दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल : नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के तर्ज़ मनाया गया भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी
Praveen Nishee Sun, Aug 17, 2025
मनेन्द्रगढ़। एमसीबी । भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय प्रांगण को रंग-बिरंगी झालरों, फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया, जिससे वातावरण में भक्ति और उमंग की सुगंध फैल गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी द्वारा दीप प्रज्वलन एवं भगवान श्रीकृष्ण की आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं ने शानदार श्याम भजन की प्रस्तुति दी तत्पश्चात कक्षा केजी- 2 इसके बाद विद्यार्थियों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दीं। कक्षा केजी- वन बच्चों द्वारा प्रस्तुत "बाल कृष्ण लीलाएँ" – जैसे माखन चुराना, गोवर्धन पर्वत उठाना, कंस वध आदि – ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नन्हे-मुन्ने बालक-बालिकाएँ राधा-कृष्ण के रूप में सजे हुए विशेष आकर्षण का केंद्र बने थे। कक्षा एक की छात्रा अक्षिका केशरवानी ने सुमधुर एकल भजन की प्रस्तुति दी।
"दही-हांडी" ने कार्यक्रम में उत्साह की नई लहर पैदा कर दी। विद्यार्थियों ने एकजुटता और टीम भावना का परिचय देते हुए दही-हांडी फोड़ने की परंपरा को जीवंत किया। इसके साथ विद्यालय के वरिष्ठ छात्र- छात्राओं ने श्री कृष्ण के जीवन एवम आदर्शों पर आधारित जीवंत नाट्य प्रस्तुति दी।
विद्यालय के संगीत दल ने भक्ति गीतों और भोजपुरी सोहर से पूरे वातावरण को आनंद और भक्ति में डुबो दिया।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि "श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, सत्य, प्रेम और कर्तव्यनिष्ठा की शिक्षा देता है। हमें अपने जीवन में इन मूल्यों को अपनाकर समाज के आदर्श नागरिक बनना चाहिए।"
कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। पूरे आयोजन ने न केवल विद्यार्थियों में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति आस्था जगाई, बल्कि उन्हें एकता, प्रेम और सदाचार की प्रेरणा भी दी। कक्षा दसवीं की आस्था सलूजा ने मनमोहक कविता द्वारा सारे समारोह को भक्तिमय कर दिया। संस्था की निदेशिका श्रीमति पूनम सिंह ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें अनेक महत्वपूर्ण शिक्षाएँ देता है, गीता का उपदेश हमें कर्तव्यनिष्ठ बनने, परिणाम की चिंता किए बिना कर्म करने और सदैव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनका बाल्यकाल नटखट लीलाओं से भरा हुआ था, लेकिन हर लीला के पीछे गहन संदेश छिपा था,जैसे माखन चुराना हमें सादगी और प्रेम की महत्ता सिखाता है, तो गोवर्धन पर्वत उठाना हमें एकजुट होकर विपरीत परिस्थितियों का सामना करने का संदेश देता है। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ,कार्यक्रम का सफ़ल संचालन कृष्णा सिंह एवं राधिका द्वारा किया गया।
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