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करोड़ों के पुल निर्माण में सूचना बोर्ड गायब! : मुरलीधर सिन्हा ने पूछा—कलेक्टर ने साइट का निरीक्षण किया तो क्या देखा? साइट पंजी में क्या लिखा?

Praveen Nishee Mon, Sep 14, 2026

गरियाबंद। मैनपुर तहसील मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर पैरी नदी पर देहारगुड़ा से खामभांटा के बीच बन रहे करोड़ों रुपये के पुल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निर्धारित समयावधि में निर्माण पूरा नहीं होने के बाद अब निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं लगाए जाने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के प्रदेश सहसंयोजक मुरलीधर सिन्हा ने इस मामले में जिला प्रशासन से कई सवाल पूछते हुए निर्माण कार्य की पारदर्शिता और विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

सिन्हा के पांच बड़े सवाल

1. करोड़ों रुपये के निर्माणाधीन पुल पर विभागीय सूचना बोर्ड अब तक क्यों नहीं लगाया गया?

2. यदि कलेक्टर ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया है, तो क्या उनकी नजर सूचना बोर्ड के अभाव पर पड़ी?

3. कलेक्टर ने साइट पंजी का निरीक्षण किया तो उसमें क्या टिप्पणी और निर्देश दर्ज किए गए?

4. निर्धारित समयसीमा में पुल पूरा नहीं होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की?

5. निर्माण स्थल पर पर्याप्त तकनीकी अमला और इंजीनियर उपलब्ध हैं या कार्य केवल मुंशी के भरोसे चल रहा है?

बच्चों के लिए भी बना जोखिम

सिन्हा ने कहा कि पुल का निर्माण पूरा नहीं होने से क्षेत्रवासियों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि देहारगुड़ा स्कूल जाने वाले बच्चे निर्माणाधीन पुल में लगाए गए प्लेटों के सहारे रोजाना आवागमन करने को मजबूर हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

अधिकारियों की निगरानी पर उठाए सवाल

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण निर्माण कार्य की स्थिति ऐसी बनी है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाती तो समयसीमा और तकनीकी व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याएं पहले ही सामने आ जातीं।

उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया में मामला सामने आने और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा स्वतः संज्ञान लिए जाने के बाद अधिकारियों की सक्रियता बढ़ी है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि इससे पहले संबंधित निर्माण कार्य का निरीक्षण किस स्तर पर और कितनी बार किया गया।

दोषियों पर कार्रवाई और सभी निर्माण कार्यों की जांच की मांग

मुरलीधर सिन्हा ने जिला प्रशासन से जिले में चल रहे निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश देने की मांग की कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं तथा गुणवत्ता और सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता न हो।

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