Advertisment

30th June 2026

BREAKING NEWS

108 एम्बुलेंस में गूंजी नवजात की किलकारी

मनेन्द्रगढ़ में पल्स पोलियो अभियान का आगाज, नपा अध्यक्ष प्रतिमा यादव ने बच्चों को पिलाई 'दो बूंद जिंदगी की'

नारी राग-रंग महोत्सव हसदेव एरिया–2026 का रंगारंग समापन, प्रतिभाओं का हुआ भव्य सम्मान

सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना,राष्ट्रीय गौरव एवं भारतीय मूल्यों के लिए नई चेतना

भवन में तेज डीजे से वार्डवासी परेशान, पुलिस से कार्रवाई की मांग

: छ्ग की राजनीति में उतरे कुछ नौकरशाह,आईएएस, आईपीएस भी शामिल.

Admin Sun, May 26, 2024

छत्तीसगढ़ की राजनीति में कुछ नेताओं ने सरकारी नौकरी छोड़‌कर राजनीति में अपना भविष्य बनाया‌। छत्तीसगढ़ के पहले सीएम स्वर्गीय अजीत जोगी, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ चरणदास महंत, पूर्व आईएएस ओपी चौधरी की बात की जाए या फिर दिग्गज आदिवासी नेता नंदकुमार साय की,ऐसे ही कई नौकरशाह विधायक और सांसद भी बने। रामपुकार सिंह, मोहन मरकाम, रेणु जोगी, सावित्री मंडावी, डॉ कृष्ण कुमार बाँधी,विक्रम उसेंडी जैसे तमाम नेता जिन्होंने राजनीति में मुकाम हासिल किए हैं, छत्तीसगढ़ के जिक्र में एक नाम है अजीत जोगी का...। जोगी ने भोपाल से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद रायपुर में साल 1964- 65 में इंजीनियरिंग कॉलेज में बतौर शिक्षक काम करने लगे। बाद में आईपीएस, आईएएस होकर 14 साल कलेक्टर के रूप में सेवाएं भी दी। सरकारी नौकरी छोड़ राजनीति में उतरे, रास, लोस सदस्य बने। छग के पहले सीएम के रूप में अजीत जोगी का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है।‌छ्ग में एक बड़ा नाम डॉ चरण दास महंत का भी है। नायब तहसीलदार पद पर चयन के बाद वे विरासत सम्हालने राजनीति में उतरे, मप्र में मंत्री,केंद्रीय राज्य मंत्री, छ्ग विधानसभा अध्यक्ष के बाद अब नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सम्हाल रहे हैं। रायपुर की कलेक्टरी छोड़ कर आईएएस,ओपी चौधरी ने राजनीति की राह पकड़ी, वर्तमान में छ्ग सरकार में वित्त मंत्री हैं, तो आदिवासी नेता नंद कुमार साय, राजनीति में आने से पहले सरकारी पेशे में रह चुके हैँ,19 73 में नायब तहसीलदार के रूप चयन हुआ लेकिन वह सेवा में नहीं गए। पत्थलगांव से पूर्व विधायक राम पुकार सिंह भी शिक्षक थे। कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, शिक्षक के रूप में काम कर ते थे। इसके बाद एलआईसी में डेवलपमेंट ऑफिसर भी रहे हैं।मरवाही के पूर्व विधायक के के ध्रुव पेशे से डॉक्टर हैं। पहली बार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू जिला कोरबा में पदस्थ हुए थे। पूर्व सीएम जोगी की पत्नी रेणु जोगी भी राजनीति में आने से पहले इंदौर और रायपुर में बतौर प्रोफे सर सेवाएं देती थी।कांकेर के पूर्व विधायक शिशुपाल सोरी भी कलेक्टर रह चुके हैं। डॉ.के के बाँधी भी राज नीति में आने के पहले सरकारी डॉक्टर थे।इधर प्रमुख सचिव के पद से सेवानिवृत आईएएस गणेश शंकर मिश्र भी भाजपा की राजनीति में उतरे हैं तो सेवानिवृत होकर एडीजी स्व.आर सी पटेल भी कॉंग्रेस के सदस्य बन गये थे। सरायपाली के पूर्व विधायक के एल नंद ,पूर्व विधायक आर के राय, विभोर सिंह आदि भी पुलिस विभाग में काम कर चुके हैं।

विज्ञापन

जरूरी खबरें