डीएफओ को लेकर विवाद : डीएफओ है कि शिकायत यहाँ नही, बल्कि ये जहां-जहां रहते है इनकीं शिकायत होती है-रेणुका सिंह, विधायक
Praveen Nishee Thu, Aug 7, 2025
मनेंद्रगढ़ ।एमसीबी। जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ इलाके में शाम ढलते ही भालू का विचार रिहायसी क्षेत्र में होने से लोगो मे दहशत बनी हुई है जिसको लेकर के नगर पालिका के अध्यक्ष प्रतिमा यादव उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा सहित अन्य जनप्रतिनिधि वन मंडलाधिकारी मनीष कश्यप को एक लिखित शिकायत देने गये जिसके बाद नपा उपाध्यक्ष के द्वारा कहा गया कि आप के कर्मचारीयो को अगर फोन से सूचना दी जाय तो उनका फोन भी नही उठता है जिसके बाद डीएफओ मनीष कश्यप के द्वारा तुरंत घण्टी बजाई गई और बोला गया कि इन लोगो को बाहर निकालो और अशब्द भाषा का प्रयोग किया गया । उसके बाद नगर पालिका के जन प्रतिनिधि कार्यालय के पास धरना देकर बैठ गए और जमकर नारे बजी करने लगे । डीएफओ को हटाने को लेकर नगर पालिका के जन प्रतिनिधि एक ही बात कर रहे थे कुछ देर बाद भाजपा की जिला अध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी पावले भी पहुँची और उनको सारी घटना बताई गई फिर वे बात कर के बोली कि ठीक है डीएफओ से बात हुई बोले कि हम माफी मांग लेंगे लेकिन नगर पालिका के जन प्रतिनिधि नही माने और फिर एक बार धरने में बैठ कर नारे लगाने लगे उज़के बाद कांग्रेस के नेता भी पहुँच गये । मामला और गम्भीर होता गया और जमकर नारे लगाने लगे । भरतपुर सोनहत की विधायक रेणुका सिंह भी डीएफओ कार्यालय पहुँची माहौल काफी गर्म था विधायक को सारी जानकारी दी गई और कहा गया कि सबके सामने आ कर माफी मांगे तभी हम वापस जाएंगे और ऐसे अधिकारी अगर नही हटाये जाएंगे तो आने वाले समय मे भाजपा की छवि धूमिल हो जाएगी । उसके पश्चात एसडीएम, एसडीओपी सहित सभी जनप्रतिनिधियों को बैठाया गया और चर्चा के पश्चात डीएफओ मनीष कश्यप अपनी गलती माने और फिर मामला समाप्त हुआ
नगर पालिका के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा के द्वारा बताया गया कि हम लोग डीएफओ कार्यालय गये थे शिकायत करने की जनता के द्वारा शिकायत किया जा रहा है की वार्डो में भालू घूम रहा है जिससे वे दशक में है हम जनप्रतिनिधि है इस लिए गए और हमने डीएफओ को एक लेटर दिया और कहा कि साहब भालू के लिए कुछ करिये और पिंजरा लगवाइए और वन विभाग का फोन नहीं है लगता है नम्बर मेरा ब्लेक लिस्ट कर दिए है इतना बोलते ही डीएफओ के द्वारा घण्टी बजाया गया और कहा गया कि बाहर करो । इतना दुर्भाग्य की बात है कि हमारा क्षेत्र 70 प्रतिशत जंगली क्षेत्र है अगर कोई दुर्घटना घटी जाती है तो किसकी जिम्मेदारी होगी । ऐसे अधिकारी हमारे क्षेत्र में रहने लायक नहीं है ये पार्टी की छवि को धूमिल कर रहा है ऐसे अधिकारी रहने लायक नहीं है इनको तत्काल यह से ट्रांसफर करने चाहिए चाहे जाय जहा जाय ।
वही मामले में मनेंद्रगढ़ के विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव के द्वारा बताया गया कि विरोध का कोई मुद्दा नही था भालू का आतंक पिछले 16 दिनों से हो रहा है जिसको लेकर के हमने एक पत्र बनाया था उस पत्र में सयुक्त रूप से सभी पार्षदों के हस्ताक्षण था उसको लेकर डीएफओ मनीष कश्यप के चेम्बर में गये थे उनके गेट में जो प्रहरी था उसके द्वारा बोला गया कि मीटिंग चल रही है हमने बोला बोल दो की हम पत्र देकर चले जायेंगे और फिर डीएफओ के द्वारा दो लोगो को बुलवाया गया जिसमें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष गये और पीछे से मैं भी गया डीएफओ को पत्र दिया और उसके बाद हमारे उपाध्यक्ष से आभद्रता किया गया और हमारे उपाध्यक्ष आप को फोन भी लगाया कि आप से बात करने के लिए उसके बाद भी उनका रवैया सही नही था और अध्यक्ष का भी अपमान किया गया हम जनप्रतिनिधि है और आप के पास समस्या लेकर आये है भालू किसी को काट देगा या मार देगा इसको लेकर के आप के पास आये है । इन समस्याओं को लेकर के डीएफओ का बर्ताव सही नही है जिसको लेकर के पार्षद सभी जाकर बैठ गए और घण्टी बजा कर कहा गया इन सभी को आउट करो इसको लेकर के हमारा विरोध प्रदर्शन था इस तरह का व्यवहार किसी जनप्रतिनिधि के साथ सही नही है ।
भरतपुर क्षेत्र की विधायक रेणुका सिंह के द्वारा बताया गया कि जनप्रतिनिधि जब रोड पर आते है जब उनका अपमान होता है आज वाकई में जो जनप्रतिनिधि ने बताया वो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और मुझे बताया गया तब मैं यहाँ आई तो सत्ता दल के साथ विपक्ष के लोग साथ मे थे आप केवल समाचार ही नही बल्कि आप अपनी नाराजगी बताने के लिए यह मौजूद थे ये जो हमारे डीएफओ है इनकीं शिकायत यहाँ नही बल्कि ये जहा जहा रहते है इनकीं शिकायत होती है आज जिला मुख्यालय के सभी नगर पालिका के जनप्रतिनिधि जिसमे अध्यक्ष उपाध्यक्ष सभी पार्षद नाराज होकर धरने पर बैठ गये और कहा कि जब माफी मांगेंगे तभी हम उठेंगे जब ये माफी मांगेंगे तभी हम लोग यहाँ से उठेंगे उसके बाद हमने बात कि तब डीएफओ ने कहा कि हम बात करने को तैयार है और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई और डीएफओ ने कहा कि अब ऐसा नही होगा और मुझे खेद है और आप सभी दिनभर यह बैठे थे इस तरह की पुनरावृत्ति नही होगी । इसकी जानकारी मेरी वन मंत्री से भी बात होती रही और मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से भी हुई है और पार्टी के नेताओ का भी फोन आया कि आप के यह क्या चल रहा है तो मैंने बताया कि एक अधिकारी के द्वारा जनप्रतिनिधि का अपमान हुआ है जिसमे जनता सड़क पर उतरी है ।आज सत्ता दल के कार्यकर्ता आज धरने पर बैठे है और भविष्य में कार्यवाही होगी ।
कांग्रेस के जिला प्रवक्ता सौरभ मिश्रा के द्वारा बताया गया कि भाजपा में किस तरह से अफसरसाही हॉबी है इसका जीवित उदाहरण है आज नगर पालिका के निर्वाचित अध्यक्ष , उपाध्यक्ष व पार्षद वो सभी मिलने आये थे उनसे दुर्व्यवहार किया गया और उनको धक्के मार के अपने कमरे से बाहर निकाल दिया गया यह दुर्व्यवहार न कि अध्यक्ष व पार्षद के साथ है बल्कि जनमत के साथ है । डीएफओ की कोई पहली घटना नहीं है बल्कि इससे पहले कोरिया में इससे पहले सूरजपुर में इस तरह से दुर्व्यवहार करते आ रहे है ।लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि भाजपा कि सरकार में भाजपा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के साथ दुर्व्यवहार हो रहा पत्रकारो के साथ दुर्व्यवहार हो रहा तो आम जनता के साथ क्या होगा । यदि उनका निलंबन नही होता है स्थानांतरण नही होता है तो मुझे कहने में यह जरा भी संकोच नही की क्षेत्रीय विधायक व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने ये कहा था मंच से की मैने बहुत अच्छा अधिकारी लाया हूं और मेरा पूर्ण रूप से संरक्षण है।
विज्ञापन