विश्व स्वास्थ्य दिवस पर उपस्थित हुए आयुर्वेदिक चिकित्सक : "विश्व स्वास्थ्य दिवस-" उत्तम स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का वैश्विक अभियान - डॉ .चंदेल
Praveen Nishee Tue, Apr 7, 2026

मनेद्रगढ़। एमसीबी । तेज रफ्तार जीवन शैली में हेल्थ को लेकर सतर्क और गंभीर रहें , 7 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व स्वास्थ्य दिवस केवल एक औपचारिक दिन नहीं है बल्कि यह दुनिया को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का वैश्विक अभियान है- उक्ताशय के विचार सुप्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सा डॉ संदीप चंदेल , -" एमसीबी योग सेवा समिति" के द्वारा आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर के अवसर पर व्यक्त कर रहे थे। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एमसीबी योग सेवा समिति के आमंत्रण पर , उपस्थित वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सा डॉ.चंदेल का पुष्प गुच्छ से स्वागत वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने किया।
शिविर में उपस्थित डॉ. मानसी एवं डॉ मेघा गुप्ता का स्वागत महिला प्रभारी बलवीर कौर, आर डी दीवान, रामसेवक विश्वकर्मा, वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण निशी,जगदंबा अग्रवाल कैलाश दुबे, परमानंद सिंह दिवाकर मिश्रा, राकेश अग्रवाल ,पिंकी रैना,कविता मंगतानी, रूपा पोद्दार अर्चना सेजपाल, कल्पना सिंह राजपूत अर्चना अग्रवाल ने किया।
डॉ. पूर्णिमा सिंह के निर्देशन में योग स्थल पर डॉ मानसी , एवं डॉ मेघा गुप्ता ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर रोगों के अनुसार दवाइयां का वितरण किया। इस अवसर पर
आयुर्वेद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा
आयुष मंत्रालय छत्तीसगढ़ का स्वस्थ जीवन के उपाय दिनचर्या ऋतुचर्या से संबंधित पत्रको का वितरण किया गया।
विश्व स्वास्थ्य दिवस पर डायबिटीज और हाइपरटेंशन को वैश्विक बीमारी बताते हुए वरिष्ठ योग परिषद सतीश उपाध्याय ने कहा कि - नियमित योग एवं प्राणायाम से इन तमाम बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब बड़े पैमाने पर देश में मानसिक रोगी सामने आ रहे हैं जिसका संपूर्ण इलाज आयुर्वेद चिकित्सा के साथ योग प्राणायाम में समाहित है। डॉ. संदीप चंदेल ने स्वस्थ जीवन के सरल सूत्रों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की नींद को प्राथमिकता देना चाहिए एवं कम से कम 30 मिनट योगाभ्यास एवं एक्सरसाइज तथा संतुलित आहार के सेवन से तन मन को पूरी तरीके से स्वस्थ रखा जा सकता है। वर्ल्ड हेल्थ डे को लेकर उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी सजगता से दीर्घ जीवन पाया जा सकता है इसके लिए अपने दैनिक दिनचर्या में स्वास्थ्य एवं प्राणायाम को भी जगह दिया जाना चाहिए। डॉ चंदेल ने स्वस्थ जीवन शैली एवं बीमारियों से बचने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ साथ
दैनिक दिनचर्या में योग को आत्मसात करने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय एवं उपस्थित समस्त शिक्षकों का आभार प्रदर्शन वरिष्ठ योग प्रशिक्षक का बलवीर कौर ने किया।


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