वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से : कुछ दर्द भी मिले हैं जिंदगी में उनसे... जिन्होंने जान भी ले ली और जिन्दा भी छोड़ दिया...
Praveen Nishee Fri, Sep 26, 2025
*बचत उत्सव या भूल सुधार......?
8 साल पहले मोदी सरकार ने 2017 ने ही जीएसटी लगाया था...22 सितम्बर 25 को उसके स्लेब में परि वर्तन किया,अब पीएम, कई राज्यों के सीएम, भाजपा नेता 'बचत उत्सव' की बात कर रहे हैँ,असल में यह'भूल सुधार' है,कांग्रेस का आरोप है कि 8 सालों में जीएसटी से 127 लाख करोड़ की वसूली आम जनता से (इसमें केवल 3%अमीर लोगों से )की जा चुकी है।कुछ विशेषज्ञ यह भी कह रहे हैं कि जीएसटी में फैली अनियमितताओं में सुधार बहुत देर से आया,जीएसटी में हुआ सुधार आवश्यक क़दम था, लेकिन इसे उठाने में भाजपा सरकार ने बहुत देर ही कर दी है,विशेषज्ञ यह भी कहते हैं,इस सुधार की घोषणा आगामी चुनावों (बिहार,असम,उत्तर प्रदेश) के मद्देनज़र मध्यवर्ग में दिख रही भाजपा की नीतियों के प्रति ऊब को दूर करने के लिए चुना गया प्रतीत होता है। पीएम इसे ऐसे पेश कर रहे हैं मानो पिछली सरकार ने ये टैक्स लगाए थे और भाजपा सरकार ने आम आदमी को मुक्ति दिला दी हो? वास्तविकता यह है कि साल 2017 में जीएस टी के ये स्लैब वर्तमान मोदी सरकार ने ही लागू किए थे और इनमें बदलाव काफ़ी देर से किए गए हैं"। विपक्ष भी इस बात को उजागर करने में विफल रहा कि ये टैक्स भाजपा सरकार ने ही लगाए थे,अब उनमें रियायत देकर वाहवाही लूटना चाहते हैं। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं "भाजपा सरकार के जीएसटी में उठाए गए क़दम को स्वीकार करते हैं और सरकार के साथ खड़े भी हैं, लेकिन इसके समय को लेकर सवाल उठते हैं।पिछले चुनावों में मौजूदा हालात को देख कर यह स्पष्ट है कि देश का मध्यम वर्ग जिन्होंने बहुत विश्वास, विकास के दावों पर भाजपा को वोट दिया है,वो अब इनकी नीतियों और नैरेटिव से ऊब चुका है।"ऑपरेशन सिंदूर ने देश में वह माहौल नहीं बनाया जो बालाकोट स्ट्राइक ने बनाया था।साथ ही,वोट चोरी के मुद्दे को भी भाजपा अच्छे से हैंडल नहीं कर पायी है। इसलिए जी एसटी में हुए बदलाव और लागू करने की टाइम लाइन आर्थिक राहत से ज़्यादा राजनीतिक लक्ष्यों को साधने की कोशिश समझ आती है।दरअसल "भाजपा सरकार को अपने सबसे विश्वासपात्र वोटर वर्ग को साधने का नया फ़ॉर्मूला नहीं मिल रहा है।पुरानी रणनीति काम नहीं आ रही है,जीएस टी में बदलाव से भाजपा को उम्मीद है कि दूर जाते मध्यमवर्गीय वोटर दोबारा उनके साथ नज़दीक हो जाएँगे।
नये सीएस की नियुक्ति, होगा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल...
छ्ग के नए मुख्य सचिव विकाश शील की नियुक्ति के आदेश जारी हो चुके हैं, साथ ही सरकार मंत्रालय में अफसरों की जिम्मेदारियों में अहम बदलाव कर सकती है।नये मुख्य सचिव 5 वरिष्ठ आईएएस को सुपरसिड करेंगे। छ्ग की सबसे वरिष्ठ आईएएस रेणु पिल्ले, सुब्रत साहू को मंत्रालय से बाहर पदस्थ किया जाना तय है। एसीएस से लेकर सचिव स्तर तक के अफसरों की जिम्मेदारी भी बदली जा सकती है।ब्यूरोक्रेसी में कुछ कलेक्टरों को लेकर चर्चा तेज है। फेरबदल में कुछ कलेक्टरों को इधर से उधर किए जाने की उम्मीद है।रायपुर के कलेक्टर गौरव सिंह को मंत्रालय में जिम्मेदारी दी जा सकती है।राजनांदगांव के कलेक्टर सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे प्रतिनियुक्ति में जा रहे हैँ, वहाँ किसी की नियुक्ति तय है।कोरबा कलेक्टर अजित वसंत के खिलाफ भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर ने सीएम से शिकायत की है। जाँच के बाद कार्यवाही की बात सीएम साय ने की है।साय सरकार के आने के बाद कोरबा कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कोरबा विवादों का घर था। डीएमएफ,सीएस आर फंड में भारी गड़बड़ी की शिकायत पर अजित वसंत को कोरबा भेजा था। बदलते हालात के बीच सरकार उन्हें हटा बड़ी भूमिका में ला सकती है। सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर, बेमेतरा कलेक्टर रणबीर शर्मा,सारंगढ़ कलेक्टर संजय कन्नौजे,कबीरधाम कलेक्टर गोपालवर्मा,बस्तर कलेक्टर हरीश एस, बल रामपुर- रामानुजगंज कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, सक्ती कलेक्टर अमृत विकास टोपनो सहित कई जिलों के कलेक्टर इधर से उधर किए जा सकते हैं। उच्च पदस्थ अधिकारियों को कहना है कि सूबे की साय सरकार के लगभग दो साल पूरे हो गए हैं।सुशासन का नारा बुलंद कर रही सरकार प्रशासनिक कसावट पर गंभीर है। सरकार की नजर कलेक्टरों के काम काज पर है। नानपरफार्मर कलेक्टरों को साय सरकार साइड लाइन करने के मूड में आ गई है।साय सरकार को सत्ता में आए करीब दो साल गुजर गए हैं। प्रशासनिक कामकाज को दुरुस्त करते हुए जमीन पर एजेंडा पूरा करने के लिहाज से ढाई साल का वक्त ही सरकार के पास है,राजनीतिक मोर्चे पर घेराबंदी की होगी,जाहिर है सरकार कोई रिस्क लेना नहीं चाहेगी।
सौम्या की 8 करोड़ की सम्पति कुर्क.......

छग की एसीबी- ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित राज्य सेवा अफसर और पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया की करीब 8 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर दी है। यह कार्रवाई कोल घोटाले में जेल जा चुकी सौम्या के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की गई है।राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की गई पहली बड़ी कुर्की कार्रवाई है। विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रायपुर ने आदेश जारी कर सौम्या चौरसिया की 16 अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। जांच में सामने आया है सौम्या चौरसिया ने करीबी रिश्तेदारों सौरभ मोदी, अनुराग चौरसिया और अन्य के नाम पर लग भग 45 अचल संपत्तियां खरीदी थीं, जिनकी अनुमानित कीमत 47 करोड़ ₹ है। इनमें से 29 संपत्तियां (लगभग 39 करोड़ की) पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (इडी) द्वारा कुर्क की जा चुकी हैं। शेष 16 संपत्तियों को अब एसीबी-ईओडब्ल्यू ने अंतरिम कुर्की आदेश के तहत जब्त किया है। सभी संपत्तियां कोयला लेवी, अन्य भ्रष्ट स्रोतों से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। अदा लत में प्रस्तुत साक्ष्यों को देखते हुए 16 जून 2025 को कुर्की आवेदन दाखिल किया गया था, जिस पर फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायालय ने आदेश इनमें से 29 संपत्तियां (लगभग 39 करोड़ की) पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (इडी) द्वारा कुर्क की जा चुकी हैं। शेष 16 संपत्तियों को अब एसीबी-ईओडब्ल्यू ने अंत रिम कुर्की आदेश के तहत जब्त किया है। संपत्तियां कोयला लेवी,अन्य भ्रष्ट स्रोतों से अर्जित धन से खरीदी गई थी।
और अब बस......
0 बिलासपुर हाईकोर्ट ने फर्जी एनजीओ मामले में कार्रवाई करने के निर्देश सी बीआई को दिए हैँ। बताया जा रहा है कि आईएएस अफसरों ने कांग्रेस शासन के पहले से फर्जीवाड़ा किया था।इस मामले में रिटायर्ड आईएएस विवेक ढांढ, एम के राउत,डॉ आलोक शुक्ला बीएल अग्रवाल सहित अन्य का नाम आया है।
0 पत्नी ने पति को ‘पालतू चूहा’ शब्द से संबोधित किया,ससुराल वालों से अलग रहने की जिद की, इस बात को छग हाईकोर्ट ने क्रूरता माना है और कोर्ट ने इस आधार पर पति को पत्नी से तलाक की अनुमति दे दी है।
0नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई करनेवाली सी आरपीएफ के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक विभिन्न मुठभेड़ों में 177 नक्सली मारे गए, सबसे अधिक138 नक्सली अकेले छत्तीसगढ़ में मारे गए।
0 छग राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं से अपील की है कि वे नवरात्रि महोत्सव के दौरान 'गरबा' और अन्य धार्मिक आयोजनों में भाग लेने से परहेज करें।
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