -आपातकाल को पानी पी पी कर कोसने वाले मीसा बंदी का पेंशन क्यों ले रहे हैं....?

0राजनांदगांव जिले में पिछले 20 दिनों में कोरोना से 3 लोगों की मौत हो चुकी है,जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें