वरिष्ठ साहित्यकार गंगा प्रसाद मिश्र के निवास पर : कर दुश्मनों का सर कलम/जब तिरंगा लहराएगा/तब जन गण मन गाया जाएगा
Praveen Nishee Fri, May 9, 2025
मनेन्द्रगढ़। एमसीबी। नगर के वरिष्ठ साहित्यकार गंगा प्रसाद मिश्र के निवास पर लोक संचेतना फाउंडेशन व हसदेव धारा साहित्य एवं कला मंच मनेन्द्रगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय सेना के सम्मान में आयोजित काव्य गोष्ठी में भारतीय सेना के पराक्रम का बखान करते हुए अनामिका चक्रवर्ती ने अपनी कविता पढ़ी, इसी तारतम्य में कार्यक्रम का संचालन कर रहे कासिम फूलवाला ने मेरी शान है हिन्दुस्तान, भारत की शान में कविता सुनाई आयोजन के मुख्य अतिथि बालकृष्ण गौतम ने सवैया छंद में रचना पाठ किया "दम ले,दम ले, दम ले अबहूं/दमदार कहावत लाज नहीं", संस्था के एस.एस.निगम ने नशे पर अपनी रचना पढ़ी "न ही दौलत रही,मान भी मिट चुका है/हुई जेब खाली, नशा करते करते "
नगर के अभिनेता, कार्टूनिस्ट, व्यंग्यकार जगदीश पाठक ने कहा "हे मां लक्ष्मी, तुम मेरे यहां मत आना/अभी हम भाईयों में भाईचारा कायम है "
इसी तारतम्य में डा.रामकिंकर पाण्डेय ने अपनी रचना पढ़ी "हर सन्नाटा गुंजित होगा/जब मैं स्वर लेकर पहुंचूंगा"
इसी के साथ भारतीय सेना को बधाई देते हुए भारतीय सेना के शौर्य पर वरिष्ठ साहित्यकार गंगा प्रसाद मिश्र ने भी अपनी रचना पढ़ी
कार्यक्रम के अंत में नगर के फोटोग्राफर, कवि मृत्युन्जय सोनी ने अपनी कविता पढ़ी "जाओ लाल,मत देर करो/सपनों में सूरज है पलता, देश पर मिटने का सौभाग्य सभी को नहीं मिलता"
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