चौरासी गांव के देवी देवता कहा होते हैं शामिल...? : कांदाडोंगर ऐतिहासिक देव दशहरा में चौरासी गांव के देवी देवता होंगे शामिल..
Praveen Nishee Wed, Oct 1, 2025
(रोशन लाल अवस्थीक कलम से...........)
देवभोग। गरियाबांद । जिले के अमलीपदर तहसील मुख्यालय के अन्तर्गत आने वाले ग्राम गुढ़ियारी में स्थित सुप्रसिद्ध कांदाडोंगर धाम आदि काल से प्रसिद्ध हैं। यहां दशहरा पर्व बड़ी धूम धाम से मनाया जाता हैं, प्रति वर्ष कि भाती इस वर्ष भी देव दशहरा विजय दशमी में चौरासी गांव के देवी देवता होंगे शामिल, जिसके लिए पुरी तैयारी हो चुकी हैं। कांदाडोंगर के प्राकृतिक छटा के बिच तराई में विशाल देव दशहरा के साथ मेला का आयोजन होता है जिसमें हजारों के तादात में श्रद्धालु पहुंचते हैं जो पूर्व काल से चलता आ रहा हैं। इस देव दशहरा में शामिल होने छत्तीसगढ़ से नहीं बल्कि उड़ीसा राज्य से भी हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ज्ञात हों कि मां कुलेश्वरीन देवी कि पुजा आदिकाल से होती आ रही हैं। कहां जाता हैं कि यहां चौरासी गांव के देवी मां कुलेश्वरिन और यहां आए देवियों का मिलन होता है। यहां पूर्व काल में मां कुलेश्वरीन देवी और विराजित सभी देवी, देवताओं का पूजा अर्चना होता है, असत्य पर सत्य कि जित के खुशी में यहां विराजमान सभी देवी देवताओं के द्वारा पहाड़ कि तराई में मनमोहक नृत्य किया जाता हैं जो देखने लायक होता है और इसे देखने हजारों श्रद्धालु का तांता लगा रहता हैं। कांदाडोंगर के धार्मिक स्थलों में प्रमुख रूप से मां कुलेश्वरीन देवी के मंदिर, कचना ध्रुवा, गादी मां, जोगीमठ, देवीय शक्ति से निर्मित सरोवर चाटूबंध, राधा कृष्ण मंदिर और प्रसिद्ध कंदेश्वर महादेव द्वादश ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं।
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