Advertisment

20th July 2026

BREAKING NEWS

50 हजार रुपये मांगने के आरोपों का CMHO डॉ. अविनाश खरे ने किया खंडन, बोले— छवि धूमिल करने की कोशिश

खंडहरनुमा उम्मीदों वाले अस्पतालों में अब रोज उमड़ रहा हजारों मरीजों का सैलाब

220 बिस्तर अस्पताल में वर्षों बाद फिर शुरू हुए सीटीटी महिला नसबंदी ऑपरेशन, पहले ही दिन टीम ने दिखाए सफल परिणाम

जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षित पदयात्रा के लिए शासन की पहल सराहनीय : शैलेष जैन

महाप्रभु के मौसी मां के घर पहुंचते ही भक्तों ने शुरू किया भंडारा, देवभोग का भगवान जगन्नाथ से है खासा रिश्ता

जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ाः : 220 बिस्तर अस्पताल में वर्षों बाद फिर शुरू हुए सीटीटी महिला नसबंदी ऑपरेशन, पहले ही दिन टीम ने दिखाए सफल परिणाम

Praveen Nishee Sun, Jul 19, 2026

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित 'जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा' के दौरान स्थानीय 220 बिस्तर शासकीय अस्पताल मनेन्द्रगढ़ में स्वास्थ्य विभाग को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विशेष प्रयासों एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के कुशल मार्गदर्शन में वर्ष 2020-23 के लंबे अंतराल के बाद अस्पताल में सीटीटी महिला नसबंदी ऑपरेशन की सुविधा को एक बार फिर से सफलतापूर्वक प्रारंभ कर दिया गया है। इस सेवा के पुनः शुरू होने से क्षेत्र में जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन कार्यक्रमों को एक नई दिशा और गति मिलेगी।

विशेषज्ञ डॉक्टरों और 220 बिस्तर अस्पताल की टीम की देखरेख में हुआ सफल ऑपरेशन

लंबे समय बाद शुरू हुई इस सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अस्पताल की विशेषज्ञ ऑपरेशन थिएटर (OT) टीम मुस्तैद रही। इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में सर्जन पूर्व संयुक्त संचालक डॉ. सुरेश तिवारी एवं डॉ. राजीव गुप्ता, एनेस्थेटिक डॉ. फिरोज शेख, ओटी प्रभारी सिस्टर पुष्पा पटेल, ओटी स्टाफ और अस्पताल टीम सिस्टर प्रियंका साहू, मुकेश शर्मा, संजय द्विवेदी एवं आकांक्षा जायसवाल एवं समर्पित चिकित्सा दल का विशेष योगदान रहा हैं।

इस अनुभवी टीम की देखरेख में पहले ही दिन ऑपरेशनों को पूरी सुरक्षा और मानकों के साथ संपन्न किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन और प्रशासनिक दल के विशेष प्रयासों से ओटी को आधुनिक संसाधनों के साथ अपग्रेड किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस सेवा के बहाल होने से अब ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों की महिलाओं को स्थायी परिवार नियोजन सेवाओं के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शासन के नियमानुसार ऑपरेशन कराने वाली हितग्राही महिलाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि और दवाइयां भी अस्पताल की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

विज्ञापन

जरूरी खबरें