संजय गुप्ता की कलम से....... : शरद पूर्णिमा की चाँदनी सिर्फ सुंदर नहीं, बल्कि अमृतमयी भी है
Praveen Nishee Mon, Oct 6, 2025
क्या आप जानते हैं — शरद पूर्णिमा की चाँदनी सिर्फ सुंदर नहीं, बल्कि अमृतमयी भी है?
पुराणों और वेदों में वर्णन है कि शरद पूर्णिमा की रात स्वयं चंद्रदेव अपनी सोलहों कलाओं से परिपूर्ण होते हैं —
उस रात उनकी किरणों में “अमृत तत्व” का संचार होता है। 🌙
कहते हैं — जब हम चाँदनी में दूध या खीर रखते हैं, तो वह सिर्फ परंपरा नहीं होती…
वह देवताओं के आशीर्वाद को ग्रहण करने की प्रक्रिया होती है।
उस अमृतमयी चाँदनी से स्पर्श पाकर वह खीर दिव्य प्रसाद बन जाती है,
जिसे अगली सुबह ग्रहण करने से स्वास्थ्य, सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। 🌿
📜 वेदों का संकेत
ऋग्वेद में कहा गया है —
> “चंद्रमा मनसो जातः”
अर्थात चंद्रमा मन से उत्पन्न है।
इसलिए शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणें मन की शुद्धि और शांति का प्रतीक मानी जाती हैं।
🔬 विज्ञान की दृष्टि से
इस रात का आकाश स्वच्छ और वातावरण संतुलित होता है।
चंद्र किरणों में प्राकृतिक UV ऊर्जा और शीतलता अधिक होती है।
चाँदनी में रखी खीर में यह ऊर्जा समा जाती है, जिससे शरीर को ठंडक, पाचन में संतुलन, और मन को शांति मिलती है।
💫 आध्यात्मिक संदेश
जिस तरह खीर चंद्र किरणों से “अमृत” सोख लेती है,
वैसे ही हमें भी इस रात अपने भीतर शांति, सुकून और प्रकाश भर लेना चाहिए।
यह रात याद दिलाती है कि जीवन की मिठास भी तभी बढ़ती है जब उसमें ठहराव और संतुलन हो। 🌸
विज्ञापन