दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मनेन्द्रगढ़ : स्वतंत्रता दिवस समारोह अत्यंत गरिमामय, उत्साहपूर्ण एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण में मनाया गया
Praveen Nishee Sat, Aug 15, 2026
मनेन्द्रगढ़। एमसीबी। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मनेन्द्रगढ़ में स्वतंत्रता दिवस समारोह अत्यंत गरिमामय, उत्साहपूर्ण एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण में मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. कौशल त्रिपाठी रहे। तिरंगे की आन-बान-शान और देशभक्ति की भावपूर्ण प्रस्तुतियों के बीच आयोजित कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध तथा स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति श्रद्धा की भावना को और प्रगाढ़ किया।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. कौशल त्रिपाठी एवं विशिष्ट अतिथियों के विद्यालय आगमन से हुआ, जिनका हेड बॉय महिम यादव एवं हेड गर्ल सौम्या अग्रवाल ने ससम्मान स्वागत एवं अनुरक्षण किया। इसके पश्चात् स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य अतिथि एवं गणमान्य अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसके बाद समस्त विद्यालय परिवार ने गर्व एवं श्रद्धा के साथ राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया।
बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित मुख्य समारोह में अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं बैज भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया गया। विद्यालय के प्राचार्य अश्वनी वर्मा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में स्वतंत्रता दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को स्वतंत्रता के वास्तविक मूल्य को समझने तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि वैज्ञानिक डॉ. कौशल त्रिपाठी ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणाप्रद संबोधन में स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्र के आत्मसम्मान, स्वाभिमान और संकल्प का पर्व बताया। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता असंख्य ज्ञात-अज्ञात वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को केवल इतिहास तक सीमित न रखते हुए उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
डॉ. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को एकता, अखंडता, सद्भाव एवं परस्पर सम्मान की भावना को जीवन में धारण करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से जाति, भाषा और क्षेत्र जैसे भेदों से ऊपर उठकर स्वयं को सर्वप्रथम भारतवासी मानने तथा अपने ज्ञान, प्रतिभा और कर्मों से राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर श्री राम एजुकेशनल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं विद्यालय के अध्यक्ष रमेश चंद्र सिंह ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि आज़ादी केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों को पहचानने और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का पावन संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, अनुशासन, परिश्रम एवं नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र का भविष्य आज के विद्यार्थियों के चरित्र, चिंतन और कर्मों में आकार लेता है। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान एवं प्रतिभा का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास के लिए करना चाहिए।
समारोह में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। केजी-II के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने सामूहिक कविता-पाठ के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की सुंदर अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। कक्षा II (E) की छात्रा आर्या तिवारी ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रभावशाली भाषण दिया। कक्षा V (E) के विद्यार्थियों ने “देश हमें देता है सब कुछ” गीत की मनमोहक प्रस्तुति देकर सभागार को राष्ट्रप्रेम की भावनाओं से भर दिया।
इसके पश्चात् कक्षा II (E एवं P) के विद्यार्थियों ने “ऐसा देश है मेरा” गीत पर मनोहारी देशभक्ति नृत्य प्रस्तुत किया। कक्षा XII की छात्रा रिति ने स्वतंत्रता दिवस की महत्ता पर विचारोत्तेजक भाषण दिया। विद्यार्थियों द्वारा सरदार ऊधम सिंह के गौरवमय जीवन एवं बलिदान पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने स्वतंत्रता संग्राम के उस स्वर्णिम अध्याय को जीवंत कर दिया, जिसने उपस्थित जनसमुदाय को त्याग, साहस और देशभक्ति की प्रेरणा दी।
समारोह के अंत में श्री हरि कांत ने आभार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन, अध्यक्ष, निदेशिका, प्राचार्य, शिक्षकगण, विद्यार्थियों तथा आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इसके पश्चात् मंच संचालकों द्वारा समारोह के समापन की घोषणा की गई और विद्यार्थियों के मध्य मिठाइयों का वितरण किया गया।
इस प्रकार दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मनेन्द्रगढ़ का स्वतंत्रता दिवस समारोह राष्ट्रप्रेम, त्याग, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का जीवंत संदेश बनकर सामने आया। तिरंगे की छत्रछाया में गूंजता देशभक्ति का स्वर प्रत्येक हृदय में यही संकल्प जागृत कर रहा था—“राष्ट्र सर्वोपरि है और राष्ट्र की उन्नति में ही हमारी सच्ची उपलब्धि निहित है।”

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