Advertisment

18th May 2026

BREAKING NEWS

रिजल्ट रहा बेहतर, शशांक पोद्दार ने अर्जित किया 92% अंक

कलेक्टर संतन देवी जांगड़े को पतंजलि योग शिविर में शामिल होने का दिया गया आमंत्रण

जांच करें, सफाई रखें और ढककर रखें , डेंगू को मिलकर रोकें” जैसे नारों के साथ जागरूकता संदेश

विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर मितानिन कार्यकर्ताओं द्वारा जन जागरूकता रैली निकाली गई

धान के 72 रूपये न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ने से कांग्रेसियों के पेट में मरोड़ एवं दर्द होने लगा है - मुरलीधर सिन्हा

: चींटियो का संसार, आख़िर कैसे ये बनाती है,अपनी कॉलोनी गज़ब की है इनकी इंजीनियरिंग

https://youtu.be/yxxYLl9uSeY?si=vptd56-Dgo65cgsX मनेन्द्रगढ़।एमसीबी।सोनहत के जंगलों में अनेक चींटियों के कॉलोनी बनी हुई है पास से जाकर जब देखे तो इनका  भी एक कालोनी होता है ये अनुशासन से कार्य करते देखे जा सकते है, बाहर एक मेड़ भी बनाते है जिससे पानी इनके बिलों में न जाये गजब की इनकी इंजीनियरिंग होती है । चींटी हरेक के घर, आंगन ,खेत मे मिल ही जाती है ये अनुशासित होती है ये एक के पीछे चलती अनुशासन से चलते मिलेगी, वही ये एक इंजीनियर की भांति अपना एक कॉलोनी अंदर ही अंदर बना लेती है। आख़िर कैसे ये अपनी कॉलोनी बनाती है आपको पता है इनके बारे में ये काम वर्कर चीटियो का काम होता है उनके  अगले जोड़ी पैर फोरोसियल टाइप (खुदाई काने योग्य) होते हैं। इनकी मदद से ये प्राकृतिक दरारों व गड्ढों को चौड़ा व गहरा कर देते हैं। नर्म मिटटी मिल जाने पर वह अंदर के चैम्बर आसानी से बना लेती हैं। धीरे धीरे वह एक कॉलोनी का रूप ले लेती है। इस प्रकार यदि जगह उपयुक्त हुई तो समय के साथ बिल गहरा होता जाता है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें