फिट इंडिया एंड सेव एनवायरमेंट अभियान अंतर्गत : NCC के बच्चों को स्वस्थ रहने एवं पर्यावरण संरक्षित करने हेतु प्रेरित किया सतीश ने
Praveen Nishee Wed, Aug 27, 2025
मनेंद्रगढ़। एमसीबी। स्वामी आत्मानंद विद्यालय मनेंद्रगढ़ में सतीश द्विवेदी ने एनसीसी के बच्चों से परिचर्चा के दौरान पर्यावरण पर चर्चा करते हुए बताया तापमान का बढ़ना, ग्लेशियर का पिघलना, प्रदूषण पढ़ना, बीमारियां रोग, असमायिक वर्षा, फसलों को नुकसान, समुद्र का जलस्तर बढ़ना, तटीय क्षेत्र डूब की स्थिति में आना आदि इंसान के लिए घातक है, यह समस्या किसी एक देश की नहीं बहुत से देश की है, प्रकृति प्रेरणादाई है हमें बहुत कुछ देती है परंतु हम उसका ही दोहन शुरू कर देते हैं तो वह हमारा दोहन तो करेगी ही चाहे वह किसी भी रूप में हो, उदाहरण के तौर पर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में आए भूस्खलन कई क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति आदि , आईपीआईसी शिकागो विश्वविद्यालय के ऊर्जा नीति संस्थान के शोधकर्ताओं ने कहा कि दुनिया भर में प्रदूषण के आंकड़ों में भारत में बहुत ज्यादा वृद्धि हो रही है, दिल्ली जैसी जगह पर आज भी शुद्ध हवा का न मिलाना, साथ ही बड़े-बड़े शहरों में जहरीली हवा से सर्दी खांसी और दम फूलने जैसी बीमारियां बढ़ी हैं वायु प्रदूषण के जहरीले कण अब इंसानों के दिमाग तक पहुंच कर सांस से जुड़ी परेशानियां ही नहीं बल्कि सोचने समझने की क्षमता को भी प्रभावित कर रहा है, कारण पृथ्वी में वनों का काम होना जिसके कारण पृथ्वी का रंग धूसर रंग में बदलना, हम कहां जा रहे हैं ? हमें इस क्षेत्र में भी विकास करना होगा, हमें पेड़ों की कटाई रोकनी होगी और जंगलों की संरक्षण पर बल देना होगा, उद्योगों से खासकर रासायनिक इकाइयों से निकलने वाले कचरे को फिर से उपयोग में लाने लायक बनाने के लिए ईमानदारी से कोशिश करनी होगी, पर्यावरण सुधार के लिए हर व्यक्ति को जमीन स्तर पर जोड़ना होगा, ज्यादा से ज्यादा पौधा रोपण करें उसे सुरक्षित रखें विशेष का रूप से बरगद, पीपल, आम ,शीशम आदि के पेड़ ज्यादा से ज्यादा लगायें, पॉलिथीन का उपयोग पूर्णतया बंद करें, एक दिन नो फ्यूल डे यानी डीजल पेट्रोल से चलने वाले वाहनों को ना चलाएं, जंगल को आग से बचाएं , किसान भाई पराली को ना जलाएं, आदि अनेक दीर्घकालिक उपाय करने होंगे, पेड़ है तो हवा है हवा है तो हम हैं, श्री द्विवेदी के द्वारा स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन कम से कम 10 से 15 किलोमीटर साइकलिंग पर जोड़ दिया गया, उनके द्वारा बताया गया कि जब आप साइकलिंग करते हैं तो पर्यावरण को भी कहीं ना कहीं संरक्षित करते हैं, वे साइकिलिंग के दौरान सीड्स बाल का उपयोग करते हैं, उनके द्वारा बच्चों को सीड्स बाल बनाने की विधि और उपयोग करने की विधि बताई,
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