वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से..(कॉलम 20 सालों से लगातार) : सूरज की तपन तुमसे बर्दास्त नहीं होती.... एक मोम से पुतले सा किरदार तुम्हारा है....
Praveen Nishee Fri, Jan 16, 2026
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बदलाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है,सूत्रों की मानें तो अध्यक्ष दीपक बैज को हटा टी एस सिंहदेव बाबा और उमेश पटेल बाबू के नाम चर्चा में हैं। कुछ प्रदेशों में अध्यक्ष बदलने की हाई कमान की इच्छा है, इसमें छ्ग का भी नाम है, छ्ग के कॉंग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को हटाने की चर्चा पहले से ही है। सूत्रों की मानें तो पूर्व डिप्टी सीएम तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टी एस सिंहदेव भी पार्टी कमान सम्हालने तैयार हैं, वे अपनी इच्छा भी जाहिर कर चुके हैं, इधर पूर्व सीएम भूपेश बघेल चाहते हैं, पिछड़े वर्ग के विधायक, पूर्व मंत्री उमेश पटेल को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाये, क्योंकि छ्ग के जाति समीकरण में भी उमेश उपयुक्त हैं पऱ एक वर्ग इसका विरोधी भी है, वह चाहता है किसी वरिष्ठ नेता कोअध्यक्ष बनाया जाए ताकि वह पुराने-नये लोगों को साथ लेकर चल सके...?
एडीजी,आईजी,डीआईजी और
एसएसपी प्रमोशन जल्दी.....
छग में एडीजी, डीआईजी, एसएसपी के लिये डीपीसी जल्दी पूरी हो जाएगी,हाल ही में डीपीसी में शराब 6 हजार के शराब घोटाला मामले में 4 आईपीएस को केंद्रीय जाँच एजेंसी द्वारा 17 ए के तहत नोटिस देने को लेकर निर्णय नहीं हो पाया था,पऱ अब तय हो गया है, एक महिला आई पीएस जिनकी विभागीय जाँच हो रही है उन्हें छोड़ 3 को डीपीसी में शामिल किया जाएगा। वर्तमान में 2001 बैच के आईपीएस डॉ आनंद छाबड़ा को एडीजी,2008 बैच आईपीएस प्रशांत अग्र वाल,नीतू कमल,डी.श्रवण, मिलना कुर्रे को आई जी (पारुल माथुर को छोड़कर) 2012 बैच के 7 आईपीएस आशुतोष सिंह,विवेक शुक्ला, रजनेश सिँह,शशिमोहन सिंह, राजेश कुकरेजा,राजेश अग्र वाल,विजय अग्रवाल, राम कृष्ण साहू को डीआईजी, 2013 बैच के 4 आईपीएस जितेंद्र शुक्ला, मोहित गर्ग, अभिषेक पल्लव, भोजराम पटेल को सलेक्शन ग्रेड यानि एसएसपी पदोन्नत किया जा सकता है।
छ्ग का पहला पुलिस
कमिश्नर कौन.....?
पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने से पहले गृहविभाग में मंथन तेज हो गया है। रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर के लिए बिलासपुर के आईजी संजीव शुक्ला के साथ 3 और नाम सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं। इनमें आइपीएस बद्री नारायण मीणा, राम गोपाल गर्ग,दीपक कुमार झा शामिल हैं। बद्री मीणा पूर्व में रायपुर एसएसपी रह चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव के साथ सख्त कानून-व्यवस्था नियंत्रण के लिए जाने जाते हैं। वहीं दीपक झा भी फील्ड पोस्टिंग अनुशासनात्मक कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं। राम गोपाल गर्ग को भी छ्ग का अच्छा खासा अनुभव है।पहले,आईपीएस अजय यादव, सुंदरराज पी, अमरेश मिश्रा समेत कुछ अन्य नाम भी कमिश्नर की दौड़ में शामिल रहे हैं।पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुता बिक ऐसे अधिकारी को कमिश्नर (ओएसडी) बनाना चाहती है,जो व्यवस्था के शुरुआती दौर में मजबूती से स्थापित कर सके। चर्चा है कुछ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने रायपुर पुलिस कमिश्नर बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। पीछे कारण कमिश्नर के सीमित अधिकार क्षेत्र बताए जा रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत कमिश्नर का अधिकार केवल शहरी क्षेत्र तक सीमित रहेगा, जिसमें करीब 22 थाने शामिल होंगे, जबकि शेष ग्रामीण क्षेत्र के 11 थानों के लिए एसएसपी तैनात करने की अलग व्यवस्था होगी।राय पुर में पुलिस कमिश्नरी की घोषणा सीएम विष्णुदेव साय ने करीब छह महीने पहले की थी। वरिष्ठ प्रदीप गुप्ता की अध्यक्षता में गठित टीम ने ओडिशा, महाराष्ट्र,उप्र और मप्र सहित 6 राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन किया था। तैयार ड्राफ्ट को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है और 23 जनवरी से रायपुर में नई व्यवस्था लागू होगी। इसी दिन कमिश्नर कार्यालय के उद्घाटन की संभावना है।
चूहे,धान खा रहे हैं,
पक्षी,चोंच मार रही है...?
छत्तीसगढ़ जिसे गर्व से देश का 'धान का कटोरा' कहा जाता है अब एक ऐसे कटोरे में बदलता दिख रहा है जिसमें धान नहीं टिकता, बस गायब होता है।हर घंटे एक ट्रक भर धान लापता हो रहा है। सरकारी तौर पर बताया जाता है कि उसे चूहे खा रहे हैं, पक्षी चोंच मार ले जा रहे हैं, दीमक चबा रही है और हवा सुखा रही है।भाजपा के वरिष्ठ नेता, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी इस मसले पऱ दिलचस्प टिप्पणी की है कि बिल्ली की व्यवस्था सरकार करेगी...?लेकिन आंकड़े इशारा करते हैं कि यह सिर्फ प्रकृति की भूख नहीं,बल्कि व्यवस्था की भी भूख है और वह कहीं ज्यादा संगठित है।सचमुच ऐसा है, तो छत्तीसगढ़ अब देश का “धान का कटोरा” नहीं रहा यह देश का पहला प्राकृतिक संग्रहालय बन गया है, जहां चूहे करोड़ों खाते हैं? पक्षी ट्रक उड़ाते हैं?दीमक विभा गीय फाइलें कुतरती है....?कवर्धा में चूहे 7 करोड़ का 26 हजार क्विंटल धान खा गये,जांजगीर, महासमुंद, जश पुर आदि से भी कुछ ऐसी ही खबरेँ आ रही है।
256 नक्सली मारे गये हैं
पिछले 5 सालों में.....
2021-2025 के बीच बस्तर संभाग में अलग-अलग मुठ भेड़ों में 256 नक्सली मारे गए, जबकि इस दौरान 23 जवानों ने देश की सुरक्षा में अपनी शहादत दी, कुर्बानियों के बाद हालात पहले जैसे नहीं रहे।नक्सली घटनाओं, आईईडी ब्लास्ट, नागरिकों की हत्या के मामलों में साफ तौर पर कमी आई है,लगातार सर्च ऑपरेशन, एरिया डॉमि नेशन और खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई से नक्सलियों का नेटवर्क बिखरता नजर आ रहा है,कई इलाकों में नक्सली या तो गिरफ्तार किए जा रहे हैं या फिर सरेंडर कर रहे हैं।गांवों में अब तो दहशत नहीं दिखती, विकास कार्यों की रफ्तार भी बढ़ी है। वैसे खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, हथियार अब भी चुनौती बना हुआ है।हालांकि सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि नक्सली पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं, कुछ माओवादी गुटों के पास अब भी ऑटोमैटिक हथियार मौजूद हैं।इसी वजह से सुरक्षाबल किसी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं हैं, ऑप रेशन लगा तार जारी हैं, हर मूवमेंट पर पैनी नजर रखी जा रही है।
एक और कॉंग्रेसी विधायक
जेल गये.. जमानत भी..
जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट ने 22 जनवरी तक के लिए जेल भेज दिया था।बाद में उनकी जमा नत भी हो गई है, यहां यह बताना जरुरी है कि भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव भी जेल जा चुके हैं पूर्व मंत्री और विधायक क़वासी लखमा काफी दिनों से जेल में हैं।विधायक बालेश्वर साहू पर एक किसान से 42 लाख 78 हजार ₹ ठगने का आरोप है। विधायक ने अपने सहयोगी गौतम राठौर के साथ मिलकर किसान राजकुमार शर्मा को लोन दिलाने का झांसा देकर 10 ब्लैंक चेक लिए, फर्जी हस्ताक्षर कर पैसे निकाल लिये।यह मामला 2015 से 2020 के बीच का है बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी बैंक में मैनेजर थे,राठौर विक्रेता के रूप में कार्यरत था। दोनों ने मिल किसान क्रेडिट कार्ड से लोन दिलाने का बहाना बना किसान से 10 ब्लैंक चेक ले एचडीएफसी बैंक में 2 नए खाते खुलवाए।चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर,अंगूठा लगा, उन्होंने धीरे-धीरे किसान के खाते से 42लाख 78 हजार ₹ निकाल लिए। पहली निकासी15 जन वरी 2015 को 51 हजार ₹ की हुई थी।वैसे विधायक तो साजिश का आरोप लगा रहे हैं।
और अब बस.......
0 लीथियम खदान नीलामी वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य बना...
0 आयुष्मान योजना में वर्त मान में निजी अस्पतालों का करीब 2100 करोड़ ₹ का क्लेम लंबित है। 600 करोड़ ₹ पिछले तीन माह के हैं, करीब1500 करोड़,कांग्रेस शासनकाल के बताए जा रहे हैं।
0 छ्ग विस चुनाव 2023 में जीत हासिल करने वाले 90 विधायकों में 17 विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी।
0सौम्या चौरसिया अब शराब घोटाला में इओडब्लू की रिमांड पऱ है।
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