विजयादशमी पर हुआ भव्य रावण दहन, बरसात के बीच छाता थामे पहुंचे लोग : जय श्रीराम के नारों से गूंजा मैदान, धधकते रावण पुतले संग आतिशबाजी ने किया मंत्रमुग्ध
Praveen Nishee Sat, Oct 4, 2025
गरियाबंद। गुरुवार को विजयादशमी का पर्व गरियाबंद के ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में परंपरागत उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। दोपहर से ही रुक-रुककर हो रही बारिश के बावजूद हजारों की संख्या में लोग छाता और रेनकोट लेकर रावण दहन के लिए पहले रावणभाठा और फिर बाद में गांधी मैदान पहुंचे। बारिश के खलल के बीच रावणभाठा में देर रात 8 बजे और गांधी मैदान में रात 9:30 बजे रावण दहन हुआ। इस दौरान जैसे ही रावण के विशाल पुतले को अग्नि दी गई, चारों ओर ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी नारे गूंज उठे और आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजियों से जगमगा उठा।
ज्ञात हो कि गुरुवार को पूरे दिन रुक रुक कर बारिश हो रही थी। बारिश ने लोगों की उम्मीदें कमजोर नहीं कीं। रावण दहन के ठीक समय तेज बारिश होने लगी, मगर श्रद्धालु और दर्शक पूरी दृढ़ता से डटे रहे। छोटे-बड़े, महिलाएं और बच्चे सभी छाता और प्लास्टिक कवर के सहारे मैदान में टिके रहे। रामलीला मंचन के बाद जैसे ही रावण को अग्नि दी, पुतले के धधकते ही भीगते हुए लोग जयकारे लगाते रहे और खुशी का इजहार करते रहे। इसके पहले रामलीला मंचन में भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध का दृश्य प्रस्तुत किया गया। श्रीराम द्वारा रावण वध का दृश्य देखते ही दर्शकों की तालियां गूंज उठीं और मैदान जयकारों से भर गया। मंचन के दौरान उड़ते गुलाल और बजते ढोल-नगाड़ों ने माहौल को और भक्तिमय बना दिया। रावण दहन के साथ-साथ आतिशबाजियों ने आसमान को रोशन कर दिया। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी रंग-बिरंगी रोशनी और धमाकों का आनंद उठाते दिखे। कई जगह लोगों ने रावण के पुतले के पास खड़े होकर फोटो और सेल्फी भी लीं। इस मौके पर मौजूद नगर पालिका अध्यक्ष रिखीराम यादव, उपाध्यक्ष आसिफ मेमन सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नगरवासियों को विजयादशमी की बधाई दी। साथ ही साथ समाज में व्याप्त नशा, भ्रष्टाचार और अंधविश्वास जैसी बुराइयों को मिटाकर सभी को एकजुटता और सद्भाव की राह पर चलने की अपील की। रावण दहन के सफल आयोजन में नगर पालिका गरियाबंद, कृषक पंचायत, स्थानीय समिति, रामलीला कमेटी, पुलिस प्रशासन और स्थानीय युवाओं का विशेष सहयोग रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल हर चौक-चौराहे पर मुस्तैद रहा।
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