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जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षित पदयात्रा के लिए शासन की पहल सराहनीय : शैलेष जैन

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जैन साधु-साध्वियां विभिन्न मार्गों से पैदल विहार करते हैं : जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षित पदयात्रा के लिए शासन की पहल सराहनीय : शैलेष जैन

Praveen Nishee Sun, Jul 19, 2026

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। रेडक्रॉस सोसायटी के जिलाध्यक्ष एवं चेयरमैन शैलेष जैन ने जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षित पदयात्रा (विहार) के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उठाए गए कदम का स्वागत करते हुए इसे धार्मिक आस्था और मानवीय संवेदनाओं के सम्मान का प्रतीक बताया है।

उन्होंने कहा कि चातुर्मास से पूर्व देशभर में जैन साधु-साध्वियां विभिन्न मार्गों से पैदल विहार करते हैं। ऐसे में व्यस्त सड़कों और बढ़ते यातायात के बीच दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। शासन द्वारा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करना एक दूरदर्शी एवं प्रशंसनीय निर्णय है।

शैलेष जैन ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन एवं राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को विहार मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण तथा प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे साधु-साध्वियों का विहार अधिक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान उसकी धार्मिक परंपराओं और संतों के प्रति सम्मान की भावना से होती है।

उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान और संवेदनशील प्रशासन की सोच को भी दर्शाता है। शासन की इस पहल से समाज में सकारात्मक संदेश गया है और श्रद्धालुओं का विश्वास भी मजबूत हुआ है।

रेडक्रॉस सोसायटी के जिलाध्यक्ष ने कहा कि जैन साधु-साध्वियां अहिंसा, संयम, तप और मानव कल्याण का संदेश लेकर पदयात्रा करते हैं। उनका जीवन समाज को नैतिकता, सादगी और अनुशासन की प्रेरणा देता है। ऐसे संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और समाज, दोनों की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि विहार के दौरान वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं, यातायात नियमों का पालन करें तथा जैन साधु-साध्वियों के प्रति सम्मान और सहयोग का भाव रखें।

शैलेष जैन ने विश्वास जताया कि शासन की इस पहल से जैन समाज की प्राचीन धार्मिक परंपराओं को संरक्षण मिलेगा तथा प्रदेश में सामाजिक सद्भाव और धार्मिक सौहार्द की भावना और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी भविष्य में भी मानव सेवा, सामाजिक सहयोग और जनजागरूकता से जुड़े जनहितकारी प्रयासों का समर्थन करती रहेगी।

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