स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंजारीडाड़ का किया* आकस्मिक निरीक्षण.
Praveen Nishee Mon, Jul 28, 2025
मनेंद्रगढ़।एमसीबी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंजारीडाड़ का आकस्मिक निरीक्षण कर मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, डॉक्टरों की उपस्थिति और उपचार की गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल परिसर की संपूर्ण स्थिति का अवलोकन करते हुए व्यवस्थाओं में और सुधार लाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा और चिकित्सक तथा मेडिकल स्टाफ को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली, साथ ही उपचार और मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति के बारे में विस्तार से पूछा। मरीजों के परिजनों से बातचीत के दौरान उन्होंने जन सुविधा और देखभाल के संबंध में सुझाव भी प्राप्त किए। मंत्री जायसवाल ने उपस्थित डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों से भी बातचीत की और निर्देशित किया कि मरीजों की देखभाल में और अधिक संवेदनशीलता और मानवीयता बरती जाए। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न कक्षों, प्रसव कक्ष, दवा वितरण केंद्र, शौचालय, पेयजल व्यवस्था और रसोई कक्ष की स्थिति का निरीक्षण कर स्वच्छता और नियमित मरम्मत पर विशेष ध्यान देने को कहा। स्वास्थ्य मंत्री ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मरम्मत कार्य को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए ताकि मरीजों और स्टाफ को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि मरम्मत के लिए बजट और संसाधनों की व्यवस्था प्राथमिकता पर की जाएगी और कार्यों की निगरानी नियमित रूप से की जाएगी। मंत्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और ग्रामीण अंचलों तक सुदृढ़ चिकित्सा ढांचा विकसित किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मरीजों को समय पर उचित उपचार, दवा वितरण और आवश्यक परीक्षण की सुविधाएं सुनिश्चित कराई जाए, ताकि कोई भी मरीज उपेक्षित महसूस न करें।
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