: शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ में जनजातीय गौरव विषय पर कार्यशाला संपन्न
Admin Fri, Oct 25, 2024
मनेन्द्रगढ़।एमसीबी। शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ और नवीन शासकीय कन्या महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में जनजातीय समाज का ऐतिहासिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में सरगुजा जनजाति गौरव समाज एवं जागो संस्थान बंजी के अध्यक्ष परमेश्वर सिंह और विशिष्ट अतिथि
के रूप में नभाग सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सरोज बाला श्याग बिश्नोई ने की। कार्यशाला का प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथि स्वागत से हुआ। कार्यशाला के संयोजक सुशील कुमार छात्रे ने प्रस्तावना रखते हुए कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज का विशिष्ट योगदान रहा है। उन्होंने जनजातीय समाज के नायकों का विस्तार से परिचय दिया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए नवीन शासकीय कन्या महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ के प्रशासनिक अधिकारी डॉ राम किंकर पाण्डेय ने कहा कि जनजातीय समाज भारत की सनातन संस्कृति का संवाहक रहा है। जनजातीय समाज के योगदान को भुलाया नही जा सकता है ।विशिष्ट वक्ता नभाग सिंह ने छत्तीसगढ़ और सरगुजा अंचल के जनजातीय समाज के नायकों का स्मरण करते हुए उनके सामाजिक योगदान को रेखांकित किया। इतिहास विभाग के सहायक प्राध्यापक कमलेश पटेल ने जनजातीय समाज की ऐतिहासिक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता परमेश्वर सिंह ने कहा कि जनजातीय समाज सदैव से भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बन कर रहा है। उन्होंने जनजातीय नायक भगवान बिरसा मुंडा के अप्रतिम योगदान को याद करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश औपनिवेशिक दासता की शोषण और दमनकारी व्यवस्था के खिलाफ जिस विद्रोह का सूत्रपात किया था वह भारतीय इतिहास की उल्लेखनीय घटना है। मुख्य अतिथि परमेश्वर सिंह ने छत्तीसगढ़ के शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत को याद करते हुए उन्हें भारत मां का सच्चा सपूत कहा। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज सदैव से प्रकृति पूजक रहा है जिसने अपनी जल जंगल और जमीन के लिए हमेशा संघर्ष किया है। अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सरोज बाला श्याग बिश्नोई ने कहा कि भारत सरकार ने जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को मान देने और उनकी स्मृतियों, गौरव गाथा को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया है उसी क्रम में आयोजित यह कार्यशाला महाविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपने जनजातीय समाज के नायकों के योगदान को संरक्षित करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि आगामी दिनों में हम महाविद्यालय में इस विषय पर एक राष्ट्रीय स्तर का सेमीनार आयोजित कर शोध पत्रो को प्रकाशित करने की घोषणा की । अपने उद्बोधन में डॉ विश्नोई ने कहा कि महामहिम भारत के राष्ट्रपति , छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री भी जनजाति समाज का वर्तमान गौरव है ।कार्यशाला का संचालन कार्यक्रम की संयोजक श्रीमती अनूपा तिग्गा ने किया। कार्यक्रम में डॉ श्रावणी चक्रवर्ती, डॉ रश्मि तिवारी, सुशील तिवारी,प्रभा राज , डॉ अरुणिमा दत्ता, रंजीत मणि सतनामी, डॉ वर्षा तिवारी, डॉ अनीता यादव सहित शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ और नवीन शासकीय कन्या महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ के सभी अधिकारी कर्मचारी और छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का शाल एवं श्रीफल भेंट कर प्राचार्य द्वारा जनजाति के प्रतिनिधि के रूप में सम्मान किया गया। डॉ विश्नोई द्वारा सभी अतिथियों के प्रति कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार प्रकट किया।कार्यक्रम का अन्त राष्ट्रीय गान के साथ किया गया ।
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