संबोधन संस्थान के साहित्यकार : बीरेन्द्र श्रीवास्तव मानसेवी डॉक्टरेट अवार्ड से सम्मानित
Praveen Nishee Sat, Oct 4, 2025
मनेन्द्रगढ़ । एमसीबी । छत्तीसगढ़ की पांच दशक की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्था संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान के वरिष्ठ साहित्यकार बीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव को उनके आंचलिक पर्यावरण एवं साहित्य क्षेत्र के लेखन में उनके विशिष्ट योगदान के लिए कांस्टीट्यूशनल क्लब ऑफ इंडिया नई दिल्ली के सेमिनार हॉल में आयोजित एक विशेष सम्मान समारोह में साहित्य सेवा अवॉर्ड काउंसिल नई दिल्ली द्वारा "मानसेवी साहित्य डॉक्टरेट अवार्ड" से सम्मानित किया गया.
संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान के अध्यक्ष अनिल जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि साहित्य सेवा अवॉर्ड काउंसिल भारत सरकार द्वारा अनुमोदित ऐसी संस्था है जो देश भर के साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्व को प्रदान किया जाता है. संबोधन संस्थान अपने उद्देश्य के अनुरूप रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच तक पहुंचाने एवं उनका मनोबल बढ़ाने हेतु प्रयासरत रही है. बीरेद्र कुमार श्रीवास्तव की अब तक प्रकाशित तीन पुस्तकें बरगद की चिंता, 1996, आज का एकलव्य 2019 ,एवं विश्व पुस्तक मेला में कृषि एवं सहकारिता मंत्रालय दिल्ली के हिन्दी सलाहकार गिरीश पंकज एवं डा. बी आर साहू द्वारा विश्व पुस्तक मेला 2025 में लोकार्पित पुस्तक "बीरेन्द्र श्रीवास्तव चुनी हुई कविताएं" आज हिंदी साहित्य की धरोहर है. इनकी पुस्तक "आज का एकलव्य" प्रधानमंत्री की निजी पुस्तकालय मे शामिल है. छत्तीसगढ़ के पर्यावरण एवं पर्यटन के जाने अनजाने धरोहरों के बारे मे अपने विशेष आलेख के लिए उन्होंने पूरे छत्तीसगढ़ में पहचान बनाई है. उनकी चर्चित पुस्तक "छत्तीसगढ़ के अनजाने पर्यटन स्थल" जल्दी ही अक्टूबर माह में आने की संभावना सरगुजा संभाग के कई अनजाने पर्यटन स्थलों के पन्नो को उजागर करेगी.
स्मरणीय है कि बीरेन्द्र श्रीवास्तव विगत वर्ष 2024 में कोरिया साहित्य महोत्सव के मंच पर अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था द्वारा घोषित सर्वश्रेष्ठ "वागीश सम्मान 2024" से सम्मानित किये जा चुके हैं. अंचल के साहित्य जगत को डॉक्टरेट अवार्ड से सम्मानित बीरेन्द्र श्रीवास्तव से साहित्य के क्षेत्र में बहुत अपेक्षाएं हैं.
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