दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल : स्वतंत्रता सेनानियों की अनगिनत कुर्बानियों की याद दिलाता है- रमेश चंद्र सिंह
Praveen Nishee Fri, Aug 15, 2025
मनेंद्रगढ़। एमसीबी। इस पावन अवसर की शुरुआत ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ, श्री राम एजुकेशनल ट्रस्ट के अध्यक्ष तथा अधिवक्ता रमेश चंद्र सिंह एवम् विद्यालय के निदेशक तथा भूतपूर्व न्यायमूर्ति व्यंकटेश सिंह,संस्था की निदेशिका एवं कांग्रेस नेत्री श्रीमति पूनम सिंह तथा विद्यालय के प्राचार्य एवं सी.बी.एस.सी के जिला समन्वयक डॉक्टर बसंत कुमार तिवारी की उपस्थिति में सभी गणमान्य शिक्षकों एवम् विद्यालय की शान सभी विद्यार्थियों की उपस्थिति में हुई।
इसी क्रम में कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सभी विद्यार्थी क्रमवार अपने कक्षा शिक्षकों के साथ विद्यालय के बहुउद्देशीय कक्ष में एकत्रित हुए, कार्यक्रम की अगली श्रेणी में दीप प्रज्जवलन द्वारा सभी दिवंगत शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनकी शहादत को नमन किया गया। इसके पश्चात कक्षा केजी- 2, कक्षा- एक, कक्षा- नवमी तथा कक्षा- दसवीं के होनहार विद्यार्थियों ने रंगारंग एवम् देशप्रेम से ओत- प्रोत नृत्य का प्रदर्शन किया। इसी क्रम में विद्यालय के वरिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियों ने अपनी सुमधुर गीत प्रस्तुति के द्वारा समारोह को और भी अधिक देशप्रेमी बना दिया गया, तत्पश्चात कक्षा दसवीं के छात्र प्रत्यूष कुमार एवं नैतिक वर्मा द्वारा वाद्य यंत्रों पर गीत 'दिल दिया है जान तुझे देंगे' की शानदार प्रस्तुति दी गई।
कक्षा kg2 की छात्रा जर्मिना हयात खान एवं समृद्धि खटिक ने आज के विशेष अवसर की महत्व पर प्रकाश डालते हुए क्रमशः अंग्रेजी एवम् हिंदी में ओजस्वी भाषण प्रस्तुत किया,कार्यक्रम की अगली पंक्ति में कक्षा -पांचवी की छात्रा समृद्धि ताम्रकार ने समारोह को तिरंगे के महत्त्व से अवगत कराते हुए कविता प्रस्तुति दी इस शानदार प्रस्तुति के पश्चात विद्यालय के वरिष्ठ छात्राओं द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' पर आधारित जीवंत नाट्य प्रस्तुत किया गया इस प्रस्तुति के द्वारा सारे समारोह में तिरंगे की लहराती छाया और वंदे मातरम के गूंजते स्वर सुनाई दिए।
संस्था के अध्यक्ष रमेश चंद्र सिंह ने इस पावन अवसर पर विद्यालय को संबोधित करते हुए कहा कि- 15 अगस्त 1947 यह वह दिन है जब हमारे देश में लंबी दासता की बेड़ियों को तोड़कर स्वतंत्रता की अमृत वृष्टि का अनुभव किया, यह वह दिन है जो हमें स्वतंत्रता सेनानियों की अनगिनत कुर्बानियों की याद दिलाता है। महात्मा गांधी जी के अहिंसा के मार्ग नेता सुभाष चंद्र बोस के साहस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, सुखदेव जैसे वीरों की अमर कथाएं यह सब हमारी राष्ट्रीय आत्मा के स्वर्णिम अध्याय हैं। प्रिय विद्यार्थियों आप ही इस देश का भविष्य है,आपको केवल किताबों में ही नहीं बल्कि अपने आचरण में भी देशभक्ति को उतारना है, तकनीक के इस युग में भी आपको भारतीय संस्कृति और मूल्यों को संजोकर रखना है, यह भी स्वतंत्रता की सच्ची रक्षा है, तो आइए आज के दिन हम सब यह संकल्प लें कि हम अपने देश के संविधान का सम्मान करेंगे, पर्यावरण की रक्षा करेंगे और अपने कर्तव्य का पालन ईमानदारी से करेंगे ताकि आने वाली पीढ़ियां भी गर्व से कह सकें की हम भारतीय हैं।
संस्था के प्राचार्य डॉक्टर बसंत कुमार तिवारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रिय विद्यार्थियों आज जब हम खुली हवा में सांस लेते हैं स्वतंत्र विचारों से पढ़ते लिखते हैं तो यह सब हमारे उन बलिदानों की देन है परंतु स्वतंत्रता केवल मिली हुई वस्तु नहीं यह एक अनवरत जिम्मेदारी है इसे बचाए रखना मजबूत करना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का कर्तव्य है। आज हम सब यहां अपने महान राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस को मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं, यह दिन केवल एक उत्सव नहीं बल्कि हमारे गौरवशाली इतिहास बलिदान और संघर्ष की स्मृति का पवित्र अवसर है,आजादी का अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं है बल्कि यह हमारे विचारों हमारी शिक्षा और हमारे कर्मों में भी स्वतंत्रता का भाव जगाने का संदेश देती है। हमें याद रखना होगा की स्वतंत्रता की रक्षा उतनी ही कठिन है जितना उसे प्राप्त करना था इसके लिए हमें अपनी कर्तव्य के प्रति सजग रहना होगा, शिक्षित बनना होगा, समाज में भाईचारा, समानता और ईमानदारी की भावना को सशक्त बनाना होगा तो आइए हम सब भारत को स्वच्छ, सशक्त और विकसित राष्ट्र बनाने में अपना योगदान दें तथा शिक्षा अनुशासन और सदाचार को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
विद्यालय के छात्र परिषद के वरिष्ठ छात्र रूशील कुमार साहू ने भी इस विशेष अवसर पर अपना संदेश प्रेषित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल तिरंगा फहराने का नाम नहीं है। यह हमारे कर्तव्यों, हमारे आचरण और हमारे संकल्प का भी नाम है। यदि हम भ्रष्टाचार, आलस्य और असमानता को अपने देश में रहने देंगे, तो यह आज़ादी अधूरी रह जाएगी।आइए, हम संकल्प लें कि हम ईमानदारी, परिश्रम और एकता के मार्ग पर चलेंगे। अपने ज्ञान, अपने कर्म और अपने व्यवहार से भारत को और ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।
इस शानदार कार्यक्रम में विद्यालय में जर्मन भाषा की शिक्षिका तथा जर्मन नागरिक 'सुश्री कोरा वुटेम्बरगर' के धन्यवाद प्रस्ताव द्वारा कार्यक्रम का समापन हुआ, कार्यक्रम का सफल संचालन कक्षा बारहवीं की छात्रा संजना एवं वैभवी वर्मा के द्वारा किया गया।
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