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प्रदेश में 57 महतारी सदन भवनों का लोकार्पण : यह भवन महिलाओं के आत्मविश्वास और संगठन का प्रतीक बनेगा-श्याम बिहारी जायसवाल

Praveen Nishee Wed, Sep 24, 2025

मनेंद्रगढ़ । एमसीबी। छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धमतरी से एक साथ पूरे प्रदेश में 57 महतारी सदन भवनों का लोकार्पण किया। इसी कड़ी में एमसीबी जिले के खड़गवां जनपद के ग्राम बरदार और रतनपुर में भी महतारी सदन भवन का शुभारंभ हुआ, जिसका फीता प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने काटा। इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्र महिलाये व बहने सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे ।

सरकार का यह कदम सिर्फ एक भवन का निर्माण भर नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और संगठित बनाने की दिशा में उठाया गया ठोस प्रयास है। इन सदनों को महिलाओं के लिए संवाद और सामूहिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ महिलाएँ योजनाओं की जानकारी हासिल कर सकेंगी, स्वरोजगार और कौशल विकास पर चर्चा करेंगी, साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम और उत्सवों के जरिए सामाजिक जुड़ाव को भी मजबूत करेंगी।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लोकार्पण अवसर पर कहा –

गांव की माताएं-बहनें अब महतारी सदन में बैठकर अपने काम सीखेंगी, चर्चा करेंगी और उत्सव भी मना सकेंगी। यह भवन महिलाओं के आत्मविश्वास और संगठन का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री को मैं इस ऐतिहासिक पहल के लिए बधाई देता हूं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रथम चरण में पूरे प्रदेश में जिन भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका था, उनका आज सामूहिक रूप से लोकार्पण किया गया। खड़गवां जनपद के दोनों महतारी सदन अब ग्रामीण महिलाओं के लिए सीखने, जुड़ने और आगे बढ़ने का नया मंच बनेंगे।

ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि अब उन्हें अपनी समस्याओं, योजनाओं और विकास की चर्चा के लिए अलग जगह मिलेगी। साथ ही यहां होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम गांव की पहचान को और मजबूत करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल ग्रामीण अंचल की महिलाओं को संगठित शक्ति में बदलने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। राज्य सरकार की यह पहल नारी शक्ति को नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में गांव-गांव की माताएं और बहनें विकास की धारा से और मज़बूती से जुड़ेंगी।

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