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अन्य राज्यों से भी पहुंचने हैं पर्यटक : छत्तीसगढ़ का प्रमुख जलप्रपात अमृतधारा

Praveen Nishee Sun, Jul 6, 2025

छत्तीसगढ़ की प्रमुख हसदेव नदी सोनहत (कोरिया) के मेन्ड्रा की पहाड़ियों से घने जंगल और प्रकृति की सुरम्य वादियों से निकलकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी -भरतपुर जिले के ग्राम लाई के पास हसदेव नदी का पानी जब 100 फीट की ऊंचाई से गिरता है तथा ऊंचाई से गिरने के कारण तथा जल के छोटे-छोटे कण हवा में आसपास बिखरते हुए मन को ठंडक पहुंचाते हैं एमसीबी जिले ही नहीं, राज्य की प्रमुख जलप्रपातों में शामिल है यही कारण है कि अन्य राज्यों के पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं

आजकल वर्षा ऋतु में इसकी विशालता देखने को बनती है जिले के इतिहासकार डॉ विनोद पांडेय जो जिले के पर्यटन व पुरातत्व विभाग के नोडल अधिकारी भी हैं प्राचीन की किवदंती के बारे में बताते हैं कि महर्षि बामदेव जो घने जंगलों के मध्य एकांत में इस झरने के निकट तपस्यारत् थे यहीं पर महर्षि सूत जी ने उन्हें 18 विधाओं से युक्त पुराणो की संपूर्ण कथा एवं शिव पुराण सुनाया, इस पर महर्षि बामदेव ने कहा प्रभु आपने वर्ष भर अमृत (पूराण सुनाकर) की वर्षा की है इसलिए इस धारा का नाम अमृत धारा रहेगा और तब से स्थानीय लोग इसे अमृत धारा कहने लगे, वास्तव में इस स्थान का पुराना नाम किंरवाही था तथा कुछ वर्ष पूर्व तक 40 -50 घरों की बस्ती थी तथा गोंड और चेरवा जनजाति के लोग निवास करते थे

डॉ. पांडेय आगे बताते हैं कि यह स्थान धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है यहां भगवान शिव का एक मंदिर है जहां महाशिवरात्रि में मेला लगता है कहा जाता है कि कोरिया रियासत के राजा रामानुज प्रताप सिंह देव 1936 में इस मेले का प्रारंभ किए थे जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ से 26 किलोमीटर दूर है राष्ट्रीय राजमार्ग 43 ग्राम लाई से 8 किलोमीटर अंदर एकांत में स्थित यह अत्यंत रमणीय स्थल है यहां जिला प्रशासन द्वारा कुछ वर्षों से अमृत धारा महोत्सव मनाया जाता है तथा वन विभाग का एक रेस्टहाउस तथा जिला पंचायत का एक भवन व कुछ कॉटेज बनाए गए हैं वर्तमान में उनके मेंटेनेंस का काम चल रहा है बच्चों के लिए पार्क है तथा जिला प्रशासन व वन विभाग पर्यटन के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रहे है वर्षा ऋतु में प्रशासन इन स्थलों पर पर्यटकों से विशेष सावधानी रखने की सलाह दे रहा है ताकि कोई दुर्घटना ना हो सके ।

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