छालीवुड कलाकारों ने दी बंजी बुंदेली क्षेत्र में दस्तक. : गीतो के एलबम की शूटिंग स्थानीय लोककारों में हुआ नवीन ऊर्जा का संचार
Praveen Nishee Wed, Nov 12, 2025
मनेंद्रगढ़। एमसीबी। छत्तीसगढ़ राज्य की कला संस्कृति और लोक गीत संगीतों की एक गौरवशाली विरासत अत्यंत समृद्ध और जन जन के आत्मा में बसी है। इस विरासत को समय समय पर पुष्पित पल्लवित करने स्व. खुमानसाव, स्व. रामचन्द्र देशमुख, स्व. लक्ष्मण मस्तुरिया, पदश्री तीजन बाई. स्व. देवदास बंजारे रामेश्वर वैष्णव शिवकुमार तिवारी, केदार यादव, पद्म श्री ममता चन्द्राकर, स्व. घुरवाराम मरकाम, कविता वासनिक पद्म श्री उषा बारले, रेखा जलक्षत्री रितु वर्मा, सावित्री कहार आदि ने इस विरासत को सफलता पूर्वक आगे बढ़ाया ही नहीं बल्की इसे अत्यंत गरिमा पूर्व ढंग से समृद्ध भी किया है।
इसी परंपरा के एक सशक्त हस्ताक्षर नवलदास मानिकपुरी हैं। जो एक अच्छे गीतकार अभिनेता और गायक हैं। श्री मनिकापुरी कबीर भंजन सम्राट, पंथी संगीतकार भंजन के विशेष ज्ञाता और सिद्धस्त के रूप में भी काफी मशहूर है। गीत और निर्गुण उनके गाये कई गीतों के एलबम रिलीज हो चुके है। वे छत्तीगसढ़ लोक कलाकार कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष भी है। उनका इस क्षेत्र के कई लोक कलाकारों से काफी लगाव और आत्मीय संम्बध रहे हैं और इसी सिलसिले में उनका कई बार मनेन्द्रगढ़ अंचल के ग्राम बंजी बुंदेली में आगमन हुआ है। यहां का भौगोलिक एवं प्राकृतिक सौन्दर्य, ग्राम्य जनजीवन और लोक कलाकारो के आत्मीय व्यवहार से वे काफी प्रभावित हुये हैं। इसलिए उन्होने अपने अगले गीतों के एलबम के लिये इस क्षेत्र के कलाकारो को भी शामिल करने का फैसला किया, और अभी विगत दिनो उनके द्वारा पूरी टीम के साथ आकर चार गानों की शुटिंग किया गया है। जिसमें स्थानीय कलाकारो को भी अभिनय का मौका दिया गया है।
पहला गाना प्रमुख रूप से करमा गीत का है, गीत के बोल है मोह डारे रानी नैना मिला के.... इस गीत के गीतकार संगीतकार नवलदास मनिकापुरी है, स्वर दिया है श्यामबिहारी दीवान एवं छालीबुड सिंगर मोनिका वर्मा का है। इस गीत के प्रोड्यूसर श्यामबिहारी दीवान और अभिनय निखिल चौहान और रिसिका साहू द्वारा किया गया है दूसरा गीत एक प्रेम गीत है जिसके बोल है ऐ मोर मयारू रानी..."
इसके प्रोड्यूसर श्यामबिहारी दीवान गीतकार संगीतकार नवलदास मनिकापुरी है स्वर दिया है नवलदास मनिकापुरी और रूपाली सांकरे ने इसमें अभिनय देवनिषाद और संध्या राजपूत ने किया है। तीसरा गीत एक प्रेम गीत है जिसके बोल है तोर प्यार मा हो गेओं दिवाना... इस गीत के प्रोड्यूसर श्रवण विश्वकर्मा, गीतकार, संगीतकार है। स्वर एवं संगीत दिया है नवलदास मनिकापुरी एवं अमृतदास साहू ने, अभिनय सीजी खेसारी एवं पिकी साहू द्वारा किया गया है चौथा गीत के एक मितान गीत है। जिसके बोल है 'प्राण भले छूट जावे चाहे दुनियादारी इसके प्रोड्यूसर श्यामबिहारी दीवान, गीतकार संगीतकार नवलदास मनिकापुरी. गायक है नवलदास मनिकापुरी एवं श्यामबिहारी, इसमें अभिनय नवलदास मनिकापुरी, श्यामबिहारी, अर्जुन बघेल, परमेश्वर सिंह मरकाम एवं मुन्नालाल ग्राम नारायणपुर आदि कलाकारो द्वारा किया गया है। उपरोक्त सभी गीतों की शूटिंग में कैमरा मैन शेखर और राहुल . ड्रोन कैमरा मैन वीरेन्द्र सिंह आदि का बहुत-बहुत सकिय और सराहनीय योगदान रहा। उक्त सभी गीतों की इस अंचल में शूटिंग होने से स्थानीय कलाकारों में नवीन ऊर्जा का संचार हुआ है जो आने वाले समय में लोकगीत संगीत और कला के क्षेत्र में एक नया सोपान गढ़ेगा। छालीवूड के सभी कलाकारों का जोगनी कला मंच बंजी बुंदेली के परमेश्वर सिंह, मोहनदास, कैन्हयालाल, मेवालाल, ओमप्रकाश, ईश्वर सिंह आदि के द्वारा गर्म जोशी के साथ स्वागत सत्कार किया गया

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