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कोरिया पुलिस और बैंक के बीच सशक्त समन्वय : साइबर फ्रॉड रोकथाम की नई पहल

Praveen Nishee Fri, Aug 22, 2025

बैकुंठपुर कोरिया। रक्षित केंद्र, बैकुंठपुर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे के निर्देशन और मार्गदर्शन में पुलिस और विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के बीच एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य साइबर फ्रॉड की रोकथाम, बैंक खाताधारकों को जागरूक करना और संदिग्ध म्यूल अकाउंट पर निगरानी रखने के लिए आवश्यक रणनीति तैयार करना रहा।

पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी बेहद चालाक तरीकों से भोले-भाले नागरिकों को अपने जाल में फँसा रहे हैं। कभी लॉटरी, इनाम या निवेश के नाम पर, तो कभी फर्जी नौकरी और ऑनलाइन खरीददारी के बहाने लोगों से ठगी की जा रही है। ऐसे मामलों में सबसे बड़ी भूमिका उन म्यूल अकाउंट्स की होती है, जिन्हें अनजाने खाताधारकों के नाम पर खोलकर अपराधी अवैध रूप से धन का लेन-देन करते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए पुलिस और बैंकिंग संस्थाओं के बीच समन्वय और भी मज़बूत होना आवश्यक है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक ने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नए खाते खोलने के दौरान ग्राहकों की पूरी तरह से पड़ताल करें तथा संदिग्ध लेन-देन पर विशेष नज़र रखें। यदि किसी खाते में असामान्य गतिविधियाँ दिखाई देती हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि "साइबर अपराध से निपटने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। जब तक लोग स्वयं सतर्क नहीं होंगे, तब तक अपराधियों को रोकना मुश्किल है।"

बैठक में मौजूद विभिन्न बैंकों के प्रबंधकों और अधिकारियों ने भी इस दिशा में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बैंक स्तर पर खाताधारकों को जागरूक करने हेतु विशेष अभियान चलाए जाएंगे। खाताधारकों को यह समझाया जाएगा कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने खाते का उपयोग करने की अनुमति न दें और यदि कोई व्यक्ति इस तरह का प्रस्ताव लेकर आता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने हाल ही में घटित कुछ साइबर फ्रॉड के मामलों का भी उल्लेख किया और बताया कि किस प्रकार लोगों को झूठे लालच देकर उनके बैंक खाते का दुरुपयोग किया गया। कई बार खाताधारक यह सोचकर खाते उपलब्ध करा देते हैं कि उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होगी, लेकिन बाद में वही खाते अपराधियों के लिए ढाल बन जाते हैं और खाताधारकों को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे ने उपस्थित अधिकारियों से आग्रह किया कि वे समय-समय पर जनजागरण कार्यक्रम आयोजित करें। गाँव-गाँव और मोहल्लों में जाकर लोगों को बताया जाए कि किसी भी अजनबी व्यक्ति पर भरोसा कर अपने बैंक खाते का इस्तेमाल करने देना गंभीर अपराध है। उन्होंने बैंक कर्मचारियों को यह भी निर्देशित किया कि यदि कोई व्यक्ति अकाउंट खोलने के दौरान घबराहट, झिझक या विरोधाभासी बयान देता है तो उस पर विशेष सतर्कता बरती जाए।

उक्त बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं जिले के सभी बैंको के प्रबंधक उपस्थित रहे।

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