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अखिल भारतीय साहित्य परिषद : साहित्य के राष्ट्रीय अधिवेशन में, स्थानीय साहित्यकारों की रही विशिष्ट सहभागिता

Praveen Nishee Wed, Nov 12, 2025

मनेद्रगढ़। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के 17वें राष्ट्रीय अधिवेशन मे , स्थानीय वरिष्ठ साहित्यकार सतीश उपाध्याय, ने , एमसीबी जिला से, छत्तीसगढ़ से प्रतिनिधित्व किया। रींवा (मध्य प्रदेश)के कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में आयोजित इस राष्ट्रीय अधिवेशन में , शासकीय कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रामकिंकर पांडे के निर्देशन में, मनेद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले से उमाकांत मिश्रा, (चिरमिरी) एवं सतीश उपाध्याय मनेंद्रगढ़ ने छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से की विशिष्ट प्रतिनिधित्व किया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रथम सत्र में अधिवेशन का शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि विंध्य, साहित्य और संगीत की भूमि है यह बीरबल और तानसेन जैसे व्यक्तियों की जन्म भूमि है। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तीन दिवसीय अधिवेशन में देश भर के लगभग 1000 साहित्यकारों और विद्वानों की सहभागिता रही। मुख्य आसंदी से पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी भाषाओं और परंपराओं को औपनिवेशिक काल भी प्रभावित नहीं कर पाया, इसकी मुख्य वजह है कि साहित्य समाज की आत्मा है जिसमें भाषा, गीत रचनाशीलता जीवित रहती है। उन्होंने कहा कि साहित्य में ही समाज की आत्मा जागृत होती है। बतौर मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति ने आगे कहा कि निराशा में आशा की किरण कला संस्कृति और साहित्य से ही संभव है। राष्ट्रवाद में साहित्य की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि आज वंदे मातरम की रचना को 150 साल पूरे हो चुके हैं। देश में सदियों की पराधीनता में भी साहित्य ने बौद्धिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों का दीप जलाए रखा। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के अध्यक्ष डॉ सुशील चंद्र त्रिवेदी उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। पूर्व राष्ट्रपति ने रीवां के महाराजा विश्वनाथ सिंह को भी याद किया और कहा कि हिंदी में पहला नाटक लिखकर साहित्य को नई दिशा देने में उनका योगदान रहा। उन्होंने कहा। विंध्य क्षेत्र साहित्य और साधना का संगम है ।इस दौरान उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है, रींवा में राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम ने गरिमा बढ़ाई है। कार्यक्रम में महाराष्ट्र से आए वरिष्ठ साहित्यकार विश्वास महिपति पाटिल , राष्ट्रीय महामंत्री ऋषि कुमार मिश्रा ,श्रीधर पराड़कर रींवा के शिक्षाविद डॉ बी एन त्रिपाठी के साथ सांसद जनार्दन मिश्रा मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल सहित अन्य विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति रही। अखिल भारतीय साहित्य परिषद आयोजन समिति के सदस्य डा रामकिंकर पांडे ने कहा कि - शीघ्र ही परिषद के केंद्रीय समिति के सदस्यों की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय साहित्य परिषद का विस्तार किया जाएगा।

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