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सिविल हॉस्पिटल मनेंद्रगढ़ में दिखा आमूलचूल परिवर्तन : युवा अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी के नेतृत्व में साफ-सफाई और सुविधाओं में हुआ उल्लेखनीय सुधार

Praveen Nishee Tue, Nov 11, 2025

राज्य पर्यवेक्षक मंडल की सदस्य डॉ. रश्मि सोनकर ने निरीक्षण के बाद व्यक्त की संतुष्टि

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। मनेंद्रगढ़ सिविल हॉस्पिटल की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। जहां कभी अव्यवस्था और दुर्गंध का माहौल हुआ करता था, वहीं अब स्वच्छता, व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एक आदर्श अस्पताल के रूप में यह उभर कर सामने आया है। अस्पताल का यह कायाकल्प अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी के नेतृत्व में संभव हुआ है, जिन्होंने सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए अस्पताल को नई पहचान दी है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के राज्य पर्यवेक्षक मंडल की सदस्य डॉ. रश्मि सोनकर ने आज निरीक्षण के दौरान कहा कि “पहले और अब में जमीन-आसमान का फर्क दिखाई देता है। अस्पताल में प्रवेश करते ही सबसे अच्छा अनुभव यह हुआ कि अब कहीं भी दुर्गंध महसूस नहीं होती। स्वच्छता व्यवस्था इतनी सुदृढ़ है कि प्रतिदिन तीन बार सफाई होती है और रविवार को विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाता है।”

डॉ. सोनकर ने बताया कि अब अस्पताल में रेफरल केस बहुत कम हो गए हैं। प्रत्येक माह लगभग 150 सामान्य प्रसव और 15 से 25 सिजेरियन डिलीवरी सफलतापूर्वक की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि “स्वास्थ्य मंत्री का सपना है कि सरकारी अस्पतालों को फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाओं से लैस किया जाए — और मनेंद्रगढ़ अस्पताल में यह सपना साकार होता नजर आ रहा है।”

उन्होंने बताया कि मंत्री के मार्गदर्शन में जिले में विशेषज्ञ डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, अत्याधुनिक उपकरण, आवश्यक दवाइयाँ और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। अस्पताल कर्मियों के चेहरों पर भी उत्साह और संतोष झलक रहा है।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी ने निरीक्षण के दौरान बताया कि कुछ कमियाँ अब भी बनी हुई हैं, जिनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं।

अंत में डॉ. सोनकर ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि “सरकारी संस्थानों की साफ-सफाई और रखरखाव केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि हम सभी नागरिकों का कर्तव्य है। यह परिसर जनसेवा के लिए बनाए गए हैं, इसलिए इनकी स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखना हम सबका साझा उत्तरदायित्व है।”

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